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ऋषियों की योग परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं वान्या शर्मा

  • June 21, 2026
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Jagrat Times, नई दिल्ली। भारत की सनातन संस्कृति में योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सफल बनाने का दिव्य विज्ञान माना गया है। महर्षि

ऋषियों की योग परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं वान्या शर्मा


Jagrat Times, नई दिल्ली। भारत की सनातन संस्कृति में योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सफल बनाने का दिव्य विज्ञान माना गया है। महर्षि पतंजलि और ऋषि-मुनियों द्वारा विश्व को प्रदान की गई इस अमूल्य योग परंपरा को आज नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य युवा योग साधिका वान्या शर्मा कर रही हैं। अपनी अद्भुत प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण और असाधारण उपलब्धियों के बल पर वान्या शर्मा आज देश की सबसे प्रेरणादायक युवा योग प्रतिभाओं में गिनी जाती हैं।
कम आयु में ही 18 विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर चुकी वान्या शर्मा ने योग, खेल, शिक्षा, सामाजिक सेवा, युवा नेतृत्व और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी उपलब्धियाँ केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के लाखों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
विश्व स्तर पर स्थापित की पहचान

वान्या शर्मा को आज ग्लोबल योग आइकन, इंटरनेशनल योग चैंपियन तथा भारतीय योग एवं संस्कृति की युवा प्रतिनिधि के रूप में जाना जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत का गौरव बढ़ाया है। कम उम्र में 18 विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसने उन्हें विश्वभर में विशेष पहचान दिलाई है।
योग एवं खेल जगत में शानदार उपलब्धियाँ
वान्या शर्मा ने एशिया पैसिफिक योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, वर्ल्ड योगा कप में रजत पदक तथा अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। उन्हें यूवाईएसएफ वर्ल्ड योगा कप में “चैंपियन ऑफ चैंपियंस” की प्रतिष्ठित उपाधि से भी सम्मानित किया गया है।
उनकी उपलब्धियाँ यह प्रमाणित करती हैं कि निरंतर अभ्यास, समर्पण और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणादायक कार्य
वान्या शर्मा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने अपनी उपलब्धियों को केवल स्वयं तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए योग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर उन्हें स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया है।
वे दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए योग प्रशिक्षण देने वाली सबसे कम उम्र की प्रशिक्षकों में से एक मानी जाती हैं। उनके प्रयासों ने अनेक बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। समावेशी शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है।

राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता
वान्या शर्मा ने विभिन्न इंटर-मिनिस्ट्री योग शिविरों में भाग लिया है तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से जुड़े वेलनेस कार्यक्रमों में भी सहभागिता निभाई है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, फिटनेस जागरूकता कार्यक्रम, युवा नेतृत्व गतिविधियों, शिक्षा विकास अभियानों और जनकल्याण कार्यक्रमों में भी सक्रिय योगदान दिया है।
उनकी कार्यशैली प्रधानमंत्री के फिट इंडिया, खेलो इंडिया, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत के विजन को मजबूत करने वाली मानी जाती है।
संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की समर्थक
वान्या शर्मा केवल योग खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की युवा दूत भी हैं। वे संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं।
वे विशेष रूप से उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण (SDG-3), गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (SDG-4), लैंगिक समानता (SDG-5), असमानताओं में कमी (SDG-10), शांति एवं सशक्त संस्थानों (SDG-16) तथा साझेदारी के लक्ष्यों (SDG-17) को बढ़ावा देने में योगदान दे रही हैं।
100 से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित
अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए वान्या शर्मा को 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं—
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अवार्ड
ग्लोबल फेम अवार्ड
योग वीर सम्मान
शहीद भगत सिंह नोबल अवार्ड
कल्कि गौरव सम्मान
इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड
नेशनल प्राइड अवार्ड
यंग अचीवर अवार्ड
सुपर टैलेंटेड किड अवार्ड
चाइल्ड इंस्पिरेशन अवार्ड
स्पोर्ट्स एक्सीलेंस अवार्ड
कल्चरल एक्सीलेंस अवार्ड
वूमेन एंड चाइल्ड इंस्पिरेशन अवार्ड
एजुकेशन एक्सीलेंस रिकग्निशन
सोशल सर्विस रिकग्निशन अवार्ड्स

मीडिया में व्यापक पहचान
वान्या शर्मा की उपलब्धियों को देशभर के प्रमुख समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और टेलीविजन कार्यक्रमों में व्यापक रूप से प्रकाशित किया गया है।
उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण, पंजाब केसरी, दैनिक सवेरा सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। वे 15 से अधिक टेलीविजन कार्यक्रमों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष कार्यक्रमों, युवा उपलब्धियों और योग प्रदर्शनों में भी उन्हें विशेष स्थान मिला है।
युवा नेतृत्व एवं ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका
वान्या शर्मा को यूवाईएसएफ की सबसे कम उम्र की ब्रांड एम्बेसडर होने का गौरव प्राप्त है। वे देश के प्रतिष्ठित खेल परिधान ब्रांड Shiv Naresh की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं।
इसके अतिरिक्त वे युवा नेतृत्व, शिक्षा जागरूकता, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सेवा से जुड़े अनेक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

देश की महान हस्तियों से मिला सम्मान
वान्या शर्मा को अनेक आध्यात्मिक गुरुओं, योगाचार्यों, जनप्रतिनिधियों और प्रसिद्ध हस्तियों का आशीर्वाद एवं सम्मान प्राप्त हुआ है।
आध्यात्मिक जगत से उन्हें Premanand Ji Maharaj, Aniruddhacharya Ji Maharaj, Swami Ramdev, Acharya Balkrishna तथा Swami Chidanand Saraswati का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
फिल्म जगत से Hema Malini, Tabu, Rajpal Yadav, Ganesh Acharya, Sonu Sood, Shilpa Shetty तथा Ameesha Patel ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की है।
इसके अतिरिक्त सांसदों, मंत्रियों और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
विशेष योग्यताएँ
उन्नत योगासन प्रदर्शन
सार्वजनिक वक्तृत्व कला
युवा नेतृत्व
सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व
सामाजिक सेवा
दिव्यांग कल्याण प्रशिक्षण
प्रतिस्पर्धात्मक योग
व्यक्तित्व विकास
युवा प्रेरणा
भविष्य का लक्ष्य
वान्या शर्मा का उद्देश्य योग, शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और सेवा के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करना तथा एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है।
निष्कर्ष
आज जब पूरी दुनिया योग की शक्ति को स्वीकार कर रही है, ऐसे समय में वान्या शर्मा भारतीय ऋषियों की उस महान परंपरा की युवा ध्वजवाहक बनकर उभरी हैं जिसने सदियों पहले मानव कल्याण का मार्ग दिखाया था। 18 विश्व रिकॉर्ड, 100 से अधिक सम्मान, अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ, दिव्यांग बच्चों के लिए सेवा, राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहभागिता और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के प्रति समर्पण उन्हें भारत की सबसे प्रेरणादायक युवा योग हस्तियों में स्थान दिलाता है।
वान्या शर्मा वास्तव में उस नई भारतीय युवा शक्ति का प्रतीक हैं जो योग, संस्कृति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ा रही है।

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