शहर के ऐतिहासिक भवन Merchany Chamber में शान से लहराया तिरंगा
August 15, 2026
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-डॉ0 इन्द्रमोहन रोहतगी ने किया ध्वजारोहण-सलामी के लिए मौजूद रहे शहर के गणमान्य-कार्यक्रम के उपरांत डॉ0 रोहतगी का भाषण-बुजुर्गों का शहर बनने पर जताई चिन्ता-बेरोजगारी शहर की सबसे
-डॉ0 इन्द्रमोहन रोहतगी ने किया ध्वजारोहण -सलामी के लिए मौजूद रहे शहर के गणमान्य -कार्यक्रम के उपरांत डॉ0 रोहतगी का भाषण -बुजुर्गों का शहर बनने पर जताई चिन्ता -बेरोजगारी शहर की सबसे विकराल समस्या -चैंबर कर्मियों का किया गया सम्मान -नवयुवकों को घर में रोकने पर होगा विचार
Jagrat Times, कानपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज शनिवार को मर्चेन्ट चैंबर के ऐतिहासिक भवन पर डॉ0 इन्द्रमोहन रोहतगी ने शहर के गणमान्य और उद्योगपतियों की मौजूदगी में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम के दौरान चैंबर के सदस्य व उद्योगपति विशेषतौर पर मौजूद थे। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्गान पूरा चैंबर स्वरमय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ0 रोहतगी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शहर की बेरोजगारी बड़ी समस्या है। जॉब का अभाव होने के कारण बच्चे बुजुर्गों को घर में अकेला छोड़कर बाहर जा रहे है। जिस कारण पूरा शहर बुजुर्गों का शहर कहलाने लगा है। जो बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने सभी मौजूद उद्योगपतियों से अपील करते हुए कहा कि मर्चेन्ट चैंबर हमेशा समाज उत्थान के लिए काम करता आया है। आज एकबार फिर समय आ गया है कि हम सब विचार करके कुछ इस तरह की पहल करे कि शहर को बुजुर्गों का शहर न बनने दे। डॉ0 रोहतगी के इस विचार की सभी मौजूद सदस्यों ने सराहना की। सभी ने एक स्वर में कहा कि हम सब मिलकर एक कार्ययोजना बनायें और उस पर पहल करे। जिससे शहर एकबार फिर बच्चों के घर में रहने और जॉब व्यवस्था होने के कारण हरा-भरा हो जाएं। सभी गणमान्य उद्योगपतियां ने डॉ0 रोहतगी की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि हम सब पहल करेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के दौरान उद्योगपति सुशील शर्मा व विजय पंडित ने चैंबर कर्मियों को उनके अच्छे समर्पण कार्य के लिए सम्मानित किया। चैंबर के सीईईओ प्रभात मिश्रा ने आए मेहमानों को बैच लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से डॉ0 इन्दमोहन रोहतगी, अनिल अग्रवाल, विजय पंडित, सुशील शर्मा, शेष नारायण त्रिवेदी, अमित जी, सुधीर जी, अनिल अग्रवाल, विमल झाझरिया, स्वतंत्र सिंह सहित बड़ी संख्या में चैंबर अधिकारी और उद्योगपति मौजूद थे।