मोटापे से घबराएं नहीं, होम्योपैथी में कारगर इलाज : डॉक्टर मधुलिका
- January 16, 2026
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-मोटापा दुनियाभर में स्वास्थ्य की बड़ी समस्या , आनुवंशिक परिवर्तन से भी वजन बढ़ने की हो जाती है समस्या -अघिक वजन होने के कारण टाइप टू डायबिटीज, उच्च
-मोटापा दुनियाभर में स्वास्थ्य की बड़ी समस्या , आनुवंशिक परिवर्तन से भी वजन बढ़ने की हो जाती है समस्या
-अघिक वजन होने के कारण टाइप टू डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल और जोड़ों का दर्द
-स्वास्थ्य संबंधित रिपोर्ट के मुताबिक-मोटापे के कारण चिंता, अवसाद और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है
Jagrat Times, कानपुर : शरीर की जरूरत के हिसाब से नहीं खाने से शरीर बेडौल होने लगता है। फलस्वरूप मोटापा बढ़ने लगता है और धीरे-धीरे कई बीमारियों के होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि अनियमित दिनचर्या के साथ ही असमय आवश्यकता से अधिक खाना खाना लोगों के लिए समस्या बना जाता है। अधिक खाने के साथ ही एक्सरसाइज और व्यायाम नहीं करने के अलावा सुबह टहलने में भी आलस करने के कारण मोटापा हावी हो जाता है और मुसीबत बन जाता है। विभिन्न तरीकों के भोजन करना तो अच्छी बात है पर उसकी मात्रा नियंत्रित होने के साथ ही हाइजैनिक भो होना चाहिए।

डॉक्टर ने बताया कि मोटापा कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जिनमें टाइप टू डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, और जोड़ों का दर्द शामिल हैं। इसके मुख्य लक्षण शारीरिक थकान, सांस फूलना, और कमर व पेट के आसपास चर्बी जमना हैं। इसके कारण जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि सबसे चिंता की बात यही है कि अधिक मोटापे से उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्त शर्करा का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा टाइप टू डायबिटीज का एक प्रमुख कारण है और डायबिटीज वाले मरीजों के लिए इसकी गंभीरता को बढ़ा सकता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस फूलना या तेज चलने पर सांस रुक-रुक कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि शरीर के अधिक वजन के कारण घुटनों और अन्य जोड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। नींद संबंधी समस्याएं और खर्राटे आना आम हैं। मोटापे के कारण चिंता, अवसाद और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है।गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज, अस्थमा और कुछ प्रकार के कैंसर (जैसे स्तन और कोलन कैंसर) का खतरा भी बढ़ जाता है। वसा, नमक और चीनी में अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन। पर्याप्त व्यायाम न करना। कुछ आनुवंशिक परिवर्तन वजन बढ़ने का कारण बन सकते हैं। पर्याप्त नींद न लेना। कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याएं या कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव।
डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि मोटापा दुनिया भर में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। मोटापे से जूझ रहे लोग अक्सर अलग-अलग आहार, व्यायाम योजनाएं और दवाएं आज़माते हैं, लेकिन परिणाम हमेशा स्थायी नहीं होते। कई मरीज़ अब प्राकृतिक, सुरक्षित और दीर्घकालिक समाधानों की तलाश में हैं। यहीं पर मोटापे के लिए होम्योपैथी कारगर साबित होती है। मोटापा एक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें शरीर में अत्यधिक वसा जमा हो जाती है। इसे आमतौर पर बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का उपयोग करके मापा जाता है । मोटापा केवल दिखावे या वजन के बारे में नहीं है – यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लीवर, गठिया और अवसाद जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ाता है ।