दूषित पानी पीने, नहाने और कपड़े धोने में भी असुरक्षित : डॉक्टर मेनका
- January 26, 2026
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-गंदे पानी के प्रभाव से डायरिया, हैजा, टायफाइड, हेपेटाइटिस (ए और ई) और पीलिया फैलने का खतरा -पानी को कम से कम एक से तीन मिनट तक हमेशा
-गंदे पानी के प्रभाव से डायरिया, हैजा, टायफाइड, हेपेटाइटिस (ए और ई) और पीलिया फैलने का खतरा
-पानी को कम से कम एक से तीन मिनट तक हमेशा उबालकर पीना चाहिए
-शुद्ध पानी के लिए अच्छे वाटर प्यूरीफायर का उपयोग करना जरूरी
-गर्म और ताजा खाना खाने के साथ ही फल और सब्जियां साफ पानी से धोना चाहिए
Jagrat Times, कानपुर : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। इंदौर में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश के सिस्टम को हिलाकर रख दिया। इसी विषय को आगे बढ़ाते हुए दूषित पानी से होने वाली बीमारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका ने बताया कि पानी से फैलने वाली बीमारियां मुख्य रूप से दूषित पानी या अस्वच्छ भोजन के सेवन से होती हैं, जिनमें डायरिया, हैजा, टायफाइड, हेपेटाइटिस (ए और ई) और पीलिया प्रमुख हैं। ये रोग बैक्टीरिया, वायरस और परजीवियों के कारण होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गंदा पानी न केवल पीने के लिए, बल्कि नहाने और कपड़े धोने के लिए भी असुरक्षित है, जो त्वचा में संक्रमण और पेट की बीमारियां पैदा कर सकता है।

इनसे बचने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, साफ-सफाई रखें और टीकाकरण करवाएं। दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों के विषय में और जानकारी देते हुए डॉक्टर मेनका ने बताया कि डायरिया गंदे पानी से होने वाली आम बीमारी, जिससे निर्जलीकरण होता है। हैजा विब्रियो कोलेरी बैक्टीरिया के कारण, जो चावल के पानी जैसे दस्त का कारण बनता है। टायफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से, जिससे तेज बुखार और पेट दर्द होता है। हेपेटाइटिस ए और ई (पीलिया) दूषित पानी से लीवर में सूजन और पीलिया।अमीबायसिस अमीबा परजीवी से, जिससे खूनी दस्त हो सकते हैं। पोलियो वायरस दूषित पानी से फैलता है। गिनी कृमि रोग परजीवी से होने वाला संक्रमण। इन प्रमुख बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टर मेनका ने महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह देते हुए कहा कि पानी को कम से कम एक से तीन मिनट तक उबालकर पीना चाहिए। पानी को फिल्टर करने के लिए अच्छे वाटर प्यूरीफायर (आरओ/यूवी) का उपयोग करना जरूरी है। शौचालय के बाद और खाना खाने या बनाने से पहले हमेशा साबुन से ही हाथ धोने चाहिए। हमेशा ताजा भोजन करना चाहिए, गर्म और ताजा खाना खाने के साथ ही फल और सब्जियां साफ पानी से जरूर धोना चाहिए।टीकाकरण भी आवश्यक है। हेपेटाइटिस ए जैसे रोगों के लिए वैक्सीन लगवाना चाहिए। ध्यान रखिए कभी भी खुला पानी भूल से भी नहीं पीना चाहिए। यात्रा के दौरान केवल बोतल बंद या उबला हुआ पानी ही पीना चाहिए। दूषित से होने वाली बीमारियों के बाद शरीर में दिखने वाले लक्षणों पर भी विस्तार से बताते हुए डॉक्टर मेनका ने कहा कि इन बीमारियों में पेट दर्द, मतली, उल्टी और दस्त आते हैं। तेज बुखार, कमजोरी और निर्जलीकरण की शिकायत हो जाती है।