असम की खुशबू को दुनिया तक पहुंचा रहीं हैं डॉ. पाकीज़ाह रहमान
- May 31, 2026
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-MJI Group और MJI Perfumes की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. पाकीज़ाह रहमान नेअसम की पारंपरिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई Jagrat Times, मरजिया जाफर, नई दिल्ली : असम
-MJI Group और MJI Perfumes की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. पाकीज़ाह रहमान नेअसम की पारंपरिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई Jagrat Times, मरजिया जाफर, नई दिल्ली : असम
-MJI Group और MJI Perfumes की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. पाकीज़ाह रहमान ने
असम की पारंपरिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई
Jagrat Times, मरजिया जाफर, नई दिल्ली : असम की मिट्टी से उठी एक खुशबू आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों तक अपनी पहचान बना चुकी है। इस खुशबू के पीछे हैं डॉ. पाकीज़ाह रहमान, जिन्होंने पारंपरिक अगरवुड (Oudh/Agarwood) उद्योग को आधुनिक सोच, वैज्ञानिक तकनीक और महिला नेतृत्व के साथ एक नई दिशा दी। डॉ. पाकीज़ाह रहमान को “100 आइकॉनिक वुमेन ऑफ इंडिया अवॉर्ड्स 2026” के लिए चुना गया है। वह MJI Group और MJI Perfumes की संस्थापक एवं निदेशक हैं। उन्होंने असम की पारंपरिक विरासत को केवल एक स्थानीय व्यापार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक का सफर
डॉ. पाकीज़ाह रहमान चार बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई असम में पूरी की और बाद में दिल्ली जाकर CAT की तैयारी की। इसके बाद उन्होंने Human Resource Management में MBA किया और Labor Laws में डिप्लोमा भी हासिल किया।
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने एक ब्रिटिश ऑर्गनाइजेशन में Customer Care Officer के रूप में की। बाद में शादी के बाद वह सऊदी अरब चली गईं, जहां जेद्दा के एक ब्रिटिश करिकुलम स्कूल में Business Studies और Economics पढ़ाने लगीं। यहीं से उन्हें यह एहसास हुआ कि असम का अगरवुड केवल एक स्थानीय संसाधन नहीं, बल्कि दुनिया की लग्ज़री फ्रेगरेंस इंडस्ट्री का अहम हिस्सा बन सकता है।
अगरवुड क्या है?
अगरवुड एक विशेष प्रकार का पेड़ होता है, जिसके अंदर फंगस संक्रमण के बाद काला भाग बनता है। यही हिस्सा सबसे कीमती माना जाता है और इसी से ऊद (Oudh) का तेल निकाला जाता है, जो दुनिया के सबसे महंगे और लोकप्रिय इत्रों में इस्तेमाल होता है।
डॉ. रहमान बताती हैं कि पहले पारंपरिक हाइड्रो डिस्टिलेशन तकनीक से तेल निकाला जाता था, जिसमें अधिक धुआं, प्रदूषण और क्वालिटी की समस्या होती थी। लेकिन उनके पति ज़हूरुल इस्लाम ने Steam Distillation तकनीक विकसित की, जिससे बेहतर गुणवत्ता वाला शुद्ध तेल तैयार होने लगा। इस तकनीक के लिए उन्होंने पेटेंट भी हासिल किया।
किसानों को मिला सम्मान और सही दाम
डॉ. पाकीज़ाह रहमान और उनकी टीम ने केवल बिजनेस नहीं किया, बल्कि असम के किसानों और अगरवुड उगाने वाले परिवारों को भी सशक्त बनाया।पहले कई लोग किसानों से बेहद कम दामों में पेड़ खरीद लेते थे और विदेशों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। लेकिन MJI Group ने Forest Department के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया अपनाई और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाया। डॉ. रहमान बताती हैं कि कई बुजुर्ग महिलाएं पहली बार सम्मानजनक रकम देखकर भावुक हो गईं।

200 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार
डॉ. पाकीज़ाह रहमान की टीम में लगभग 200 महिलाएं काम करती हैं। ये महिलाएं अगरवुड प्रोसेसिंग, बखूर निर्माण, पैकेजिंग, फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स और अन्य उत्पादन कार्यों से जुड़ी हुई हैं। उनका मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता से आता है। यही वजह है कि उन्होंने अपने व्यवसाय में बड़ी संख्या में महिलाओं को अवसर दिया और उन्हें प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया।
“Made in Assam” को मिली वैश्विक पहचान
MJI Perfumes ने हमेशा “Made in Assam” को प्राथमिकता दी। कंपनी ने असम के संसाधनों को बाहर ले जाकर किसी और नाम से बेचने के बजाय, वहीं उत्पादन कर वैश्विक स्तर पर पेश किया। उनके ब्रांड के लोकप्रिय उत्पादों में Oud Assamica, और MJI Bakhoor शामिल हैं। मंदिरों से लेकर अरब देशों तक डॉ. रहमान का “बखूर” केवल अरब देशों में ही नहीं, बल्कि भारत के प्रसिद्ध मंदिरों तक भी पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि मुंबई के ISKCON Temple और सिद्धिविनायक मंदिर में भी उनके द्वारा तैयार किया गया बखूर इस्तेमाल किया जाता है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और भारतीय परंपराओं को जोड़ने का एक सुंदर उदाहरण है।

महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं डॉ. पाकीज़ाह रहमान
महिलाओं के लिए प्रेरणा डॉ. पाकीज़ाह रहमान का मानना है कि महिलाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने कौशल, शिक्षा और संस्कृति को व्यवसाय और नेतृत्व में बदलना चाहिए। उन्होंने Aromatic Candles, Attar और Natural Fragrance Products के जरिए पारंपरिक खुशबू को आधुनिक लाइफस्टाइल से जोड़ा।आज वह केवल एक बिजनेसवुमन नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक दूत, महिला उद्यमिता की मिसाल और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।