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मक्का की लहलहाती फसल देख प्रसन्न हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  • June 8, 2025
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सीएम योगी ने कानपुर, उन्नाव, कन्नौज और औरैया में एरियल सर्वे कर लिया मक्का की फसल का जायजा सीएम योगी मक्का की फसल को बताया उत्तर प्रदेश के

मक्का की लहलहाती फसल देख प्रसन्न हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने कानपुर, उन्नाव, कन्नौज और औरैया में एरियल सर्वे कर लिया मक्का की फसल का जायजा

सीएम योगी मक्का की फसल को बताया उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों की प्रगति का आधार

सीएम ने मकई को बताया क्रैश क्रॉप, एक नहीं अब तीन-तीन फसल कर पा रहे हैं अन्नदाता

Jagrat Times, लखनऊ/औरैया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को औरैया के अजीतमल में किसान गोष्ठी में सम्मिलित होने से पूर्व कानपुर,उन्नाव, कन्नौज और औरैया में एरियल सर्वे कर प्रदेश के किसानों द्वारा की जा रही मक्का की फसलों का जायजा लिया। एरियल सर्वे के दौरान इस पूरे क्षेत्र में मक्का की लहलहाती फसलों को देखकर सीएम योगी अभिभूत हो गए। उन्होंने संगोष्ठी में भी इस बात का विशेष रूप से जिक्र किया और मकई को किसानों के लिए कैश क्रॉप करार दिया।

अब प्रदेश के किसान एक फसल तक सीमित नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह लखनऊ से उड़ान भरी और वह उन्नाव, कानपुर, कन्नौज होते हुए औरैया पहुंचे, जहां उन्होंने इस पूरे क्षेत्र में अन्नदाता किसानों की मेहनत को लहलहाते हुए देखा। उन्होंने संगोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए विशेष रूप से इसका उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि प्रातः काल से लखनऊ से उन्नाव-बांगरमऊ होते हुए कन्नौज-छिबरामऊ वाया कानपुर और औरैया आगमन हुआ है। उत्तर प्रदेश के अंदर अन्नदाता किसानों की मेहनत को खेतों में लहलहाते हुए देखा है। जिस प्रदेश में पहले जो किसान एक या दो फसल तक सीमित रह जाता था, आज वही प्रदेश वही किसान दो फसल के अलावा एक तीसरी फसल में भी रुचि दिखा रहा है। 5 लाख हेक्टेयर में मक्का का उत्पादन करके वह अच्छा मुनाफा कमा रहा है। अन्नदाता किसान के जीवन में आए परिवर्तन का आधार यही है।

मकई किसानों के लिए कैश क्रॉप
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए आज प्रदेश के किसान आगे आए हैं। उत्तर प्रदेश के 20 से 25 जनपदों में मकई की खेती देखने को मिल रही है। यह किसानों का कैश क्रॉप है। प्रति हेक्टेयर एक किसान 2.5 लाख रुपए की आमदनी कर रहा है। यानी प्रति एकड़ एक लाख रुपए की आय किसान को हो रही है। अब किसान एक नहीं, तीन-तीन फसल बो सकता है। अन्नदाता किसान अपने पुरुषार्थ से देश की समृद्धि में कैसे सहायक हो रहा है, यह उसी का नमूना है।

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