बीमारियों को रोकने का अभियान है विश्व किडनी दिवस : डॉक्टर मेनका
- March 12, 2026
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-12 मार्च को दुनियाभर में मनाए जा रहे विश्व किडनी दिवस पर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां -यह दिन किडनी के रोगों की जल्दी
-12 मार्च को दुनियाभर में मनाए जा रहे विश्व किडनी दिवस पर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां
-यह दिन किडनी के रोगों की जल्दी जांच के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे सही इलाज किया जा सके
-पिछले कुछ सालों में किडनी के रोगों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण यह एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन गई
Jagrat Times, कानपुर : हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि जीवन में कुछ भी हासिल करने के लिए अच्छे स्वास्थ्य का होना बहुत जरूरी है। 12 मार्च 2026 को विश्व किडनी दिवस मनाया है। इस महत्वपूर्ण दिन और विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका ने बताया कि विश्व किडनी दिवस का मुख्य उद्देश्य किडनी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और किडनी से होने वाली बीमारियों को रोकने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। यह दिन किडनी से जुड़ी बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने, सही समय पर जांच के महत्व को समझाने, और जीवनशैली में बदलाव को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

डॉक्टर मेनका ने बताया कि किडनी की बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि अक्सर इन बीमारियों के लक्षण देर से पता चलते हैं। किडनी से जुड़ी बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि के कारणों के बारे में बताना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना बहुत जरूरी है। यह दिन किडनी के रोगों की जल्दी जांच के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे सही इलाज किया जा सके। विश्व भर में लाखों लोग किडनी से संबंधित बीमारियों के कारण समय से पहले ही मर जाते हैं। यह दिन इन बीमारियों से जुड़ी जटिलताओं और मौतों को कम करने की दिशा में काम करता है। पिछले कुछ सालों में, किडनी के रोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिसके कारण यह एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन गई है।

किडनी की संरचना एवं कार्य
डॉक्टर मेनका ने बताया कि दोनों किडनी समान आकार की होती है। लगभग 10-12 सेंटीमीटर लंबी जैसे एक बंद मुट्ठी का आकार । किडनी प्रतिदिन लगभग 180 लीटर रक्त को छानती है, लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को नियंत्रित करती है और रक्तचाप को नियंत्रित करने वाले हार्मोन स्रावित करती है। किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालकर मूत्र का उत्पादन भी करते हैं।
डॉक्टर मेनका ने इस बारे में और जानकारी देते हुए कहा कि किडनी का मुख्य कार्य रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को निकालना और साफ रक्त को वापस शरीर में पहुंचाना है। प्रति मिनट लगभग एक लीटर रक्त – हृदय द्वारा पंप किए गए कुल रक्त का पांचवां हिस्सा– वृक्क धमनियों के माध्यम से किडनी में प्रवेश करता है। किडनी का मुख्य कार्य रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को निकालना और साफ रक्त को वापस शरीर में पहुंचाना है। प्रति मिनट लगभग एक लीटर रक्त – हृदय द्वारा पंप किए गए कुल रक्त का पांचवां हिस्सा–वृक्क धमनियों के माध्यम से किडनी में प्रवेश करता है।