समाज को हमेशा बेहतर दिशा देते हैं शिक्षक : डॉ. दीपिका शुक्ला
- January 5, 2026
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-महाराणा प्रताप डेंटल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपिका शुक्ला छात्रों का भविष्य संवार रहीं हैं Jagrat Times, Kanpur/ हम सभी जानते हैं एक शिक्षक का हमारे जीवन
-महाराणा प्रताप डेंटल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपिका शुक्ला छात्रों का भविष्य संवार रहीं हैं
Jagrat Times, Kanpur/ हम सभी जानते हैं एक शिक्षक का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण रोल और स्थान होता है। शिक्षक यानी गुरु की बदौलत ही छात्रों का जीवन संवरता है। इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए महाराणा प्रताप डेंटल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपिका शुक्ला ने बताया कि जब एक शिक्षक किसी छात्र को पढ़ाता है तो उसके साथ-साथ कई पीढ़ियों का भी विकास होता है। एक शिक्षक का समाज पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उसकी द्वारा दी गई शिक्षा हमेशा मील का पत्थर साबित होती है। डॉ. दीपिका शुक्ला ने कहा कि शिक्षक ज्ञान, मूल्य और कौशल देकर, छात्रों में आलोचनात्मक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करके, और एक रोल मॉडल बनकर समाज में बदलाव ला सकते हैं। वे छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और तकनीकी व नैतिक प्रगति के लिए तैयार करके समाज को एक बेहतर दिशा दे सकते हैं, जिससे समाज का बौद्धिक और नैतिक ढाँचा मजबूत होता है।

उन्होंने बताया कि शिक्षक छात्रों को भविष्य के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और उपकरणों से लैस करते हैं, जिससे वे चुनौतियों का सामना कर सकें और सोच-समझकर निर्णय ले सकें। वे इतिहास, विज्ञान और अन्य विषयों को वास्तविक दुनिया के उदाहरणों से जोड़कर छात्रों की समझ बढ़ाते हैं। शिक्षक ईमानदारी, सहानुभूति, करुणा और जिम्मेदारी जैसे नैतिक मूल्यों को छात्रों में विकसित करते हैं, जो उन्हें अच्छे इंसान बनाते हैं। वे छात्रों को मजबूत नैतिक मूल्यों और अनुशासन के साथ एक नेक इंसान बनने में मदद करते हैं। शिक्षक छात्रों को रटने के बजाय सक्रिय रूप से सोचने, विचारों के साथ प्रयोग करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जिससे नवाचार और रचनात्मकता बढ़ती है। वे छात्रों को नए विचारों और ज्ञान की खोज के लिए प्रेरित करते हैं, जो समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। शिक्षक स्वयं ईमानदारी, समर्पण और करुणा का उदाहरण पेश करके छात्रों को प्रेरित करते हैं, जिससे छात्र भी इन गुणों को अपनाते हैं। वे छात्रों के लिए एक आदर्श बनते हैं, जिससे वे जीवन में ऊँचा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित होते हैं। शिक्षक छात्रों में समानता, न्याय और मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करते हैं, जिससे एक निष्पक्ष और जागरूक समाज का निर्माण होता है। वे छात्रों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समझ विकसित करने में मदद करते हैं। शिक्षक प्रौद्योगिकी और डिजिटल साक्षरता का उपयोग करके छात्रों को आधुनिक दुनिया के लिए तैयार करते हैं और उन्हें नई परिस्थितियों में भी इनका उपयोग करना सिखाते हैं। शिक्षक विद्यालय और समुदाय के संसाधनों का उपयोग करके सामुदायिक जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं और छात्रों को समुदाय के लिए जिम्मेदार बनाते हैं।