Health My City

नारी सशक्तिकरण का नायाब उदाहरण हैं डॉक्टर मेनका

  • March 19, 2026
  • 0

-बेहद सादगी, सरल व निस्वार्थ भाव से परिपूर्ण व्यक्तित्व की हैं डॉक्टर मेनका -एक ही उद्देश्य, उनके पास जो भी मरीज आए वो पूरी तरह से ठीक होकर

नारी सशक्तिकरण का नायाब उदाहरण हैं डॉक्टर मेनका

-बेहद सादगी, सरल व निस्वार्थ भाव से परिपूर्ण व्यक्तित्व की हैं डॉक्टर मेनका

-एक ही उद्देश्य, उनके पास जो भी मरीज आए वो पूरी तरह से ठीक होकर जाए

-निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में दो सौ से ज्यादा लोगों की जांच कर दवाएं दीं

Jagrat Times, Kanpur/ 19 मार्च यानी आज गुरुवार से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गए हैं। नवरात्रि नारी शक्ति और उनके भीतर निहित दिव्य ऊर्जा का उत्सव है, जो दुर्गा के नौ रूपों के माध्यम से साहस, ज्ञान और करुणा का प्रतीक है। यह पर्व केवल रस्म नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और समाज में उनकी समानता को पहचानने का आह्वान है। नवरात्रि हमें हर महिला में शक्ति को देखने और उसे सम्मानित करने की याद दिलाती है। हमारे कानपुर शहर में भी कुछ ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने अपनी काबिलियत से घर और परिवार के साथ ही समाज के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया है। इनमें सबसे पहले नाम आता है कानपुर की सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका का।

घर और परिवार के साथ ही चिकित्सा जगत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली डॉक्टर मेनका ने अपने अद्भत व अनमोल कार्यों से नारी सशक्तिकरण को चरितार्थ करके दिखाया है। बेहद सादगी, सरल व निस्वार्थ भाव से परिपूर्ण व्यक्तित्व की डॉक्टर मेनका के जीवन का एक ही उद्देश्य है कि उनके पास जो भी मरीज आए वो पूरी तरह से ठीक होकर ही जाए। अभी हाल ही में अपने पति डॉक्टर राहुल और सहयोगियों के साथ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन करने वाली डॉक्टर मेनका ने विशेष बातचीत में बताया कि एक डॉक्टर होना बहुत ही बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी होती है। हर आम आदमी एक डॉक्टर से अच्छे व्यवहार के साथ ही सकारात्मक, प्रभावशील एवं अच्छे इलाज की उम्मीद रखता है। डॉक्टर मेनका ने कहा कि मैं और मेरे पति की हमेशा यही कोशिश रहती है कि हमारे द्वारा आम इंसान को बेहतर से बेहतर इलाज आसानी से मिल सके। यदि कोई पूरी फीस देने में सक्षम नहीं है तो भी उसका इलाज करने में हम लोग कोई कमी नहीं छोड़ते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च को आयोजित हुए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में दो सौ से ज्यादा लोगों ने आवश्यक जांच करवाने के साथ ही निशुल्क दवा एवं महत्वपूर्ण परामर्श हासिल किया। आगे भी इस तरह के आयोजन करके आम जनता की सेवा करते रहेंगे।

नवरात्रि पर नारी शक्ति के प्रमुख पहलू

देवी स्वरूप

नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जो नारी के विभिन्न रूपों (ज्ञान, शक्ति, सहनशीलता) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सशक्तिकरण

यह पर्व महिलाओं को आत्मनिर्भर, निडर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित करता है, जो बुराई और अन्याय के खिलाफ खड़ा हो सके।

सामाजिक चेतना

यह समाज को यह संदेश देता है कि जब तक महिलाओं का सम्मान नहीं होगा, तब तक समाज का पूर्ण विकास नहीं हो सकता।

समानता का प्रतीक

आधुनिक समय में बेटियां शिक्षा, खेल और रक्षा जैसे क्षेत्रों में दुर्गा के समान अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं।

आंतरिक शक्ति

यह पर्व हमें सिखाता है कि हर नारी के भीतर असीम शक्ति है, जिसे सही अवसर और सम्मान मिलने पर वह जागृत कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *