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राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बनेंगे सामाजिक चेतना के केंद्र, योगी सरकार ने किया ऐतिहासिक नामकरण

  • June 28, 2025
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Jagrat Times, लखनऊ। योगी सरकार ने तकनीकी शिक्षा को एक नई दिशा देने की पहल करते हुए प्रदेश के पांच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम देश के महान

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बनेंगे सामाजिक चेतना के केंद्र, योगी सरकार ने किया ऐतिहासिक नामकरण

  • महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नैतिक आधार, राज्यपाल ने दी स्वीकृति
  • प्रदेश के पांच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए
  • युवाओं को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से योगी सरकार ने लिया निर्णय

Jagrat Times, लखनऊ। योगी सरकार ने तकनीकी शिक्षा को एक नई दिशा देने की पहल करते हुए प्रदेश के पांच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम देश के महान महापुरुषों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर रखे हैं। यह निर्णय केवल एक औपचारिक नामकरण नहीं, बल्कि एक सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक उद्देश्य से प्रेरित बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग शिक्षा को सिर्फ तकनीकी दक्षता तक सीमित न रखते हुए छात्रों को सामाजिक चेतना, न्याय, समरसता और प्रेरणा से भी जोड़ना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की स्वीकृति के बाद अब औपचारिक रूप से लागू हो गया है। इस पहल को ‘नई पीढ़ी को मूल्यों से जोड़ने वाली ऐतिहासिक पहल’ बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सामाजिक नेतृत्व की भी प्रेरणा मिलेगी।


पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों को मिला प्रेरणादायक नाम
• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रतापगढ़- भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रतापगढ़

• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मीरजापुर- सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मीरजापुर

• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बस्ती- भारत रत्न सरदार बल्लभभाई पटेल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बस्ती

• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोण्डा- माँ पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोण्डा

• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी- लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी

यह नामकरण केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इन नामों से छात्रों को प्रेरणा प्राप्त होगी और वे इन महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतार सकेंगे। इन नामों से कॉलेजों की पहचान न केवल तकनीकी शिक्षा से जुड़ी रहेगी, बल्कि छात्रों में सामाजिक चेतना, आत्मबल और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित होगी। आने वाले समय में ये संस्थान उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सामाजिक नेतृत्व के लिए भी तैयार करेंगे।

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