मुंबई में उत्तर प्रदेश डायस्पोरा MSME इन्वेस्टर रीच प्रोग्राम का आयोजन
प्रवासी उद्यमियों को दी गई प्रदेश में औद्योगिक विकास मॉडल और निवेश-हितैषी नीतियों की जानकारी
यूपी मूल के सफल उद्यमियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार
उद्यमियों ने यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की सराहना की और इसे देश में उदाहरण बताया
यूपीडीएफ ने MSME के लिए अलग राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना का प्रस्ताव सौंपा
Jagrat Times, मुंबई/लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को उद्योग, निवेश और MSME के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को एक और मजबूती मिली, जब शनिवार को मुंबई में “उत्तर प्रदेश डायस्पोरा MSME इन्वेस्टर रीच प्रोग्राम” का आयोजन हुआ। इस आयोजन में योगी सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रवासी उद्यमियों से संवाद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के औद्योगिक विकास मॉडल और निवेश-हितैषी नीतियों की जानकारी दी। इस अवसर पर यूपी मूल के सफल उद्यमियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने प्रवासी उत्तर भारतीयों को राज्य के विकास में भागीदार बनाने के लिए मंच और अवसर उपलब्ध कराए हैं। उद्यमियों ने यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की सराहना की और इसे देश में उदाहरण बताया।
योगी सरकार की ‘PLEDGE योजना’ बनी आकर्षण का केंद्र
उत्तर प्रदेश सरकार के MSME, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान ने योगी सरकार द्वारा शुरू की गई PLEDGE योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना मुख्यमंत्री के “औद्योगिक आत्मनिर्भरता” के विजन को ज़मीन पर उतारने का माध्यम बन रही है। इस योजना के अंतर्गत 10 से 50 एकड़ भूमि पर निजी औद्योगिक पार्कों को मंज़ूरी प्रदान की जा रही है, जबकि 100% स्टांप ड्यूटी में छूट और ₹4 करोड़ तक अनुदान का प्रावधान है। यही नहीं 1% ब्याज दर पर ऋण, GST व आयकर में विशेष छूट, टेस्टिंग लैब, सड़क, बिजली और सीवेज जैसी आधारभूत सुविधाएं इसकी खासियत हैं।
योगी सरकार की सोच- छोटे उद्यम भी बनें बड़े खिलाड़ी
कार्यक्रम में यूपीडीएफ ने MSME के लिए अलग राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना का प्रस्ताव सौंपा। अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने कहा कि “योगी जी का विजन है कि गांव का लघु उद्योग भी वैश्विक बाजार तक पहुँचे, इसलिए हमें MSMEs को बड़े मंच पर लाने की जरूरत है।” यूपीडीएफ ने यह सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “किसी को पीछे न छोड़ें” नीति के अनुरूप उन सस्टेनेबल यूनिट्स को दोबारा खड़ा करने की योजना बनाई जाए जो RBI की सिक यूनिट सूची में हैं। योगी सरकार बैंकों के सहयोग से MSME पुनर्वास शिविर आयोजित कर सकती है, जिससे न केवल उद्योग बचेगा बल्कि युवाओं का रोजगार भी सुरक्षित होगा।
MSME उद्यमियों ने दिए निवेश और नीति के सुझाव
▪️डॉ. अशोक तिवारी ने यूपी में राष्ट्रीय MSME कॉन्क्लेव आयोजित करने का सुझाव दिया
▪️अमर प्रजापति ने देवरिया में इक्विपमेंट प्लांट लगाने की योजना बताई
▪️समर गुप्ता ने वाइट गुड्स फैक्ट्री के लिए सहयोग मांगा
▪️वैभव लड्ढा ने बीमा जागरूकता अभियान की बात रखी
▪️सुनीत रस्तोगी ने वित्तीय सलाहकारों की नियुक्ति की आवश्यकता बताई
इस संवाद कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित प्रवासी उद्यमी जैसे समर गुप्ता, वीर बहादुर सिंह, अमर प्रजापति, सुनीत रस्तोगी, वैभव लड्ढा, शुभ्रांशु दीक्षित, डॉ. अशोक तिवारी, जनार्दन यादव आदि शामिल हुए। सभी ने उत्तर प्रदेश को योगी सरकार के नेतृत्व में “MSME हब” बनाने के संकल्प के साथ भागीदारी जताई।