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इंडिया को Ultra HighTech Safety Cover से लैस करने की तैयारी में PSIT कानपुर के संदीप

  • April 24, 2026
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-सीमा सुरक्षा के लिए इंजीनियर ने तैयार किया रोबोटिक डॉग ड्रोन-2026 की समाप्ति तक पूरा होगा प्रोजेक्ट-हाइटेक उपकरणों से लैस हो रहा डॉग-ऑफिस और अस्पतालों के लिए हाइटेक

इंडिया को Ultra HighTech Safety Cover से लैस करने की तैयारी में PSIT कानपुर के संदीप

-सीमा सुरक्षा के लिए इंजीनियर ने तैयार किया रोबोटिक डॉग ड्रोन
-2026 की समाप्ति तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
-हाइटेक उपकरणों से लैस हो रहा डॉग
-ऑफिस और अस्पतालों के लिए हाइटेक वॉच

Akhilesh Mishra/ Kanpur/ होनहार बिरवान के होत, चिकने पात। यह कहावत कानपुर निवासी इंजीनियर संदीप पर पूरी तरह चरितार्थ होती है। बचपन में बच्चे जब खिलौने से खेलते है तब संदीप ने भागने वाले खिलौने के इंजन से खेला। मां के साथ रात के समय छत पर पहुंचने पर हमेशा चांद को हाथ में लेने के लिए रोता था। परिजनों को भी क्या पता था कि परिवार का सबसे छोटा जिद्दी बच्चा एक दिन अपनी योग्यता से आसमान को चीरेगा। हाईस्कूल और इंटर करने के बाद संदीप ने पिता से इंजीनियरिंग करने की इच्छा जताई। इस पर 2019 में पीएसआईटी में मैकेनिकल से इंजीनियरिंग से बीटेक करने का सिलसिला शुरू हुआ। यहीं से संदीप के बचपन के देखे हुए सपने पूरे करने का रास्ता खुल गया।
नेशनल व इंटरनेशल लेवल पर संदीप ने दर्ज की शानदार उपस्थिति
बचपन के सपनों को साकार करने का समय आ गया था। 2022-23 में इसरो की प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। इसमें देश के 100 कॉलेजों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में सिर्फ आठ कॉलेजों का प्रदर्शन के लिए चयन हुआ। फाइनल प्रतियोगिता गुजरात में हुई। यहां पर प्रदर्शन के बाद सैटेलाइट की बेस्ट डिजाइन के लिए अवार्ड मिला। वहीं, रॉकेट बनाने के लिए देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। अपनी कार्यशैली से आसमान का सीना चीरने का हुनर रखने वाले संदीप टीम के साथ थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अपने इंजीनियरिंग माइंड से उन्होंने वज्र का निर्माण किया। 2025 में तुर्किए टेक्नोफेस्ट रॉकेट प्रतियोगिता में कॉलेज की तरफ से भाग लिया। इसमें स्वदेशी रॉकेट का प्रोटोटाइप पेश करके कॉलेज और देश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में कानपुर आईआईटी, पीएसआईटी और आईआईएसटी त्रिवेंद्रम का चयन हुआ था। इसमें पीएसआईटी देश में प्रथम, आईआईटी कानपुर पांचवें तथा आईआईएसटी त्रिवेंद्रम 9वें स्थान पर थी।
देश भर में चमका संदीप का त्रिशूल
अपने तेज दिमाग और टीम के साथ संदीप थमने का नाम नहीं ले रहे थे। सफलता सातवें आसमान पर थी। इसी बीच अक्टूबर 2025 में कुशीनगर में प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें देश के 30 इंजीनियरिंग कॉलेजों ने हिस्सा लिया। इसमें दस कॉलेजों को फाइनल में प्रदर्शन करने का मौका मिला। यहां पर भी संदीप के त्रिशूल प्रदर्शन ने शानदार उपस्थिति दर्ज की। परिणाम यह रहा कि संदीप टीम को देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। टीम में बीस लोग शामिल थे।
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2026 में संदीप देश को देंगे हाइटेक ‘वामन’
इंजीनियर संदीप देश के प्रति समर्पित हैं। हमेशा देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कुछ नया करने की फिराक में रहते है। शायद इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए संदीप टीम के साथ वामन यानी रोबोटिक डॉग बना रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों से लैस है। रमन रिसर्च एंड इनोवेशन द्वारा विकसित किया गया है। इंजीनियर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोबोट वामन एक अत्याधुनिक मल्टी-टेरेन ग्राउंड प्लेटफार्म है, जिसे विभिन्न प्रकार की सतहों पर संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। वामन नामक रोबोट पथरीले व खराब रास्तों में सीढ़ियों पर जटिल रास्तों में आसानी से चल सकता है। वामन को मल्टी-टेरेन बॉट की श्रेणी में रखा गया है। यह भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाने की दहलीज पर खड़ा है।
टीम जानकारी के अनुसार, इममें लगा लाइडर सेंसर आसपास के क्षेत्र की त्रि-आयामी थ्री डी मैपिंग करता है, जबकि इसके उन्नत कैमरे निगरानी और लक्ष्य पहचान में सहायता करते हैं। रोबोट की पीठ पर लगाया गया ड्रोन आवश्यकता पड़ने पर स्वंय तैनात किया जा सकता है। यह पहाड़ी चोटियों पर पहुंचकर दुश्मन पर पैनी नगर रखेगा। इंजीनियर की मानें तो यमन की पीठ पर रक्षा उपयोगी सिस्टम एकीकृत करने की योजना है। इस योजना का कार्यान्वयन होते ही यह सीमाओं पर तैनात होने के लिए पूरी तरह रेडी होगा।

2019 में स्टूडेंट, 2024 में टेक्नीकल एक्सपर्ट तराश रहा टैलेंट को
सपना देखना और उसे हकीकत में बदलना संदीप का सबसे बड़ा हुनर है। जिस इंजीनियरिंग कालेज यानी पीएसआईटी में 2019 में पिता राजेंद्र खरे ने बेटे को मैकेनिकल इंजीनियर बनने के लिए एडीमिशन दिलाया था। मात्र छह साल के अंदर होनहार बेटा उसी कॉलेज में छात्र से शिक्षक बन गया। इतना ही नहीं वर्तमान में कॉलेज के बच्चों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने के लिए मार्गदर्शन की भूमिका भी निभा रहा है। इतना हीं नहीं, कॉलेज के छात्रों के लिए संदीप प्रेरणाश्रोत है। मेहनत के बल पर संदीप ने कॉलेज में अपना एक अलग स्थान बनाया है।
5000 बच्चों को ऑनलाइन क्लास
वर्तमान हालात को देखते हुए संदीप ने होनहार बच्चों को सुनहरा कैरियर बनाने के लिए ऑनलाइन क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई है। संदीप का कहना है कि कैरियर में फीस किसी तरह बाधक न बने। इसलिए मात्र 500 से 1000 की फीस निर्धारित है। 5000 बच्चे ऑनलाइन क्लास ज्वाइंन करके शिक्षण कार्य कर रहे हैं। संदीप का कहना है कि शिक्षा पर सबका अधिकार है। इसी सोच को आधार बनाकर यह व्यवस्था प्रारंभ की। ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चे इसका लाभ लेकर अपने भविष्य को सुरक्षित कर रहे हैं।

स्टूडेंट के लिए मात्र 1600 में प्रोजेक्ट किट
छात्रों के भविष्य को लेकर संदीप हमेशा सजग रहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट का सामान मंहगा होता है। इसलिए सभी कॉलेजों में यह संभव नहीं हो पाता है। इसलिए बच्चों का शिक्षण कार्य तो होता है लेकिन प्रैक्टिकल संभव नहीं हो पाता। इस स्थिति को ध्यान में रखकर उन्होंने बच्चों के लिए 1600 रुपये में प्रोजेक्ट किट तैयार की है। यह किट बच्चों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। किट के माध्यम से बच्चे इसका उपयोग करके 40 प्रोजेक्ट पर आसानी से काम कर सकते हैं।

मरीजों से लेकर घरों अस्पतालों के लिए Multipurpose ‘स्मार्ट वाच’
इंजीनियर ने बताया कि लगातार समाज और देश को ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट दिमाग में चलत रहते हैं। इसलिए अस्पताल और ऑफिस तथा अकेले घरों में रखने वाले लोगों के लिए स्मार्ट वॉच तैयार की है। वॉच पर फोकस करते हुए बताया कि अगर अस्पताल में मरीज एडमिट है तो वॉच के माध्यम से अपनी जरूरत नर्स या स्टाफ तक पहुंचा सकता है। इसके लिए नर्स को खोजने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके उपयोग करने से नर्स स्वंय जा सकती है कि किसी मरीज को उसकी आवश्यकता है। ठीक इसी प्रकार बॉस के केबिन से घंटी बजाने पर ऑफिस डिस्टर्ब होता है। ऐसी स्थिति में स्मार्ट वॉच के माध्यम से बॉस जिस कर्मचारी को चाहेगा। उसकी वॉच वायब्रेट होकर सूचना देगी। घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए भी वॉच काफी कारगर है। डोर वेल से अटैच होने के बाद किसी के पुश करने पर डोर बेल बजने की जानकारी हाथ में बंधी घड़ी बतायेंगी।
रमन रिसर्च एंड इनोवेशन नाम की बनाई कंपनी
देश और समाज हित को ध्यान में रखकर इंजीनियर संदीप अपनी टीम बनाकर लगातार काम कर रहे हैं। संदीप ने बताया कि मैं और मेरा स्टूडेंट रहा लवित्र साहू ने मिलकर रमन रिसर्च एंड इनोवेशन कंपनी बनायी है। दोनों लोग इसमें निदेशक है। कंपनी का उद्देश्य डिफेंस के लिए काम करना है। लगातार उसी दिशा में अग्रसर है। देश को आधुनिका के बल पर सुरक्षा व्यवस्था से लैस करना उनका सपना है। कंपनी निदेशक बताते है कि हमारा प्रयास है कि देश हमारा इतनी प्रगति करे कि हम सेल्फ की टेक्नालॉजी पर काम करे। साथ ही इतना प्रयास करें कि चीन को अपने देश से बाहर करें। हमें स्वदेश की टेक्नालॉजी पर काम करने का मौका मिले। किसी भी आधुनिकता के लिए दूसरे देश पर निर्भर न रहना पड़े।
सफलता में राधा-रानी की कृपा और परिजनों का आशीर्वाद
स्नहेदिल संदीप काम के साथ-साथ भगवान पर भी अटूट विश्वास रखते है। अपनी बिजी लाइफ के अलावा बचे हुए समय में राधा-रानी को याद करते है। इस्कॉन मंदिर में भी अपनी सेवाएं देते हैं। उनका कहना है कि हमारी सफलता में माता-पिता के साथ समस्त परिवार और भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। इसी का परिणाम है कि लगातार अपना काम सफलता से कर रहे हैं। हमारी कंपनी लगातार बढ़ रही है। दिल्ली व मुंबई सहित अन्य प्रदेशों की कम्पनियां हमारे संपर्क में हैं। इनके साथ हम नई डील के तहत काम करने की स्थिति बना रहे हैं। बचपन का सपना आज पूरा होने की स्थिति झलक रही हैं।

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