होम्योपैथी अपनाइए… सेहत को प्राकृतिक बनाइए : डॉक्टर मेनका
- April 18, 2026
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-होम्योपैथी में दवाइयां बच्चों के लिए आसान होती हैं, मीठी गोलियां होने की वजह से बच्चे आसानी से खा लेते हैं -बार-बार एंटीबायोटिक खाने से शरीर की इम्यूनिटी
-होम्योपैथी में दवाइयां बच्चों के लिए आसान होती हैं, मीठी गोलियां होने की वजह से बच्चे आसानी से खा लेते हैं
-बार-बार एंटीबायोटिक खाने से शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है, बिना चिकित्सीय परामर्श के इसका सेवन हानिकारक
Jagrat Times, मरजिया जाफर, नोएडा : होम्योपैथी एक ऐसा मेडिकल सिस्टम है जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाकर बीमारी को जड़ से खत्म करने में सक्षम होता है। बीमारियों से उपजे लक्षणों को होम्योपैथी दवा कभी भी शरीर में दबने नहीं देती है बल्कि शरीर को खुद ठीक होने की ताकत देकर बीमारी को हमेशा के लिए समाप्त कर देती है। होम्योपैथी इलाज और दवाइयों पर विस्तृत जानकारी देते हुए कानपुर और आसपास के जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथी फिजिशियन डॉक्टर मेनका ने बताया कि होम्योपैथी में हम मरीज को एक संपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखते हैं, न कि सिर्फ बीमारी के रूप में। बच्चों के लिए यह बहुत सुरक्षित और असरदार इलाज है, क्योंकि इसमें दवाइयां नेचुरल है और साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। डॉक्टर मेनका के साथ ही होम्योपैथी जगत के विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अगर बच्चों को शुरुआत से ही होम्योपैथी दवाइयों की आदत दी जाए, तो उनका शरीर बेहतर तरीके से रिस्पॉन्ड करता है। होम्योपैथी में दवाइयां बच्चों के लिए आसान होती हैं। मीठी गोलियां होने की वजह से बच्चे आसानी से खा लेतेहैं। वहीं, बार-बार एंटीबायोटिक खाने से शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। इसलिए अनुभवी चिकित्सा से जांच शारीरिक जांच कराने के बाद उनके परामर्श पर ही एंटीबायोटिक दवा का सेवन करना चाहिए। डॉक्टर मेनका ने बताया कि आजकल छोटे बच्चों को बहुत जल्दी एंटीबायोटिक्स दे दी जाती हैं, जिससे उनकी इम्यूनिटी पर असर पड़ता है। अगर शुरुआत से होम्योपैथी अपनाई जाए, तो बच्चे ज्यादा हेल्दी और रेजिस्टेंट बनतेहैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि होम्योपैथी बीमारी की जड़ पर काम करती है, इसलिए कभी-कभी समय लगता है।लेकि न एक्टू कंडीशन्स जैसे बुखार, चोट में यह बहुत जल्दी असर दिखाती है। होम्योपैथी में कई क्रॉनिक बीमारियों जैसे एलर्जी व स्किन प्रॉब्लम और माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी का भी सफल इलाज संभव है।