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डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी के नेतृत्व में सिया आयुर्वेदा मरीजों के लिए बना वरदान

  • July 7, 2025
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-बेजोड़ इलाज से अब तक 4 लाख से ज्यादा सोरायसिस और 2 लाख से ज्यादा विटिलिगो के रोगियों को ठीक किया -करीबी रिश्तेदारी की त्वचा की बीमारी बनीं

डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी के नेतृत्व में सिया आयुर्वेदा मरीजों के लिए बना वरदान

-बेजोड़ इलाज से अब तक 4 लाख से ज्यादा सोरायसिस और 2 लाख से ज्यादा विटिलिगो के रोगियों को ठीक किया

-करीबी रिश्तेदारी की त्वचा की बीमारी बनीं जीवन का टर्निंग प्वाइंट, जिसने आयुर्वेद डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया

-पिछले 10 वर्षों से सफल इलाज कर चुकीं डॉ. मेघा चतुर्वेदी का मिशन है- भारत को पूरी तरह से सोरायसिस मुक्त बनाना

-जटिल बीमारियों को देखते हुए सिया आयुर्वेदा का किया गया था गठन, जो आज भी लोगों के भरोसे पर कायम

अखिलेश मिश्रा, गुरुग्राम: हम सभी जानते है कि इस संसार में मानव सर्वश्रेष्ठ जीव है उसका जीवन सर्वोत्तम है। इसलिए हम सबकों अपने जीवन को सार्थक बनाते हुए दूसरों की मदद, सेवा और कल्याण करने में निस्वार्थ भाव से समर्पित कर देना चाहिए। हमारे समाज में आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो यह काम बखूबी कर रहे हैं। इन्हीं लोगों में एक शख्सियत हैं सिया आयुर्वेदा की संस्थापक डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी। डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी ने मरीजों के कष्टों को दूर करने के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया है। अपनी निजी जिंदगी और बहुत जरूरी कामों को तरजीह देने की बजाय वह हर मरीज की सेवा निस्वार्थ भाव से करती हैं। मरीज और तीमारदार हमेशा यही कहते हैं कि वास्तव में डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी “धरती की भगवान” हैं क्योंकि जिस तरह से एक अध्यापक हमारे जीवन को शिक्षा के माध्यम से उत्तम बनाता है, उसी तरह एक डॉक्टर बीमारियों से हमारी सुरक्षा करके हम सबको हमेशा स्वस्थ बनाए रखने का अनमोल काम करते हैं। कुल मिलाकर सिया आयुर्वेदा मरीजों के लिए वरदान साबित हो गया है।

जटिल व गंभीर बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाने का चलाया अभियान

अपने कॅरियर, सोच, अवधारणा, उद्देश्य और मिशन की विस्तार से चर्चा करते हुए बहुत ही दयालु, आकर्षक एवं ऊर्जावान व्यक्तित्व की धनी डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी ने अद्भुत प्यारी मुस्कान के साथ जाग्रत टाइम्स को विशेष बातचीत में बताया कि डॉक्टर बनना मेरे किसी कॅरियर प्लान का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक निर्णय था। उन्होंने एक भावनात्मक अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उनके एक करीबी रिश्तेदार को पुरानी त्वचा की बीमारी हुई, तो उन्होंने अपने घर में दर्द को बहुत करीब से महसूस किया। तभी उन्हें सोचा, “क्यों ना खुद डॉक्टर बन कर इस जटिल व गंभीर बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाने का अभियान चलाया जाए?” उनकी यही मानव सेवा करने की सोच उनके जीवन की टर्निंग प्वाइंट बन गई। जब सोरायसिस या विटिलिगो जैसी बीमारियों की बात सामने आती है, तो लोग आज भी भ्रमित होते हैं। कहीं भेदभाव होता है, तो कहीं मरीज़ खुद से दूर हो जाते हैं। लेकिन डॉ. मेघा चतुर्वेदी ने इस सोच को बदलने का फैसला लिया। आज उनके पास 10 साल का अनुभव है और उन्होंने लाखों मरीजों का सफल इलाज किया है। बिना किसी स्टेरॉयड के।

इलाज का खर्च नहीं उठा पाने वालों के लिए हर शुक्रवार मुफ्त ओपीडी

डॉक्टर मेघा चतुर्वेदी ने बताया कि सिया आयुर्वेदा का आइडिया तब आया जब मरीज बार-बार पूछते थे – क्या आपके पास स्टेरॉयड-मुक्त क्रीम या उत्पाद हैं? बाज़ार में प्राकृतिक समाधान की कमी थी। इसलिए डॉ. मेघा ने सोचा कि हर्बल, सल्फेट-मुक्त, स्टेरॉयड-मुक्त उत्पाद बनाएं जो सिर्फ प्रभावी हों, बाल त्वचा के अनुकूल भी हों। अभी तक सिया आयुर्वेदा के माध्यम से हमने 4 लाख से ज्यादा सोरायसिस रोगी को ठीक किया और 2 लाख से ज्यादा विटिलिगो रोगी को सही किया। आज सिया आयुर्वेदा एक भरोसेमंद ब्रांड बन चुका है। भारत के अंदर ही नहीं, विश्व स्तर पर लोग इसे पसंद करते हैं। लेकिन डॉ. मेघा के लिए बिज़नेस से ज़्यादा महत्वपूर्ण थी मानव सेवा। वो हर शुक्रवार को मुफ्त ओपीडी करती हैं जो मरीज इलाज का खर्च नहीं उठा सकते। वो व्यक्तिगत रूप से भी उनकी काउंसलिंग कर हर समस्या का समाधान सुचारू रूप से करतीं हैं।

सोरायसिस रोगियों के लिए एक शक्तिशाली जागरूकता अभियान

PsoriasisHiTohHai:-सामाजिक अभियान- जो दिल से निकली आवाज बनी। इसका मुख्य मकसद था – लोगों को शिक्षित करना कि सोरायसिस एक सामान्य ऑटोइम्यून बीमारी है और किसी भी मरीज के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनका संदेश सरल था कि

यह सिर्फ एक बीमारी है जिसे ठीक किया जा सकता है। डॉ. मेघा का मानना है कि सिर्फ त्वचा ही नहीं, हमारा पर्यावरण भी हमारी सुंदरता का हिस्सा है। इसलिए उन्हें एक और आंदोलन शुरू करना चाहिए – हरा भरा भारत। ये अभियान ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और वनों की कटाई के खिलाफ एक मजबूत कदम है। वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छ पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति को बचाने की पहल मिशन का मूल है। और इसमें ईमानदार पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया -एक दुर्लभ और प्रेरणादायक कदम!आज सिया आयुर्वेदा एक उपचार क्रांति है। डॉ. मेघा का मिशन है भारत को सोरायसिस मुक्त बनाना। सिया आयुर्वेदा मरीज की मांग से बना था, और उनके भरोसे पर आगे बढ़ रहा है।

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