- मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीहनुमत कथा मंडपम का किया लोकार्पण
- कहा- हनुमानगढ़ी केवल एक मंदिर नहीं, सनातन धर्म की रक्षा के लिए योद्धा भाव का प्रतीक है
- सनातन धर्म के सम्मान और गरिमा के खिलाफ हमें कुछ भी स्वीकार नहीं : योगी आदित्यनाथ
- बोले- पिछली सरकारों में अयोध्या को अपमानित करने का कार्य किया गया
- डबल इंजन की सरकार में डबल स्पीड से हुआ है अयोध्या का विकास : मुख्यमंत्री
- आज दुनिया का हर सनातन धर्मावलम्बी आना चाहता है अयोध्या : सीएम
- हनुमान जी से मिलती है प्रेरणा, हम पहले छेड़ते नहीं और कोई छेड़े तो उसे छोड़ते भी नहीं : योगी आदित्यनाथ
- पाकिस्तान समाप्त होने की कगार पर, आतंकवाद ही बनेगा उसके अंत का कारण : योगी आदित्यनाथ
- ‘सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे’, के संकल्प को प्रधानमंत्री ने पूरा करके दिखाया है : सीएम योगी
- सीएम ने अयोध्या और गोरक्षपीठ के अटूट संबंधों को भी किया याद
- हनुमानगढ़ी के नागा उस कालखंड की सेना, जब विधर्मियों का था शासन, तब भी की थी देश-धर्म की रक्षा : योगी
- Jagrat Times, अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने एक दिवसीय अयोध्या दौरे के दौरान हनुमानगढ़ी में श्रीहनुमत कथा मंडपम का भव्य लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने अयोध्या की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक प्रगति की चर्चा करते हुए सनातन धर्म की रक्षा और इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपने संबोधन में उन्होंने हनुमानगढ़ी को भक्ति, शक्ति, बुद्धि और युक्ति का संगम बताते हुए इसे सनातन धर्म का एक अडिग गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को अव्यवस्थाओं में झोंककर इसे अपमानित करने का कार्य किया गया। वहीं 2014 और 2017 के बाद डबल इंजन की सरकार में अयोध्या का विकास डबल स्पीड से हुआ है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि हमें अपने मित्र और शत्रुओं की पहचान रखना जरूरी है। देश को सनातन धर्म के मार्ग में बाधा डालने वालों को चिह्नित करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म भारत के अस्तित्व की पहचान है और इसकी गरिमा और सम्मान के विरुद्ध हमें कुछ भी स्वीकार नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके अंत की शुरुआत हो चुकी है और आतंकवाद ही उसके अंत का कारण बनेगा।
त्रेतायुगीन विरासत और सनातन धर्म का रक्षक है हनुमानगढ़ी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत हनुमानगढ़ी के त्रेतायुगीन टीले को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा की यहां से हनुमान जी महाराज ने अयोध्या धाम की रक्षा की है। उन्होंने बाबा अभयराम दास जी महाराज को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह श्रीहनुमत कथा मंडपम बाबा अभयराम दास जी की दूरदर्शिता और वैष्णव अखाड़ों की सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है। उनकी कृपा से आज हम इस भव्य स्वरूप को देख रहे हैं। उन्होंने हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन, पूज्य संतों और नागाओं की प्रशंसा की, जिन्होंने एक-एक पाई बचाकर इस मंडपम का निर्माण किया। सीएम योगी ने कहा कि हनुमानगढ़ी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए योद्धा भाव का प्रतीक है। यह मंडपम आने वाली पीढ़ियों के लिए हनुमानगढ़ी के वैभव को संरक्षित रखेगा। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी का यह मंडपम न केवल आध्यात्मिक केंद्र बनेगा, बल्कि सत्संग और कथाओं के माध्यम से सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाएगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी के नागाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आपका इतिहास सनातन धर्म के उस कालखंड की सेना के रूप में जाना जाता है, जब देश विधर्मियों आक्रांताओं से त्रस्त था तब अखाड़ों ने सनातन धर्म की रक्षा केलिए स्वयं को समर्पित किया था।
अव्यवस्था से वैभव की ओर बढ़ी अयोध्या, हुआ है कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि 2014 और 2017 से पहले अयोध्या अव्यवस्था, टूटी-फूटी सड़कों, बिजली की कमी और गंदगी से जूझ रही थी। जब हम यहां आते थे, तो राम की पैड़ी का पानी सड़ता था, घाटों पर गंदगी थी और हर दूसरे दिन कर्फ्यू जैसी स्थिति रहती थी। लेकिन 2017 के बाद डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या को नया स्वरूप दिया। उन्होंने अयोध्या के बुनियादी ढांचे में आए बदलावों का उल्लेख किया।