जितना पसीना बहेगा, जीत उतना ही निकट आएगी: मुख्यमंत्री
- March 24, 2026
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में खेल प्रतिभाओं का किया सम्मान अगले वर्ष से लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई की पुरस्कार राशि 10-10 लाख रुपये करने की आवश्यकताः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में खेल प्रतिभाओं का किया सम्मान
अगले वर्ष से लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई की पुरस्कार राशि 10-10 लाख रुपये करने की आवश्यकताः मुख्यमंत्री
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Jagrat Times, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मार्गदर्शक की भूमिका में रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हर मेडल के पीछे एक कहानी होती है। केवल भाग्य ही नहीं, बल्कि उसके पीछे संघर्ष, अनुशासन व हार न मानने का दृढ़ संकल्प भी होता है। टैलेंट शुरुआत देता है, लेकिन मेहनत लक्ष्य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा, जीत उतना ही निकट आएगी। खेल गिरना, उठना और जीतना सिखाता है। जो गिरेगा, वही उठेगा और जो उठेगा, वही जीतेगा। जो गिरने से कांप जाएगा, वह उठ नहीं पाएगा। जो उठने में लापरवाही करेगा, जीत के नजदीक नहीं पहुंच पाएगा। सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र, लक्ष्मण व लक्ष्मीबाई पुरस्कार पाने वाले व पदक विजेता सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार राशि को बढ़ाने का समय आ गया है। अगले वर्ष से इसे 3.11 लाख रुपये के बजाय 10-10 लाख रुपये करने की आवश्यकता है। सीएम ने खेल विभाग को यह प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया। सीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल को अनुशासित दिनचर्या का हिस्सा बनाइए, परिश्रम की पराकाष्ठा पर चढ़कर देश के लिए मेडल जीतिए, राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग व समर्थन करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वीरवर लक्ष्मण समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा व अनुशासन के प्रतीक हैं। रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार नारी गरिमा, स्वावलंबन और तेज का प्रतीक है। यह सम्मान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।
जो भी समाज नारी शक्ति के प्रति सम्मान को बनाए रखेगा, वह लंबे समय तक अपने वजूद को बनाए रखने में सफल होगा
सीएम योगी ने कहा कि चैत्र व शारदीय नवरात्रि मातृशक्ति के प्रति भारत की सनातन परंपरा के समर्पण व श्रद्धा के प्रतीक पर्व हैं। इन 9 दिनों में जगतजननी मां का अनुष्ठान और उनके अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। यह उपासना इस बात का प्रतीक है कि जो भी समाज नारी शक्ति के प्रति सम्मान को बनाए रखेगा, वह सतत विकास के अभियान को बढ़ाने के साथ ही लंबे समय तक अपने वजूद को बनाए रखने में सफल होगा। जहां नारी की पूजा-सम्मान होता है वहां दैवीय शक्तियों की कृपा बरसती है। नारी सम्मान, गरिमा की रक्षा और स्वावलंबन के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना समृद्धि की नई कड़ी को बढ़ाने जैसा होता है।
25 करोड़ की आबादी का उत्तर प्रदेश युवा शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु
सीएम योगी ने कहा कि युवा शक्ति अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की भी महत्वपूर्ण कड़ी है। उप्र सरकार 9 वर्ष के नवनिर्माण कार्यक्रम के साथ बढ़ रही है, ऐसी स्थितियों में सरकार खेल की विभिन्न विधाओं के खिलाड़ियों के माध्यम से युवा व नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है। 9 वर्ष में हमारी सरकार ने पुरस्कार, इंसेंटिव के रूप में 200 करोड़ रुपये खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए हैं। सरकार ने भारत की समृद्ध परंपरा के रूप में कबड्डी, कुश्ती, खो-खो समेत अनेक खेल को बढ़ाया है। 25 करोड़ की आबादी का उत्तर प्रदेश युवा शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु है। यूपी की 56 फीसदी युवा शक्ति प्रदेश की ताकत है। यह कामकाजी वर्ग है। जब यह परिश्रम करता है तो उत्तर प्रदेश अपने खाद्यान्न लक्ष्य व विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाता है। युवा शक्ति यूपी जैसे बीमारू राज्य को अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनाकर रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित कर भारत का ग्रोथ इंजन बनाने का कार्य करती है। युवा को उचित प्लेटफॉर्म प्राप्त होता है तो वह भारत के लिए मेडल प्राप्त करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई खेल संस्कृति को दिया बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में शपथ लेने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। सीएम ने खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट व सांसद खेलकूद स्पर्धा का भी जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के बाद राज्य सरकार ने विधायक खेलकूद स्पर्धा का शुरुआत की। हर ब्लॉक स्तर पर खेलो इंडिया के केंद्र स्थापित हो रहे हैं।