पंडित चन्द्रकान्त शुक्ला से जानिए! कन्या पूजन में कौन सी चीजों का न करे दान, वरना फल से रहेंगे वंचित
April 4, 2025
0
-कन्या पूजन के बिना होता है व्रत अधूरा-थोड़ी गलती से मां दुर्गा हो सकती है क्रोधित-पूजन बिना अधूरा रहता है व्रत का फल Pandit Chanderkant Shukla ( Astrologer)
-कन्या पूजन के बिना होता है व्रत अधूरा -थोड़ी गलती से मां दुर्गा हो सकती है क्रोधित -पूजन बिना अधूरा रहता है व्रत का फल
Pandit Chanderkant Shukla ( Astrologer)
Jagrat Times, कानपुर। नवरात्रि माह में देवी का नौ दिन व्रत रखने वालों के लिए कन्या पूजन अनिवार्य होता है। इस पूजन के बाद ही व्रतधारी को पूजा का फल मिलता है। आचार्य पंडित चन्द्रकान्त शुक्ला ने बताया कि इस पूजन में त्रुटि होने पर व्रत का फल नहीं मिलता। इसलिए कन्या पूजन के समय इस बातों का विशेष ध्यान रखे।
स्टील व प्लास्टिक सामान से करें परहेज धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। इसलिए कन्या पूजन के दौरान चूड़ी, बिंदी, चुनरी के साथ काॅपी, पेन व पेन्सिल दे सकते है। लेकिन कोई भी ऐसा सामान बिल्कुल न दे जो स्टील या फिर प्लास्टिक का हो। अगर गलती से आपने स्टील या प्लास्टिक से बना सामान दिया तो आपका व्रत खराब हो जायेगा और मां नाराज हो जायेगी। यह सामान शुभ नहीं माना जाता है।
कांच और काले कपड़ों से बनाएं दूरी आचार्य ने बताया कि देवी रूपी कन्याओं को कांच के सामान देने से भी परहेज करना चाहिए। काला कपड़ा भी पूजा के अपवित्र है। इसलिए इस कलर से भी दूरी बनानी चाहिए। काला सामान अशुभ की श्रेणी में आता है।
पैर छूकर ले कन्याओं से आशीर्वाद पूजा-पाठ और कन्या भोज के साथ दान का काम करने के उपरांत व्रतधारी को कन्याओं के पैर छूना चाहिए। यह बेहद शुभ होता है। कन्या पूजन से पहले घर साफ रखना चाहिए। पूजन के दौरान कन्याएं देवी का साक्षात् रूप होती है।
छोटी कन्याओं का करें पूजन व्रतधारी इस बात का भी खास ध्यान रखे कि पूजन में आने वाले कन्याएं छोटी यानी नौ साल तक की हो। इस अधिक उम्र की कन्याएं पूजन के लिए मान्य नहीं है। नौ साल से अधिक होने वाली कन्याएं विवाह योग्य श्रेणी में आती है। इसलिए इनका पूजन नहीं होता है।