नवाचार और तकनीक से किसानों को सफल उद्यमी और मार्केटिंग प्रोफेशनल बनाएगी योगी सरकार
उपज के भंडारण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए तैयार की जाएंगी आधुनिक सुविधाएं
कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, पैक हाउस, सॉर्टिंग और ग्रेडिंग यूनिट्स तैयार करने पर जोर
सहकारिता में इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया जाएगा बढ़ावा, खेती किसानी को बनाया जाएगा फायदे का सौदा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर कृषि क्षेत्र में निवेश को बनाया जाएगा आकर्षक
भंडारण एवं प्रोसेसिंग से फसलों की नहीं होने पाएगी बर्बादी
कृषि को आत्मनिर्भरता और रोजगार का प्रमुख जरिया बनाने की पहल
Jagrat Times, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अब किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर उन्हें आधुनिक और आत्मनिर्भर एग्री आंत्रप्रेन्योर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। आने वाले एक साल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सस्ते दर पर पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया जाएगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से तीन-तीन फीसदी का ब्याज उपादान भी दिया जाएगा।
योगी सरकार का फोकस अब खेती को केवल जीविकोपार्जन नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय में तब्दील करने पर है। इसके तहत प्रदेश भर में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, पैक हाउस, सॉर्टिंग और ग्रेडिंग यूनिट्स जैसे अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे। इन सुविधाओं से किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी और बेहतर दाम मिलेंगे।
साथ ही बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। सहकारिता में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देकर खेती किसानी को फायदे का सौदा बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सबसे खास बात ये है कि भंडारण एवं प्रोसेसिंग की बेहतर व्यवस्था हो जाने से अब फसलें बर्बाद नहीं होने पाएंगी। इसी के साथ कृषि को आत्मनिर्भरता और रोजगार का प्रमुख जरिया बनाने की पहल की जा रही है।
आसान ऋण और मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन
आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना और एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को प्रोसेसिंग, भंडारण और ई-मार्केटिंग से जोड़ा जाएगा। इससे वे केवल उत्पादक ही नहीं, बल्कि सफल उद्यमी और मार्केटिंग प्रोफेशनल भी बन सकेंगे। सरकार उन्हें आसान ऋण और तकनीकी मार्गदर्शन भी देगी।
ई-मार्केटिंग से सीधे बाजार तक होगी पहुंच
अब किसान अपनी फसल को ई-प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे बाजार तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और बाजार पर नियंत्रण किसानों के हाथ में रहेगा। इसके अलावा कोऑपरेटिव सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि गांवों में साझेदारी मॉडल से रोजगार और आय के नए द्वार खुल सकें।
योगी सरकार का विजन : गांव बनेंगे विकास का केंद्र
गांवों की मजबूती से ही देश की अर्थव्यवस्था को गति दी जा सकती है। इसी सोच के साथ योगी सरकार खेती और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में नवाचार और निवेश को बढ़ावा देकर ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर मोड़ रही है। योगी सरकार की यह रणनीति न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाकर उत्तर प्रदेश को एग्रीकल्चर हब में तब्दील करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।