Health My City

राम की कृपा से डॉ. मेनका मरीज के लिए बनीं ‘आस्था’

  • January 9, 2026
  • 0

-रामचरित मानस का पाठ कराने के बाद भतीजे ने दी डॉ. मेनका से इलाज कराने की सलाह -दंपत्ती की बेटी आस्था हिस्टीरिया बीमारी से थी पीड़ित, डॉ. मेनका

राम की कृपा से डॉ. मेनका मरीज के लिए बनीं ‘आस्था’

-रामचरित मानस का पाठ कराने के बाद भतीजे ने दी डॉ. मेनका से इलाज कराने की सलाह

-दंपत्ती की बेटी आस्था हिस्टीरिया बीमारी से थी पीड़ित, डॉ. मेनका ने निजात दिलाई

डॉ. मेनका और डॉक्टर राहुल बाबा से इलाज कराने की सलाह दंपत्ती के लिए वरदान बन गई

-डर और भय का जीवन जी रही बेटी को लेकर परेशान दंपत्ती ने अथक सभी संभव उपाय किए

Jagrat Times, कानपुर : होइहि सोइ जो राम रचि राखा। यानी जो कुछ राम ने रच रखा है, वही होगा।
सदियों से यह पंक्तियां परम सत्य है और सदियों तक यह पंक्तियां सत्य होती रहेगी। आखिरकर यह पंक्तियां एक बार फिर चरितार्थ हुई और इस बार माध्यम बने कानपुर और आसपास जिलों में मशहूर डॉ मेनका और उनके पति डॉक्टर राहुल बाबा। डॉक्टर मेनका और उनके पति डॉक्टर राहुल बाबा एस्ट्रो होम्योपैथिक से इलाज कर लोगों को स्वस्थ कर नया जीवन देने का काम लगातार कर रहीं हैं। अभी हाल ही में उनके पास एक दंपत्ती नीरज कुमार और अर्चना द्विवेदी आए।

उनकी बेटी आस्था द्विवेदी हिस्टीरिया की बीमारी से पीड़ित थी। इस बीमारी में अचानक शारीरिक दर्द (सिर, पीठ), मांसपेशियों में ऐंठन, सांस लेने में दिक्कत, घबराहट, बेहोशी, अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रियाएं (रोने-हँसने के दौरे), बोलने या निगलने में कठिनाई, और शरीर के अंगों का सुन्न होना या लकवा मारना शामिल हैं, जो अक्सर किसी गहरे तनाव या आघात के कारण होते हैं और ये लक्षण अचानक शुरू होकर गायब हो सकते हैं। इस बीमारी से ग्रसित आस्था अक्सर कहती थी कि कोई मेरा गला दबा रहा है, कोई उसे मार रहा है या फिर अजीबो-गरीब आकृतियां दिखाई देती थीं।

अपनी बेटी की बीमारी से परेशान दंपत्ती ने पहले सोचा उस पर कोई साया या निगेटिव ऊर्जा है। इसलिए उन्होंने हर तंत्र मंत्र का सहारा लेने के साथ कई तरह की पूजा भी करवाई पर बेटी को बिल्कुल आराम नहीं मिला। आखिरकार उनको एक करीबी ने घर पर रामचरित मानस का पाठ करवाने की महत्वपूर्ण सलाह दी। शायद उन्होंने रामचरित मानस का पाठ करवाने की मनौती भी मान रखी थी। अंततः नीरज कुमार और उनकी पत्नी ने अपने घर पर रामचरित मानस का पाठ करवाया।

अभी घर पर पाठ चल ही रहा था कि उनके भतीजे ने कानपुर में लखनपुर के विकासनगर में स्थित डाॅक्टर राहुल बाबा और डॉक्टर मेनका की खूबियों के विषय में बताते हुए उनसे इलाज कराने के लिए कहा और यही सलाह उनकी बेटी और दंपत्ती के लिए वरदान साबित हुई। आखिरकार डॉक्टर मेनका के इलाज से उनकी बेटी पूरी तरह से ठीक हो गई। पूरे परिवार ने डॉक्टर मेनका और डॉक्टर राहुल बाबा को सहृदय धन्यवाद देते हुए यही कहा कि आप दोनों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *