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रटने नहीं, समझने से मिलती है विद्यार्थी को सफलता : डॉ. दीपिका

  • June 28, 2026
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-महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दीपिका शुक्ला ने विद्यार्थियों को दी बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां -हर बच्चे का पढ़ने का तरीका और समय अलग होता

रटने नहीं, समझने से मिलती है विद्यार्थी को सफलता : डॉ. दीपिका

-महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दीपिका शुक्ला ने विद्यार्थियों को दी बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां

-हर बच्चे का पढ़ने का तरीका और समय अलग होता है

-लगातार कई घंटों तक पढ़ना हमेशा प्रभावी नहीं होता

-टॉपर्स की नकल करने के बजाय उनकी अच्छी आदतों को समझने की कोशिश करें

Jagrat Times, कानपुर : अक्सर परीक्षा के समय बच्चों और अभिभावकों पर यह दबाव बना दिया जाता है कि पढ़ाई केवल एक निश्चित समय पर ही प्रभावी होती है। कोई कहता है कि सुबह जल्दी उठकर पढ़ना सबसे अच्छा है, तो कोई रात भर जागकर पढ़ने की सलाह देता है। लेकिन सच्चाई यह है कि हर बच्चे का सीखने का तरीका, पसंदीदा विषय और पढ़ाई का समय अलग होता है।
कुछ बच्चों को सुबह के शांत वातावरण में पढ़ना अच्छा लगता है और वे उस समय चीज़ों को जल्दी समझ लेते हैं। वहीं कुछ छात्र रात में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पाते हैं। इसलिए सबसे पहले अपने लिए वह समय पहचानना जरूरी है जब आपका मन और दिमाग सबसे अधिक सक्रिय रहता है। किसी दूसरे छात्र से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार टाइम टेबल बनाइए।

टॉपर्स से क्या सीखें?

टॉपर्स की नकल करने के बजाय उनकी अच्छी आदतों को समझने की कोशिश करें। उनकी नोटबुक देखें, उनके उत्तर लिखने का तरीका देखें और समझें कि वे अपनी बात को कैसे प्रस्तुत करते हैं। कई बार एक ही उत्तर दो छात्र लिखते हैं, लेकिन एक को अधिक अंक और दूसरे को कम अंक मिलते हैं। इसका मुख्य कारण उत्तर की प्रस्तुति (Presentation) होती है।

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

उचित हेडिंग का प्रयोग करते हुए महत्वपूर्ण बिंदुओं की अंडरलाइनिंग।फ्लो चार्ट और डायग्राम का उपयोग, साफ-सुथरी और व्यवस्थित लिखावट। ये सभी बातें उत्तर को अधिक प्रभावशाली बनाती हैं। विशेषकर ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की तैयारी करते समय केवल रटने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। सबसे पहले विषय का बेसिक कॉन्सेप्ट स्पष्ट होना चाहिए। जब आधार मजबूत होगा, तब याद की गई जानकारी भी लंबे समय तक टिकेगी और प्रश्नों को समझकर हल करने की क्षमता विकसित होगी।

पढ़ाई के बीच छोटा ब्रेक भी जरूरी

लगातार कई घंटों तक पढ़ना हमेशा प्रभावी नहीं होता। यदि पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो 10-15 मिनट का छोटा ब्रेक लें। पानी पिएं, थोड़ी देर टहलें या कोई हल्की गतिविधि करें। इससे दिमाग तरोताजा हो जाता है और पढ़ाई में दोबारा एकाग्रता बढ़ती है।

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