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मैं पूरी ईमानदारी से अपना काम करती हूं : डॉ. दीपिका

  • January 18, 2026
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-महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दीपिका शुक्ला ने की विशेष बातचीत -मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मेरे द्वारा पढ़ाया जाने वाला हर छात्र जीवन

मैं पूरी ईमानदारी से अपना काम करती हूं : डॉ. दीपिका

-महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दीपिका शुक्ला ने की विशेष बातचीत

-मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मेरे द्वारा पढ़ाया जाने वाला हर छात्र जीवन में सफल हो

-छात्रों के जीवन में स्वर्णिम भविष्य के लिए ही मैं हमेशा दिन और रात कड़ी मेहनत करती हूं

एक सफल प्रोफेसर में हमेशा हर वक्त स्पष्ट और प्रभावी ढंग से समझाने की होती है क्षमता

Jagrat Times, कानपुर : अगर जीवन में आगे बढ़ना है, विकास करना है और अपने सपनों को साकार करना है तो अच्छी शिक्षा हासिल करना बहुत जरूरी है। क्योंकि किसी भी सफलता की सीढ़ी अच्छी शिक्षा ही होती है। बगैर अच्छी शिक्षा के जीवन में कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है। अच्छी शिक्षा के साथ ही शैक्षिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महाराणा प्रताप डेंटल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.दीपिका शुक्ला ने बताया कि शिक्षा की उपयोगिता व्यक्ति और समाज दोनों के लिए अपार है, जो ज्ञान, कौशल और मूल्यों का संचार कर व्यक्तिगत विकास, आर्थिक स्वावलंबन, बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करती है, तथा अंधकार को मिटाकर आत्मविश्वास, तर्कशक्ति और सामाजिक जागरूकता बढ़ाती है, जिससे एक सभ्य प्रगतिशील और समृद्ध समाज का निर्माण होता है। विशेष बातचीत में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपिका शुक्ला ने बताया कि मैं पूरी ईमानदारी से अपना करती हूं। मेरे जीवन का एक ही उद्देश्य है कि मेरे द्वारा पढ़ाया और शीक्षित होने वाल हर छात्र अपने जीवन में सफल हो सके। इसी मनसा के साथ ही मैं दिन और रात मेहनत करती हूं। में कभी भी छात्रों के अधिक या विचित्र सवालों से परेशान या उलझन में नहीं आती हूं बल्कि उनको सही और संतुलित उत्तर देकर उनका ज्ञान बढ़ाने के साथ ही उनकीजिज्ञासा को भी शांत करती हूं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशिक्षण देने की अद्भुत कला जानने वाली डॉ.दीपिका शुक्ला अपने इंस्टीट्यूट के अलावा कानपुर शहर में भी बहुत चर्चित है। डॉ. दीपिका शुक्ला के पढ़ाने और समझाने के तरीकों से सभी छात्र बहुत प्रभावित होते हैं और उनके मार्गदर्शन में अपना भविष्य संवार रहे हैं। संबंधित विषय पर और विस्तार से चर्चा करते हुए डॉ. दीपिका शुक्ला ने कहा कि एक अच्छी महिला प्रोफेसर में ज्ञान, उत्कृष्ट संचार कौशल, सहानुभूति,रचनात्मकता और छात्रों के प्रति समर्पण जैसे गुण होते हैं, जो उन्हें एक प्रेरणादायक और सहायक मार्गदर्शक बनाते हैं; वह छात्रों को प्रेरित करती हैं, चुनौतीपूर्ण बनाती हैं, और एक समावेशी, सम्मानजनक वातावरण बनाती हैं जहाँ हर कोई सीख सके और विकसित हो सके, और वे खुद भी एक सकारात्मक रोल मॉडल होती हैं। अपने अनुभव के साथ ही छात्रों की प्रतिक्रियाओं पर भी जानकारी देते हुए डॉ. दीपिका शुक्ला ने बताया कि विषय वस्तु का गहरा ज्ञान, जो छात्रों को प्रेरित करता है और उन्हें जटिल अवधारणाओं को समझने में मदद करता है। स्पष्ट और प्रभावी ढंग से समझाने की क्षमता, साथ ही सक्रिय रूप से सुनने की क्षमता ताकि छात्र अपनी बात कह सकें। छात्रों की व्यक्तिगत चुनौतियों को समझना और उनके प्रति करुणा दिखाना, जिससे एक आरामदायक सीखने का माहौल बनता है। रचनात्मक सोच का उपयोग करके कक्षा को जीवंत बनाना और छात्रों को सीखने के लिए प्रोत्साहित करना, उन्हें महानता की ओर प्रेरित करना। छात्रों के लिए आसानी से उपलब्ध होना और उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना, जिससे वे खुलकर बात कर सकें। सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार करना और उन्हें अपनी राय व्यक्त करने का समान अवसर देना। समय का प्रबंधन करना और कक्षा के लिए अच्छी तैयारी के साथ आना। नैतिक अखंडता, संतुलित कार्य-जीवन और निरंतर सीखने के माध्यम से छात्रों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करना। छात्रों की जरूरतों के अनुसार शिक्षण के तरीकों को बदलने की क्षमता। उनके भविष्य और समग्र विकास में वास्तविक रुचि लेना।

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