समग्र के साथ ही दीर्घकालिक असरदार उपचार है होम्योपैथी : डॉक्टर मेनका
- October 13, 2025
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-प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थों से तैयार की जाती हैं होम्योपैथी दवाएं -होम्योपैथिक दवाओं का सेवन भोजन से आधे घंटे पहले या बाद में करना चाहिए
-प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थों से तैयार की जाती हैं होम्योपैथी दवाएं
-होम्योपैथिक दवाओं का सेवन भोजन से आधे घंटे पहले या बाद में करना चाहिए
Jagrat Times, कानपुर : होम्योपैथिक शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का बखूबी काम करती है। होम्योपैथी को एक दीर्घकालिक और समग्र उपचार माना जाता है। होम्योपैथी का उद्देश्य शरीर की सहज जीवन शक्ति के प्रवाह को बनाए रखना है। इसका इलाज हर व्यक्ति की विशेषताओं जैसे कि जीवन-शैली और लक्षण के साथ-साथ सामान्य स्वास्थ्य पर आधारित होते हैं। होम्योपैथी की दवाओं में, प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थों, जैसे पौधे और जानवरों के अर्क और खनिजों का इस्तेमाल किया जाता हैं।

होम्योपैथी दवा, इलाज व उपचार पर विस्तार से चर्चा करते हुए कानपुर की सीनियर होम्योपैथिक फिजीशियन डॉक्टर मेनका ने बताया कि आदर्श रूप से, होम्योपैथिक दवाएं भोजन से आधे घंटे पहले या बाद में लें ताकि बेहतर अवशोषण हो सके और पाचन प्रक्रिया में हस्तक्षेप को रोका जा सके। इस कोर्स की अवधि पर प्रभाव डालने वाले कारक होते हैं। जैसे बीमारी की प्रकृति यानी यह तय करता है कि इलाज में कितना समय लगेगा। वहीं रोगी के लक्षण यानी लक्षणों की तीव्रता और प्रकार इलाज की अवधि पर असर डालते हैं। इस विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि चिकित्सक का निर्णय यानी डॉक्टर ही रोगी के लक्षणों के आधार पर दवा की अवधि और खुराक तय करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अल्कोहल, तंबाकू और धूम्रपान किसी भी कीमत पर नहीं करना चाहिए। एक जरूरी बात और है कि जब आप होम्योपैथिक दवाएं ले रहे हों तो इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वैसे अधिकांश डॉक्टर मरीजों को कॉफी, लहसुन और मिंट के पत्तों को न लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि इनकी मजबूत गंध और स्वाद है।
दवा लेने से 30 मिनट पहले और बाद में पानी नहीं पीना चाहिए

होम्योपैथी दवा लेने के तरीके पर महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए डॉक्टर मेनका ने कहा कि तेजी से दवा का लाभ लेने के लिए जीभ के नीचे गोलियां और पाउडर को रखना चाहिए। होम्योपैथिक दवा लेने से 30 मिनट पहले और बाद में पानी नहीं पीना चाहिए। होम्योपैथिक गोलियां या पाउडर लेने के बाद भी कुछ खाना या पीना नहीं चाहिए। इसके अलावा अदरक, लहसुन आदि जैसे मजबूत गंध वाले खाद्य पदार्थ खाने से भी परहेज करना चाहिए। होम्योपैथिक दवा लेने से ठीक पहले भारी, चिकना या मसालेदार भोजन से भी पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि ये आपके पेट को खराब कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि होम्योपैथिक दवा का कोई निश्चित कोर्स नहीं होता, क्योंकि यह व्यक्ति के लक्षणों और रोग की गंभीरता पर निर्भर करता है। हालांकि, कुछ विशेष बीमारियों के लिए तीन महीने या उससे अधिक समय तक दवा लेने की आवश्यकता हो सकती है। कुल मिलाकर डॉक्टर आपके लक्षणों का आकलन करके उपचार की अवधि निर्धारित करता है।