नारी सशक्तिकरण का दूसरा नाम है कानपुर की तनु शुक्ला
- January 26, 2026
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-नेशनल पावर लिफ्टिंग में दो गोल्ड जीतने वाली पावर लिफ्टर ने कहा-चूड़ियां पहनने वाली लड़कियां आज मैदान ए जंग में दुश्मन के दांत खट्टे कर रहीं हैं -‘ब्यूटी
-नेशनल पावर लिफ्टिंग में दो गोल्ड जीतने वाली पावर लिफ्टर ने कहा-चूड़ियां पहनने वाली लड़कियां आज मैदान ए जंग में दुश्मन के दांत खट्टे कर रहीं हैं
-‘ब्यूटी विद ब्रेन’ के साथ ही अपनी बाजुओं का दम दिखाते हुए चैंपियनशिप में दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर अपने घर परिवार और कानपुर शहर का नाम रौशन किया
-खुद का जिम ” स्टूडियो फ्लेक्स फिटज़ट्स”चला रहीं तनु शुक्ला ने कहा-कभी भी सफलता का कोई भी शार्ट कर्ट रास्ता नहीं होता है

Jagrat Times, Kanpur/ जब आपके इरादे बुलंद हो तो आपको कोई भी ताकत या मुश्किलें रोक नहीं सकती है। और यह तभी संभव होता है जब आप दिन और रात कड़ी मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य पर हमेशा नजर रखते हैं। और इस बात में और चार चांद लग जाते हैं जब यह काम कोई बेटी करके दिखाती है। कुछ ऐसा ही करके दिखाया है कानपुर की मशहूर एथलीट पावर लिफ्टर तनु शुक्ला ने। ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ के साथ ही अपनी बाजुओं का दम दिखाते हुए तनु शुक्ला ने नारी सशक्तिकरण का नायाब उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पावर लिफ्टिंग में वो मुकाम हासिल कर लिया है जो हर लड़की का सपना होता है।

हरिद्वार में 17 से 21 जनवरी तक आयोजित हुई सुब्रतो क्लासिक नेशनल पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल पावर लिफ्टिंग और ओवरऑल डेड लिफ्ट में शानदार दो गोल्ड अपने नाम कर लिए हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय कोच और परिवार को देते हुए विशेष बातचीत में तनु शुक्ला ने बताया कि सफलता हासिल करने का कोई भी शार्ट कर्ट रास्ता नहीं होता है। आपको कड़ी मेहनत और लगन के साथ हर दिन जुटना पड़ेगा। कानपुर में अपना खुद का जिम ” स्टूडियो फ्लेक्स फिटज़ट्स”चला रहीं तनु शुक्ला ने बताया कि यह जरूरी नहीं है कि हर बार आप सफल ही हो जाएंगे। आप असफल भी होंगे और फलस्वरूप हताशा और निराशा भी होगी, लेकिन ऐसी कठिन परिस्थितियों में घबराएं नहीं बल्कि धैर्य के साथ अपनी कमियों को दूर कर सफलता की इबारत लिखें। एक बात हमेशा याद रखिए लड़कियां जो चूड़ियां पहनती हैं, वो कमजोरी का प्रतीक नहीं बल्कि वो हमारी संस्कृति और परंपरा है। चूड़ियां पहनने वाली लड़कियां आज के जमाने में मैदान ए जंग से लेकर राजनीति, साइंस, तकनीकी, शिक्षा और मेडिकल जगत में अपना नाम रौशन कर रहीं हैं। इसलिए कभी भी बेटी को कम नहीं आंकना चाहिए बल्कि उसकी हौसला आफजाई कर उसे फौलाद की तरह मजबूत और निपुण बनाना चाहिए।
