बच्चों के भविष्य को तरासने का काम करते हैं शिक्षक -बीईओ भरत लाल वर्मा
August 21, 2025
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-प्रशिक्षण के दौरान कक्ष में पहंुचे शिक्षाधिकारी-अपने कैरियर के अनुभवों को किया साझा-जिला व्यायाम अधिकारी विकास तिवारी ने भी दिये टिप्स-द्रोणाचार्य बन शिक्षकों को अर्जुन बना रहे सत्यम,
-प्रशिक्षण के दौरान कक्ष में पहंुचे शिक्षाधिकारी -अपने कैरियर के अनुभवों को किया साझा -जिला व्यायाम अधिकारी विकास तिवारी ने भी दिये टिप्स -द्रोणाचार्य बन शिक्षकों को अर्जुन बना रहे सत्यम, प्रीती व सरिता Jagrat Times, कानपुर। समाज में शिक्षक की एक अह्म भूमिका है। शिक्षक ही बच्चों के भविष्य को तरासने का काम करते है। शिक्षकों की कार्यशैली को धारदार बनाने के लिए विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपडेट करता है। उक्त बातें बिधनू ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारी भरत लाल वर्मा ने बीआरसी में हो रहे प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों से कही।
अधिकारी ने अपने अनुभव को किया साझा
शिक्षाधिकारी भरत लाल वर्मा ने अपने कैरियर के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पहले उनकी पोस्टिंग शाहजहांपुर थी। यहां का अधिकांश एरिया आदिवासी बाहुल्य था। यहां स्कूल का संचालन व बच्चों को शिक्षा देना मिशन से कम नहीं था। बावजूद एक लंबा समय उस क्षेत्र में बिताया और वहां के बच्चों को शिक्षा की मूल धारा में लाने का काम किया। वहां की अपेक्षा यहां का वातावरण आप लोगों के लिए काफी पॉजिटिव है। इसलिए बच्चों को ज्ञान देते समय यह ध्यान रखे कि आप के दिखाये हुए मार्ग से इनका भविष्य निर्धारित होगा।
शिक्षकों को शिक्षण टिप्स देते अधिकारी विकास तिवारी jagrat Times Kanpur
व्यायाम अधिकारी विकास तिवारी ने दिये टिप्स श्री तिवारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक एक्टिव रहे। सरकार व विभाग की कार्यशैली का हिस्सा है प्रशिक्षण। इसका उद्देश्य शिक्षा में आधुनिकता से आपकों अवगत कराना है। प्रशिक्षणकर्ता सिर्फ इस बात की जानकारी देते है कि आप स्कूल के निर्धारित समय में बच्चों को और कैसे शिक्षण कार्य में अपडेट कर सकते है। अधिकारी ने कहा कि आधुनिकता के युग में प्रतिदिन कुछ न कुछ नया हो रहा है। होने वाले परिवर्तनों का उपयोग करके आप कैसे अबोध बच्चों को मुख्यधारा में ला सकते है। यही पांच दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है।
सभागार में अधिकारियों की बात सुनते शिक्षक Jagrat Times Kanpur
प्रीती, सत्यम और सरिता शिक्षकों को बना रहे अर्जुन पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से बीआरसी बिधनू में द्रोणाचार्य की भूमिका में प्रशिक्षणकर्ता प्रीती दुआ, सत्यम शुक्ला और सरिता मिश्रा है। त्रिदेव जोड़ी वर्तमान आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अन्तर्गत कैसे शिक्षण कार्य करें इस काम को भेदने के लिए शिक्षकों को अर्जुन बनाने का काम बखूबी कर रहे है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक चलने वाले प्रशिक्षण क्लास में हाइटेक सुविधाओं को हथियार बनाया गया है। एनसीआरटी पुस्तकों में किस तरह के बदलाव हुए है। उसकी समस्त जानकारी शिक्षकों को बरीकी से दे रहे हैं।