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जनसेवा करना डॉक्टर जफर खान और डॉक्टर कुलसुम का उद्देश्य

  • April 30, 2026
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-मात्र 10 रुपये ही फीस लेकर लोगों के दांतों की समस्या को दूर कर हैं प्रतिष्ठित डॉक्टर -जीवन का एक ही उद्देश्य है कि फीस के अभाव में

जनसेवा करना डॉक्टर जफर खान और डॉक्टर कुलसुम का उद्देश्य

-मात्र 10 रुपये ही फीस लेकर लोगों के दांतों की समस्या को दूर कर हैं प्रतिष्ठित डॉक्टर

-जीवन का एक ही उद्देश्य है कि फीस के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज न प्रभावित हो

Jagrat Times/ अखिलेश मिश्रा, कानपुर : डॉक्टर को “धरती का भगवान” कहा जाता है। वह इसलिए क्योंकि जब भी हम बीमारियों से ग्रसित होकर परेशान हो जाते हैं तो हमें बीमारियों से निजात दिलाकर अपार खुशियां देकर नया जीवन देने का काम करते हैं। अब इसी क्रम में एक बात और आती है कि हर इंसान डॉक्टर की फीस देने में सक्षम नहीं होता है और ऊपर से महंगी दवाइयों का बोझ उनकी चिंता और बढ़ा देता है। पर आज भी ऐसे डॉक्टर हमारे समाज में निस्वार्थ भाव से सेवा कर “डॉक्टर धरती के भगवान” होते हैं पंक्तियों को चरितार्थ कर रहे हैं। यह डॉक्टर नाममात्र फीस लेते हैं या न के बराबर फीस लेते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं कानपुर के मशहूर सीनियर आर्थोडोंटिस्ट डॉक्टर जफर खान।

कानपुर के शास्त्री नगर में काली मठिया के पास अपनी क्लीनिक चला रहे डॉक्टर जफर खान वर्षों से मात्र 10 रुपये ही फीस ले रहे हैं। 10 रुपये फीस लेने और मरीजों को स्वस्थ करने के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए डॉक्टर जफर खान ने बताया कि मेरे परिवार में अधिकांश लोग डॉक्टर ही हैं। और हम सबका उद्देश्य यही है कि आम इंसान आसानी से इलाज करवा सके, अधिक फीस कभी भी उसके अच्छे इलाज में बाधा न बनें। उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी डेंटिस्ट डॉक्टर कुलसुम जाफर भी मेरे काम में पूरा सहयोग करतीं हैं और हर कदम पर मेरा साथ देकर मेरे हर काम, उद्देश्य, योजना और अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग करतीं हैं।
विशेष बातचीत में डॉक्टर कुलसुम ने बताया कि मैंने डॉक्टर बनने का सपना इसलिए ही देखा था कि मैं जनसेवा कर सकूं। मेरे इलाज के माध्यम से अगर एक मरीज भी स्वस्थ होकर प्रसन्न हो जाता है तो मेरा जीवन और पेशा, दोनों सफल हैं।

दांतों के लिए डॉक्टर जफर खान ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां

1.अकसर लोग माचिस की तीली या अन्य नुकीली चीज से दांत साफ करते हैं। तीली को लोग चबाने भी लगते हैं। यह हानिकारक है इससे दांतों के इनेमल की परत को नुकसान हो सकता है और कमजोर भी हो सकते हैं।

2.तीली या अन्य नुकीली चीज से दांत साफ करने से दांतों के बीच में गैप आ सकता है। इसका नुकसान यह होगा कि भोजन करते समय खाद्य पदार्थ फंसने से कैविटी होने की परेशानियां भी हो सकती है।

3.कई बार या अक्सर टूथपिक का प्रयोग करने दांतों की जड़ें कमजोर होने का खतरा होता है। इतना ही नहीं दांतों को साफ करते समय टूथपिक के टूटने का खतरा होता है और उसका टुकड़ा टूटकर दांतों में फंस भी सकता है। इससे टिशूज को नुकसान हो सकता है।

4.माचिस की तीली या अन्य किसी नुकीली चीज से से दांतों को खोदने से मसूड़ों में जख्म हो सकता है। मसूड़ों में चोट लगने के साथ ही खून निकलने की भी संभावना होती है।

दांतों को इस तरह स्वस्थ बनाएं

1.जितनी जल्दी हो सके दांतों को खोदने की आदत को छोड़ देना चाहिए। इसे कोई लाभ ही नहीं बल्कि नुकसान ही है। हमेशा ध्यान रखिए खाना खाने के बाद हर बार ठीक से साफ पानी से कुल्ला जरूर करना चाहिए। नमक वाले गुनगुने पानी का प्रयोग करेंगे तो और भी अच्छा होगा।

2 निश्चित तौर पर दांतों को नियमित साफ जरूर करना चाहिए लेकिन नुकीली या माचिस तीली की जगह नीम की तीली का प्रयोग करना चाहिए। हम सभी जानते हैं कि नीम एंटीबैक्टीरियल है, इससे दांत सुरक्षित रहेंगे।

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