बुलंद इरादों से लखनऊ की डॉक्टर प्रारब्धी ने भरी सफलता की उड़ान
- June 24, 2026
- 0
-आईआईएमएसआर (IIMSR) में प्रसूति एवं स्त्री रोग विषय में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं डॉक्टर प्रारब्धी -कहा-डॉक्टर बनना मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा,
-आईआईएमएसआर (IIMSR) में प्रसूति एवं स्त्री रोग विषय में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं डॉक्टर प्रारब्धी
-कहा-डॉक्टर बनना मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का माध्यम है
अखिलेश मिश्रा, लखनऊ : कहते हैं जब इरादे बुलंद हो तो हर कीमत में सफलता की उड़ान होती ही है। कुछ ऐसा ही करके दिखाया है लखनऊ की चर्चित डॉक्टर प्रारब्धी ने। विशेष बातचीत में डॉक्टर प्रारब्धी ने बताया कि मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती हूँ, जहाँ मेहनत, संघर्ष और शिक्षा को हमेशा सबसे अधिक महत्व दिया गया। मेरे माता-पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद मेरे सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया और हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। मैंने वर्ष 2014 में अपनी 12वीं की शिक्षा पूरी की। इसके बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए तीन वर्षों तक लगातार मेहनत की। यह समय चुनौतियों और संघर्षों से भरा था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। आखिरकार, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर मुझे पश्चिम बंगाल के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त हुआ।

एमबीबीएस की पढ़ाई का सफर भी आसान नहीं था
एमबीबीएस की पढ़ाई का सफर भी आसान नहीं था। अनेक उतार-चढ़ावों, चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए मैंने अपनी पढ़ाई पूरी की। इस दौरान मैंने न केवल चिकित्सा विज्ञान का ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि धैर्य, जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का भी महत्व सीखा। इंटर्नशिप के दौरान मुझे विभिन्न विभागों में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ मैंने अनेक चिकित्सकीय कौशल सीखे और रोगियों की सेवा के वास्तविक अर्थ को समझा। एमबीबीएस पूर्ण करने के बाद मैंने स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (NEET-PG) की तैयारी शुरू की। यह मेरे जीवन का एक अत्यंत कठिन दौर था। दो वर्षों तक लगातार प्रयास करने के बावजूद मैं प्रारंभ में इतनी अच्छी रैंक प्राप्त नहीं कर सकी कि अपने पसंदीदा विषय और प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पा सकूँ। यह निराशाजनक अवश्य था, लेकिन मैंने अपने सपने को छोड़ने के बजाय एक बार फिर स्वयं को तैयार किया।

कड़ी मेहनत और लगन से मिली सफलता
आगे विस्तार से बताते हुए डॉक्टर प्रारब्धी ने कहा कि मैंने दोबारा पूरे समर्पण और मेहनत के साथ तैयारी की। अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास और निरंतर परिश्रम के बल पर मैंने NEET-PG परीक्षा में सफलता प्राप्त की। वर्तमान में मैं लखनऊ स्थित आईआईएमएसआर (IIMSR) में प्रसूति एवं स्त्री रोग (Obstetrics and Gynaecology) विषय में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत हूँ। मेरी इस यात्रा में मेरे परिवार का योगदान अमूल्य रहा है। उनके प्रेम, त्याग और विश्वास ने मुझे हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने की शक्ति दी। इसके साथ ही मैं विशेष रूप से डॉ. रंजना गुप्ता के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहती हूँ। वे केवल मेरी मार्गदर्शक ही नहीं रहीं, बल्कि मेरी तैयारी के पूरे दौर में निरंतर प्रेरणा और समर्थन का स्तंभ बनी रहीं। जब भी परिस्थितियाँ कठिन हुईं या आत्मविश्वास डगमगाया, उन्होंने मुझ पर विश्वास बनाए रखा और मुझे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। उनका मार्गदर्शन, स्नेह और प्रोत्साहन मेरी सफलता के महत्वपूर्ण आधारों में से एक है।
अपनी सफलता से संतुष्ट और बेहद प्रसन्न डॉक्टर प्रारब्धी ने कहा कि आज मैं स्वयं पर और अपने द्वारा चुने गए इस पेशे पर गर्व महसूस करती हूँ। डॉक्टर बनना मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का माध्यम है। मेरी कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और हौसला मजबूत हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
