लोकगायिका संजोली पांडेय की सुरीली आवाज के दीवाने हैं लोग
- June 22, 2025
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-अयोध्या के रामापुर की रहने वाली संजोली पांडेय ने लोक संगीत की दुनिया में विशेष पहचान बनाई -फेसबुक पर 2 मिलियन, यूट्यूब पर 2 लाख से अधिक सब्सक्राइबर
-अयोध्या के रामापुर की रहने वाली संजोली पांडेय ने लोक संगीत की दुनिया में विशेष पहचान बनाई
-फेसबुक पर 2 मिलियन, यूट्यूब पर 2 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 1 लाख से अधिक हैं फॉलोअर
-अब तक 402 वीडियो, 18 एल्बम, 1000 से ज़्यादा लाइव शो करने के साथ ही कई प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित
-मेरी ससुराल में संगीत का अच्छा माहौल होने से मुझे अपने हुनर को निखारने का स्वर्णिम मौका मिला, सास ससुर और पति ने पूरा सहयोग किया
Jagrat Times, Kanpur/ कुछ लोग जीवन में अपने टैलेंट से समाज में मिसाल पेश करते हुए आम जनता के लिए प्रेरणास्रोत का काम करते हैं। कुछ ऐसा ही करके दिखाया है लोक गायिका संजोली पांडेय ने। संजोली पांडेय ने कड़ी मेहनत, लगन और एकाग्रता की बदौलत लोकगीत के क्षेत्र में अपना विशेष स्थान बना लिया है। उनके मधुर गीत और आवाज के लोग दीवानें हो चुके हैं। संजोली पांडेय एक लोक गायिका-गीतकार जिसे धुनों के ज़रिए कहानी कहने का शौक है। अयोध्या के रामापुर से आने वाली, लोक संगीत की दुनिया उनकी यात्रा परंपरा और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का एक सामंजस्यपूर्ण मिश्रण रही है। लोक संगीत में अन्य कलाकारों के बीच अपनी अलग पहचान बनाते हुए संजोली पांडेय ने एक गायिका-गीतकार के रूप में एक बेमिसाल उदाहरण पेश किया है। अपनी उपलब्धियों का श्रेय देते हुए कहा कि मेरे संगीत क्षेत्र में मेरे म्यूजिक डायरेक्टर सचिन जी का भी अहम रोल रहा है।

जय भोजपुरी जय भोजपुरिया संस्था की ब्रांड एंबेसडर
विशेष बातचीत में संजोली पांडेय ने बताया कि मैं जय भोजपुरी जय भोजपुरिया संस्था की ब्रांड एंबेसडर भी हूं। अयोध्या के गोसाईगंज बाजार में पड़ता है रामापुर गांव जहां मेरा जन्म हुआ, शुरुआती शिक्षा दीक्षा वही हुई। उसके बाद में संगीत की शिक्षा लेने के लिए लखनऊ आई भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से मैंने अपने संगीत की शिक्षा ली। राष्ट्रीय कथक संस्थान से मैं मास्टर्स किया, यहां तक का सफर सिर्फ मैं मेरे माता-पिता और भाई की वजह से पूरा कर पाए लोकगीत तो मैंने मन से सीखे हैं लेकिन उनको ऊंचाई तक पहुंचाने का काम मेरे पिताजी और मेरे भैया ने किया।

मेरे पिताजी श्री अरविंद कुमार पांडेय मेरे साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। इसके बाद मेरी शादी हुई, ससुराल मुझे ऐसा मिला जहां मेरे ससुर जी बहुत अच्छे अच्छा ढोलक बजाते हैं मेरी सासू मां जिनके पास लोक गीतों का पूरा खजाना है और मेरे पतिदेव पंकज उपाध्याय, जिनको संगीत में बेहद रुचि है जिन्हें गाना बजाना एक्टिंग बेहद पसंद है। अपने लोकगायन और जीवन के विषय में और विस्तार से चर्चा करते हुए संजोली पांडेय ने बताया कि मेरे भरोसेमंद हारमोनियम पर बजाए गए पहले राग से लेकर उन मंचों तक जहाँ मैं अपनी कहानियाँ साझा करती हूँ, हर नोट मेरी संगीत यात्रा के सार के साथ प्रतिध्वनित होता है। संजोली पांडेय ने बताया कि मेरे संगीत क्षेत्र में मेरे म्यूजिक डायरेक्टर सचिन जी का भी अहम रोल रहा है।

छोटी उम्र में ही लोक संगीत के जादू को खोज लिया
अवधी लोक संगीत की ध्वनियों से घिरे हुए बड़े होने के कारण, मैंने छोटी उम्र में ही लोक संगीत के जादू को खोज लिया था। कच्ची प्रामाणिकता, भावपूर्ण गीत और ध्वनिक वाद्ययंत्रों की सादगी ने मुझे प्रभावित किया और मेरी संगीत पहचान की नींव रखी। पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रयास और कड़ी मेहनत से मेरी सोशल मौजूदगी फेसबुक पर लगभग 2 मिलियन फॉलोअर, यूट्यूब पर 2 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 1 लाख से अधिक फॉलोअर हो गए हैं। मैंने पूरे देश में विभिन्न टीवी चैनलों, लाइव शो, कार्यक्रमों, महोत्सव आदि में प्रदर्शन किया है।

मैं धरोहर लोक कलाओं का संगम की अध्यक्ष और अवधी भारतम फाउंडेशन की निदेशक भी हूं। अपनी उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए संजोली पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में, मुझे 402 वीडियो, 18 एल्बम, 1000 से ज़्यादा लाइव शो, कई पुरस्कार, जिनमें से प्रत्येक मेरी उभरती हुई कहानी का एक अध्याय है, रिलीज़ करने का सम्मान मिला है। इकाना स्टेडियम में प्रदर्शन करना और यूट्यूब सिल्वर प्ले बटन प्राप्त करना मेरे लिए एक अवास्तविक क्षण रहा है, जिसने गीतों के माध्यम से कहानियाँ साझा करने के मेरे जुनून को और भी बढ़ा दिया है। मेरी यात्रा का दिल लाइव प्रदर्शनों में निहित है, जहाँ मंच और दर्शकों के बीच ऊर्जा का आदान-प्रदान एक अंतरंग, सामुदायिक स्थान बनाता है। मैं इन क्षणों के दौरान बनाए गए कनेक्शनों के लिए आभारी हूँ, क्योंकि वे मेरे द्वारा साझा की जाने वाली धुनों और कहानियों में जान फूंकते हैं।मैं अवध से हूं और अवधी लोकगीतों को एक बड़े मुकाम पर ले जाना चाहती हूं।और मैं इसके संरक्षण संवर्धन का कार्य जीवन पर्यन्त करती रहूंगी।

संजोली पांडेय की प्रतिभा को मिला खूब सम्मान और सराहना
-समन्वय 2017 में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया
-सृजन 2016 के लिए गृह मंत्री द्वारा पुरस्कृत
-लोकरस सम्मान 2016
-संत तुलसी दास सम्मान 2015, 2016 और 2017
-2015 में लखनऊ के मेयर द्वारा गोमती गौरव सम्मान किशोर पुरस्कार 2017
-जय भोजपुरी जय भोजपुरिया 2023 की ब्रांड एम्बेसडर
-मैनावती देवी सम्मान 2022
-हेल्प यू जलोटा एकेडमी ऑफ स्पिरिचुअल अवार्ड बेगम अख्तर पुरस्कार 2019
-सर्वश्रेष्ठ अवधी गायक के लिए सरस सलिल पुरस्कार 2024
-अयोध्या रत्न सम्मान 2023
-एपीएन न्यूज़ द्वारा मेरी माटी मेरा देश पुरस्कार
-जी इंडिया लिमिटेड,न्यूज़ीलैंड द्वारा लोक गीतों के लिए पुरस्कार