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ज्योतिषाचार्य पंडित चन्द्रकान्त शुक्ला से जानिए! आखिर कैसे रत्न डालता है आप पर प्रभाव

  • May 5, 2025
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Jagrat Times, Kanpur/ ज्योतिषाचार्य पंडित चन्द्रकान्त शुक्ला से जानिए! आखिर कैसे रत्न डालता है आप पर प्रभाव रत्न कैसे असर करते हैं शरीर पर? उदाहरण: नीला नीलम (Blue

ज्योतिषाचार्य पंडित चन्द्रकान्त शुक्ला से जानिए! आखिर कैसे रत्न डालता है आप पर प्रभाव

Jagrat Times, Kanpur/ ज्योतिषाचार्य पंडित चन्द्रकान्त शुक्ला से जानिए! आखिर कैसे रत्न डालता है आप पर प्रभाव

रत्न कैसे असर करते हैं शरीर पर?

  1. रंगों और प्रकाश का प्रभाव (Color & Light Energy):
    हर रत्न एक विशिष्ट रंग का होता है — यह रंग सूर्य की किरणों में से किसी एक विशेष किरण को अवशोषित करता है और बाक़ी को शरीर की ओर परावर्तित करता है।
    यह रंग हमारी त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और शरीर के अंदरूनी चक्रों (chakras) पर असर डालता है।

उदाहरण:

नीला नीलम (Blue Sapphire) — गले के विशुद्धि चक्र पर असर करता है।

पुखराज (Yellow Sapphire) — नाभि के नीचे के मणिपुर चक्र को सक्रिय करता है।

माणिक (Ruby) — हृदय और आत्मबल को बढ़ाता है।

  1. रत्नों की कंपन तरंग (Vibrational Frequency):
    हर रत्न में एक निश्चित प्राकृतिक कंपन होता है जो पहनने वाले के शरीर की ऊर्जा तरंगों (Energy Fields) से मेल खाता है या उन्हें संतुलित करता है।
    जब कोई ग्रह (Planet) अशुभ हो, तब उससे जुड़ा रत्न उस ग्रह की ऊर्जा को फिल्टर करता है और शुभ प्रभाव प्रदान करता है।

उदाहरण:

नीलम – शनि की धीमी लेकिन गहरी तरंग से जुड़ा रत्न है।

मोती – चंद्रमा की कोमल और शीतल तरंगों से जुड़ा होता है।


  1. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से:

रत्नों में क्रिस्टल संरचना होती है जो विद्युत चुम्बकीय तरंगें उत्पन्न कर सकती है।

ये तरंगें त्वचा के संपर्क में आकर Biofield (जीव ऊर्जा क्षेत्र) को प्रभावित करती हैं।

यह प्रभाव हमारे हार्मोन, मनोदशा और व्यवहार तक को प्रभावित कर सकता है।

  1. रत्न पहनते समय ध्यान देने योग्य बातें:

रत्न शुद्ध और सिद्ध होना चाहिए।

सही धातु (सोना, चांदी, पंचधातु) में जड़ा हो।

उचित मुहूर्त, मंत्र और विधि से धारण किया जाए।

जनम कुंडली के अनुसार ही रत्न धारण करें, अन्यथा दुष्प्रभाव हो सकता है।

  1. रत्न और रंगों का तालमेल (Planet & Color Connection):

निष्कर्ष:

रत्न कोई चमत्कारी पत्थर नहीं हैं, परंतु ये प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत हैं जो सही व्यक्ति, सही समय और सही विधि से पहनने पर शरीर की ऊर्जा तरंगों, चक्रों और मानसिक संतुलन को सुधारते हैं।
इनका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से होता है।

Pandit Chanderkant Shukla ( Astrologer)

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