“अतिथि देवो भव:” की भावना से चला रही है होटल इंडस्ट्री स्नेहा अग्रवाल
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“अतिथि देवो भव:” की भावना से चला रही है होटल इंडस्ट्री स्नेहा अग्रवाल

-देश और समाज की सेवा करना ही एकमात्र उद्देश्य है स्नेहा के जीवन का -होटल का हर कर्मचारी परिवार जैसा : स्नेहा Jagrat Times/ Kanpur/ वर्तमान समय में हर कोई अपने बिजनेस

होटल इंडस्ट्री को भी मानव सेवा का एक रूप मानती हैं स्नेहा अग्रवाल
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होटल इंडस्ट्री को भी मानव सेवा का एक रूप मानती हैं स्नेहा अग्रवाल

-देश और समाज की सेवा करना ही एकमात्र उद्देश्य है स्नेहा के जीवन का -होटल का हर कर्मचारी महत्वपूर्ण, न कोई छोटा न बड़ा, परिवार जैसा : स्नेहा Jagrat Times, Kanpur/ वर्तमान