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डॉ. मेनका और डॉक्टर राहुल के इलाज से स्वस्थ हुआ हाइटल हर्निया से पीड़ित बच्चा

  • March 20, 2026
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-कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. मेनका और डॉक्टर राहुल बाबा से इलाज कराने की सलाह दंपत्ती के लिए वरदान बन गई -बच्चे के

डॉ. मेनका और डॉक्टर राहुल के इलाज से स्वस्थ हुआ हाइटल हर्निया से पीड़ित बच्चा

-कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. मेनका और डॉक्टर राहुल बाबा से इलाज कराने की सलाह दंपत्ती के लिए वरदान बन गई

-बच्चे के स्वस्थ होने पर दंपत्ती ने धन्यवाद देकर कहा-डॉक्टर मेनका डॉक्टर राहुल योग्य एवं महान होने के साथ ही बेहद सरल व विभ्रम स्वभाव के हैं

Jagrat Times, कानपुर : डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं क्योंकि वह हमारी शारीरिक और मानसिक बीमारियों को दूर कर कष्टों का निवारण करते हैं। कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर डॉ मेनका और उनके पति डॉक्टर राहुल बाबा उर्फ अंशु अपने अद्भुत बेमिसाल शानदार लाजवाब इलाज से इन पंक्तियों को चरितार्थ करके दिखाया है।
डॉक्टर मेनका और उनके पति डॉक्टर राहुल बाबा एस्ट्रो होम्योपैथिक से इलाज कर लोगों को स्वस्थ कर नया जीवन देने का काम लगातार कर रहे हैं। अभी हाल ही में उन्होंने रावतपुर गांव में रहने वाले दंपत्ती रूप नाथ पाल और कांति पाल के चार साल के बेटे वेदांग धनगर को हाइटल हर्निया की बीमारी से मुक्ति दिलाकर उसको पूरी तरह स्वस्थ कर दिया। डॉक्टर मेनका और डॉक्टर राहुल को बहुत बहुत धन्यवाद देते हुए बताया कि मेरा बेटा कुछ भी ठीक से खा नहीं पा रहा था, यहां तक कि उसको पानी भी हजम नहीं हो रहा था। हम लोगों कानपुर के साथ ही लखनऊ में भी बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज करवाया पर उसे बिल्कुल आराम नहीं मिला। फिर एक दिन हमारे मिलने वालों ने डॉक्टर मेनका और डॉक्टर राहुल के विषय में बताया। यहां से इलाज कराते ही हमारा बच्चा धीरे-धीरे ठीक होने लगा। हम लोगों जितना सुना था, उससे भी ज्यादा डॉक्टर मेनका और डॉक्टर राहुल योग्य और महान होने के साथ ही सरल और विनम्र स्वभाव के हैं।

क्या होती है हाइटल हर्निया

हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) एक ऐसी स्थिति है जब पेट का ऊपरी हिस्सा डायाफ्राम (पेट और छाती के बीच की मांसपेशी) के छेद (हाइटस) के माध्यम से छाती की गुहा में ऊपर की ओर खिसक जाता है। इसके कारण एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन, सीने में दर्द और मतली हो सकती है। यह आमतौर पर कमजोरी या बढ़े हुए पेट के दबाव के कारण होता है।

हाल ही में हीस्टीरिया से पीड़ित बच्ची को ठीक किया था

गौरतलब है अभी कुछ दिन पहले ही उनके पास एक दंपत्ती नीरज कुमार और अर्चना द्विवेदी आए। उनकी बेटी आस्था द्विवेदी हिस्टीरिया की बीमारी से पीड़ित थी। इस बीमारी में अचानक शारीरिक दर्द (सिर, पीठ), मांसपेशियों में ऐंठन, सांस लेने में दिक्कत, घबराहट, बेहोशी, अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रियाएं (रोने और हँसने के दौरे), बोलने या निगलने में कठिनाई, और शरीर के अंगों का सुन्न होना या लकवा मारना शामिल हैं, जो अक्सर किसी गहरे तनाव या आघात के कारण होते हैं और ये लक्षण अचानक शुरू होकर गायब हो सकते हैं। इस बीमारी से ग्रसित आस्था अक्सर कहती थी कि कोई मेरा गला दबा रहा है, कोई उसे मार रहा है या फिर अजीबो-गरीब आकृतियां दिखाई देती थीं।
अपनी बेटी की बीमारी से परेशान दंपत्ती ने पहले सोचा उस पर कोई साया या निगेटिव ऊर्जा है। इसलिए उन्होंने हर तंत्र मंत्र का सहारा लेने के साथ कई तरह की पूजा भी करवाई पर बेटी को बिल्कुल आराम नहीं मिला। आखिरकार उनको एक करीबी ने घर पर रामचरित मानस का पाठ करवाने की महत्वपूर्ण सलाह दी। शायद उन्होंने रामचरित मानस का पाठ करवाने की मनौती भी मान रखी थी। अंततः नीरज कुमार और उनकी पत्नी ने अपने घर पर रामचरित मानस का पाठ करवाया। अभी घर पर पाठ चल ही रहा था कि उनके भतीजे ने कानपुर में लखनपुर के विकासनगर में स्थित डाॅक्टर राहुल बाबा और डॉक्टर मेनका की खूबियों के विषय में बताते हुए उनसे इलाज कराने के लिए कहा और यही सलाह उनकी बेटी और दंपत्ती के लिए वरदान साबित हुई। आखिरकार डॉक्टर मेनका के इलाज से उनकी बेटी पूरी तरह से ठीक हो गई। पूरे परिवार ने डॉक्टर मेनका और डॉक्टर राहुल बाबा को सहृदय धन्यवाद देते हुए यही कहा कि आप दोनों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं।

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