Health My City

मरीज के चेहरे पर मुस्कान लाना मेरे जीवन का उद्देश्य : डॉक्टर मेनका

  • October 16, 2025
  • 0

हमेशा मरीजों की तकलीफ पर ध्यान केंद्रित रहता है कभी भी उनकी संख्या पर नहीं -लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं, इस विश्वास को कायम रखना हर डॉक्टर

मरीज के चेहरे पर मुस्कान लाना मेरे जीवन का उद्देश्य : डॉक्टर मेनका

हमेशा मरीजों की तकलीफ पर ध्यान केंद्रित रहता है कभी भी उनकी संख्या पर नहीं

-लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं, इस विश्वास को कायम रखना हर डॉक्टर की जिम्मेदारी

-“एस्ट्रोफिजिक्स” विधा के माध्यम से मरीज की संबंधित बीमारी के मूल कारण का पता किया जाता है

-वर्षों पुरानी बीमारी से ग्रसित मरीज की हिस्ट्री के अध्ययन के बाद शुरू होता है होम्योपैथिक इलाज

-कभी भी किसी डॉक्टर से अपनी बीमारी से संबंधित कोई तथ्य या जानकारी नहीं छुपानी चाहिए

Jagrat Times, कानपुर : प्रदूषण के साथ ही जीवन शैली में अनियमितता के कारण पूरी तरह से स्वस्थ रहना हम सबके लिए चुनौती बन गया है। जीवन में अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए, अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन और रात कड़ी मेहनत करते हैं। फलस्वरूप नियमित और संतुलित खानपान नहीं हो पाता है। इसके चलते धीरे-धीर कोई न कोई बीमारी हमारे शरीर में ग्रसित हो जाती है। इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए सीनियर होम्योपैथिक फिजीशियन डॉक्टर मेनका ने बताया कि अक्सर ऐसे बीमारी के केस आते हैं जिनकी बीमारी बहुत पुरानी होती है। वह वर्षों से बीमार रहने के कारण बहुत कमजोर हो जाते हैं। ऐसी जटिल बीमारियों से पार पाना इतना सरल नहीं होता है। डॉक्टर मेनका ने ऐसी बीमारियों पर किए गए सफल इलाज के अद्भुत अनुभव साझा करते हुए बताया कि हम “एस्ट्रोफिजिक्स” के माध्यम से मरीज की पूरी हिस्ट्री को खंगालते हैं। यानी मरीज को संबंधित बीमारी कितने दिनों, महीनों या वर्षों से हैं। अब तक बीमारी ठीक नहीं होने का मूल कारण क्या है। क्या उसके माता या पिता को भी इस तरह की बीमारी हुई थी। इसके अलावा जन्म लेने से पहले ही क्या वो संबंधित बीमारी से तो ग्रसित नहीं था। अपनी बात को उदाहरण सहित और विस्तार से बताया कि जब इस प्रकार की हर जानकारी पता चल जाती है। तो उसके रहन सहन और जीवनशैली का अध्ययन किया जाता है। साथ ही उसका व्यवहार कैसा है, उसकी सोच किस तरह की और उसके आसपास रहने वालों की सोच कैसी है। जिसका उस पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

सर्वप्रथम शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ाया जाता है

इन सभी परिणामों का निचोड़ निकालकर संबंधित मरीज का होम्योपैथिक इलाज शुरू किया जाता है। सर्वप्रथम इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि उसके शरीर की इम्यूनिटी पावर कैसी है यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता। यदि उसकी इम्यूनिटी पावर कम या कमजोर होती है तो उसे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है ताकि उसको दी जाने वाली दवा का दूरगामी प्रभाव हो सके। डॉक्टर मेनका ने बताया कि किसी भी मरीज से बात करने पर यही निष्कर्ष निकलता है कि वह जल्दी से जल्दी ठीक तो होना चाहता है पर महत्वपूर्ण चिकित्सक के परामर्श के साथ ही नियमित दवा लेने में लापरवाही या आलस कर देता है। परिणामस्वरूप बीमारी को ठीक होने में लंबा समय लग जाता है। सबसे जरूरी व ध्यान रखने वाली बात यह है कि जब भी आप किसी भी डॉक्टर के पास जाए तो संबंधित बीमारी से संबंधित कोई भी तथ्य या जानकारी छिपाए नहीं। ऐसा करने पर कारगर इलाज हो पाना संभव नहीं है। अपनी बात पर विराम लगाते हुए डॉक्टर मेनका ने बताया कि उनके जीवन का उद्देश्य हर मरीज के चेहरे पर मुस्कान लाना है। यदि डॉक्टर को लोग धरती का भगवान मानते हैं तो इस विश्वास को कायम रखना हर डॉक्टर की जिम्मेदारी है। मैं और मेरे पति डॉक्टर राहुल हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि हर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर ही हमारे यहां से जाए। हम दोनों कभी संख्या पर ध्यान नही देते है। हमेशा यही सोचते हैं कि अगर दो मरीज भी हमारी दवा से ठीक हो गए हमारा जीवन और प्रोफेशन दोनों सफल हो जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *