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फास्ट फूड और ओवरवेट बन रहा किडनी रोग का कारण- डॉक्टर सलिल जैन

  • September 3, 2025
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-डॉक्टर हिमांशू वर्मा ने दी अह्म जानकारीहेल्थ टॉक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आएं थे चिकित्सक-डॉक्टर मयंक भार्गव भी प्रोग्राम में रहे मौजूद-शहर के फिजियोथिरेपिस्ट ने भी लिया भाग-किडनी

फास्ट फूड और ओवरवेट बन रहा किडनी रोग का कारण- डॉक्टर सलिल जैन

-डॉक्टर हिमांशू वर्मा ने दी अह्म जानकारी
हेल्थ टॉक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आएं थे चिकित्सक
-डॉक्टर मयंक भार्गव भी प्रोग्राम में रहे मौजूद
-शहर के फिजियोथिरेपिस्ट ने भी लिया भाग
-किडनी रोग पर विस्तार से हेल्थ टॉक पर चर्चा
-फॉरटिस मेमोरियल गुरूग्राम से आएं थे चिकित्सक

Jagrat Times, कानपुर। पहले किडनी की बीमारी एक उम्र के बाद अपना असर दिखाती थी। लेकिन वर्तमान समय में छोटी उम्र के बच्चे भी तेजी से इसका शिकार हो रहे है। हाइटेक जीवन शैली में बाहर का फास्ट फूड और प्रतिदिन का रूटीन इसका बड़ा कारण है। घर की हरी सब्जियों से नयी पीढ़ी दूर है। शरीर को जितनी मात्रा में पोषक तत्व चाहिए वह मिल नही रहे है। इस कारण वे लगातार किडनी जैसी घातक बीमारी की तरफ तेजी से अग्रसर है। उक्त बातें फॉरटिस मेमोरियल हॉस्टिल गुरूग्राम के सीनियर चिकित्सक डॉक्टर सलिस जैन ने हेल्थ टॉक प्रोग्राम में लोगों को जागरूक करते हुए कहीं।

शुगर व हाइपर टेंशन भी किडनी डैमेज के कारण
वरिष्ठ चिकित्सक व सर्जन डॉक्टर सलिल जैन ने कहा कि शुगर व हाइपर टेंशन भी किडनी को नुकसान पहुंचाते है। इसलिए इन बीमारियों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साल में एकबार होल बॉडी चेकअप कराएं। इसकी रिपोर्ट से आपको यह जानकारी होगी की शरीर में कौन सी बीमारी अटैक की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक से सलाह ले और शरीर के अह्म कार्य करने वाली किडनी को सुरक्षित करे।

सर्जन हिमांशू वर्मा ने दी अह्म जानकारी
सीनियर सर्जन हिमांशू वर्मा ने प्रोग्राम के दौरान किडनी से संबंधिज अह्म जानकारी देते हुए बताया कि शरीर को जितने पोषक तत्व मिलने चाहिए वे मिल नहीं रहे है। हाइटेक जीवन शैली में लोग घर का भोजन छोड़कर बाहर पेट भरने का प्रयास करते है। बाहर के खाने से पेट तो भरता है लेकिन शरीर को पोषक तत्व जैसे विटामिन आदि नहीं मिल पाता। इस कारण बॉडी में कमजोरी से बीमारियां पनपने लगती है। एक निर्धारित समय के बाद इसका असर किडनी में पड़ता है।

ग्लैमर वाली एक्सरसाइज भी घातक
सीनियर सर्जन डॉक्टर हिमांशू वर्मा ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि वर्तमान में लोग कसरत दिखाये के लिए करते है। कम समय में अधिक आकर्षक बनना उनका टारगेट होता है। इसलिए जिम ज्वांइन करने के बाद वे विभिन्न प्रकार के पाउडर इस्तेमाल करते है। यह पाउडर का सेवन भी शरीर व किडनी के लिए घातक होता है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर को फिट रखने के व्यायाम करे। लेकिन खानपान पर विशेष ध्यान दे।

फिजियोथिरेपी टीम ने लिया हिस्सा
हेल्थ टॉक प्रोग्राम में शहर के नामचीन फिजियोथिरेपी सेन्टर का संचालन करने वाले लोगों को विशेषतौर पर आमंत्रित किया गया था। प्रोग्राम के दौरान सभी ने सीनियर से इलाज के दौरान आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। इस पर डॉक्टर सलिल जैन और हिमांशू वर्मा ने जवाब देकर उन्हें संतुष्टि किया।

सीनियर चिकित्सक डॉक्टर मंयक भार्गन किया सम्मान
हेल्थ टॉक कार्यक्रम में गुरूग्राम से हिस्सा लेने आएं वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर सलिल जैन और सर्जन चिकित्सक हिमांशू वर्मा को तुलसी का पौधा देकर सम्मानित किया। सीनियर ने भी स्पाइन सर्जन मयंक भार्गव को माला पहनाकर कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद दिया।

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