सीनियर जर्नलिस्ट मर्जिया जाफर से जानिए, धुरंधर मूवी के Fa9la song यानी फसला गाने का अर्थ
- December 18, 2025
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-यह गाना बलूच गैंगस्टर रहमान डकैत की personality की ही झलक है। जिसपर लोग थिरक रहे हैं -वैसे पूरा भारत यहां तक कि पाकिस्तान के दर्शक भी इस
-यह गाना बलूच गैंगस्टर रहमान डकैत की personality की ही झलक है। जिसपर लोग थिरक रहे हैं -वैसे पूरा भारत यहां तक कि पाकिस्तान के दर्शक भी इस
-यह गाना बलूच गैंगस्टर रहमान डकैत की personality की ही झलक है। जिसपर लोग थिरक रहे हैं
-वैसे पूरा भारत यहां तक कि पाकिस्तान के दर्शक भी इस बहरीन के गाने के दीवाने हो रहे हैं
Jagrat Times, Noida/ फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना पर फिल्माया गया गाना तो आपने देखा और सुना तो होगा ही…इस संग की बिट पर थिरके भी होंगे
लेकिन कुछ समझ आया क्या?
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की धूम मची हुई है। यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि फिल्म के मुख्य किरदार हमज़ा से ज्यादा चर्चा फिल्म के विलेन रहमान डकैत की हो रही है। फराह खान ने तो उनके लिए ‘ऑस्कर अवॉर्ड’ तक की डिमांड कर दी है। यदि आपको कुछ भी नहीं समझ में आया है तो चलिए मैं बताती हूं…

हेलो दोस्तों मेरा नाम marziya jafar है, और आज हम बात करेंगे अक्षय खन्ना की फिल्म धुरंधर के ट्रेडिंग ट्रैक फसला के बारे में। जो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है।
Fa9la song बहरीन के रैपर हुसाम असीम उर्फ फ्लिप राची ने गाया है और डीजे आउट लॉ ने इसका म्यूजिक दिया है। लोगों की समझ से बाहर ये गाना खूब पसंद भी किया जा रहा है। इस पर खूब रील भी बन रही है फसला ने ऑनलाइन एक नया ट्रेंड सेट कर दिया है और अक्षय खन्ना के एंट्री डांस मूव्स ने महफिल लूट ली। तो आइए हम इस अरेबिक गाने के लिरिक्स और उनका हिंदी मतलब दोनों बताते हैं
गाने के बोल…
या अखी दूस दूस इंदी खुश फासलाह
चलो भाई नाचते रहो नाचते रहो मैं मजे में हूं
या अखी त्फुज़ त्फुज़ वल्लाह खुश रक़्सह
इसका मतलब है कि मेरे भाई तुम कमाल करोगे कसम से ये डांस जबरदस्त है
या अखी दूस दूस इंदी खुश फासलाह
इसका मतलब है कि मेरे भाई पूरी जान लगा दो, पूरी जान लगा दो मेरे पास एक जबरदस्त बीट है.
या अखी त्फुज़ त्फुज़ वल्लाह खुश रक़्सह
इसका मतलब है कि मेरे भाई तुम छा जाओगे कसम से ये डांस कमाल का है
इंदी लक रक़्सा क़वीय्याह या अल-हबीब
इसका मतलब है कि मेरे भाई तुम्हारे लिए मेरे पास एक ज़बरदस्त डांस है
इस्मा सबुहा खात़ बाहा नासिब
यानी इसका नाम सबूहा है किस्मत ने खुद इसे चुना है
मिद्द यिदक जहन्नक बता तीहा कफ़्फ
यानी अपना हाथ ऊपर करो और ताल मिलाओ
वा हेज जित फिक ईल खल्लिक शदीद
यानी अपने कंधे जोरों से हिलाओ मजबूत बने रहो

कुछ समझ में आया आपको। वैसे पूरा भारत यहां तक कि पाकिस्तान के दर्शक भी इस बहरीन के गाने के दीवाने हो रहे हैं, वहीं इसके नाम को लेकर कंफ्यूजन भी है। कोई इसे ‘फनला’ पढ़ रहा है, तो कोई ‘फा-नाइन-ला’, जबकि असल में यह ‘फ़स्ला’ है।
भाषाविद, पत्रकार और ‘शब्दों के सफ़र’ के लेखक अजित वड नेर कर ने ‘धुरंधर’ के FA9LA सॉन्ग के मतलब, इसके पीछे की कहानी एक fb पोस्ट किया है। वह इसके बारे में बताते हैं कि बहरीनी हिप-हॉप की दुनिया से निकलकर bollywood में गूंजने वाला यह गीत असल में ‘फ़स्ला’ है। यह गाना बलूच गैंगस्टर रहमान डकैत की personality की ही झलक है। जिसपर लोग थिरक रहे हैं, लेकिन शब्द के अर्थ से अनजान हैं।
फिल्मी पर्दे पर जब यह गाना बजता है, तो ‘शेर-ए-बलोच’ रहमान डकैत की बेपरवाह चाल, उसका अंदाज, आंखों की वीरानी दर्शकों को चौंकाती है।
भाषाविद लिखते हैं कि इसका सीधा संबंध रोजमर्रा की हिंदी और उर्दू से ही है। यह वही शब्द-परंपरा है जिससे ‘फ़सल’, ‘फ़ासला’ और ‘फ़ैसला’ जैसे शब्द निकले हैं।
FA9LA में ‘9’ का क्या मतलब है, यह ‘S’ और ‘स’ का संगम उन्होंने इस गाने के टाइटल में ‘9’ के इस्तेमाल की बड़ी रोचक जानकारी दी है। वह लिखते हैं, ‘पहली नजर में यह किसी कोड जैसा लगता है- ‘फा-नाइन-ला’। यहां अंक ‘9’ का एक विशेष ध्वनि-संकेत है।
अरबी लिपि में एक अक्षर होता है- ص जो ‘स’ की आवाज के लिए है, लेकिन इसका तालफफूस यानी उच्चारण थोड़ा भारी होता है। रोमन लिपि का ‘S’ और हिन्दी का ‘स’ तकरीबन एक जैसा ही हैं, और ये दोनों अरबी के साधारण ‘सीन’ (س) के लिए इस्तेमाल होते हैं। जबकि अंक ‘9’ की बनावट अरबी के ‘साद’ से काफी मिलती-जुलती है, अगर 9 को लिटा दिया जाए तो वो कमोबेश साद जैसा ही लगता है। इसलिए अरब के युवा अपनी ऑनलाइन चैटिंग में ‘s’ के बजाय ‘9’ को ‘साद’ के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इस तरह, ‘FA9LA’ का सही उच्चारण और वर्तनी है – ‘फ़स्ला’
बहरीन की बोलचाल में, ‘फ़स्ला’ का मतलब और यह गाना FA9LA असल में बहरीन के कलाकार फ्लिपराची और डैफ़ी का पॉपुलर गाना है, जो खाड़ी देशों में पार्टी एंथम की तरह है। अब सवाल उठता है कि आखिर इसका मतलब क्या है। बहरीनी बोलचाल में ‘फ़स्ला’ का अर्थ एक ऐसी मानसिक स्थिति से है, जहां इंसान का दिमाग सामान्य दुनिया से ‘कट’ जाता है। जब कोई व्यक्ति ज्यादा एनर्जेटिक हो जाए तो थोड़ा सनकी भी हो जाता है। उसे बहरीन में ‘फ़स्ला’ कहा जाता है। गीत के बोल में कहा गया है, ‘अना फ़स्ला’ यानी ‘मैं फ़स्ला हूं।’ कुल मिलाकर, ‘धुरंधर’ का रहमान डकैत भी तो एक ‘फ़स्ला’ ही है! वह समाज के बनाए नियम-कानून नहीं मानता। उसका अपना एक अलग कानून है। अपनी अलग दुनिया है। उसकी आंखों में एक वीरानगी है, चाल में बेफिक्री है, जो ‘फ़स्ला’ वाली मानसिक स्थिति है।

भाषाविद यानी लिंग्विस्ट ने शब्द की उत्पत्ति पर भी चर्चा की है, वो लिखते हैं। ‘बहरीन का यह मॉर्डन स्लैंग ‘फ़स्ला’ और भारतीय किसानों के जीवन का आधार ‘फ़सल’, दोनों एक ही मां की संतानें हैं। इन सभी शब्दों का जन्म एक ही अरबी धातु से हुआ है और वह है – अरबी का ف – ص – ل, जिससे बनता है फ-स-ल का का मतलब है- काटना, या अलग करना,
सदियों पहले जब यह शब्द अरब के रेगिस्तानों में जन्मा, तो इसमें ‘अलगाव’ का भाव था। इस ‘अलगाव’ या ‘काटने’ के भाव से ही खेती-किसानी का शब्द ‘फ़सल’ बना। फिल्म ‘धुंरधर’ का FA9LA, गीत सदियों का सफर तय करके आधुनिक दौर में पहुंचा है। जो शब्द पहले फ़ासला के लिए इस्तेमाल होता था, वह अब मानसिक स्थिति के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। बहरीनी युवाओं ने ‘अलग होने’ या ‘जुदा अंदाज़’ के भाव को एक नए अंदाज़ में पकड़ा। अगर कोई व्यक्ति सामान्य सोच-समझ से ‘कट’ जाए, अगर उसका दिमाग हकीकत से ‘अलग’ हो जाए, तो वह ‘फ़स्ला’ है। और यही फसला शब्द ‘धुरंधर’ फिल्म के गीत को खास बनाता है। एक शब्द जो कभी किसानों की उम्मीद (फ़सल) था, वह आज एक बलूच गैंगस्टर की सनक फ़स्ला बन गया है।