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कोल्ड स्ट्रोक और जुकाम दोनों अलग-अलग स्थितियां : डॉ. दीपिका

  • January 5, 2026
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जुकाम में नाक बंद या बहना, छींकना, गले में खराश, हल्की खांसी, कभी-कभी हल्का सिरदर्द कोल्ड स्ट्रोक में तेज़ बुखार, पसीना न आना, त्वचा का गर्म और लाल

कोल्ड स्ट्रोक और जुकाम दोनों अलग-अलग स्थितियां : डॉ. दीपिका

जुकाम में नाक बंद या बहना, छींकना, गले में खराश, हल्की खांसी, कभी-कभी हल्का सिरदर्द

कोल्ड स्ट्रोक में तेज़ बुखार, पसीना न आना, त्वचा का गर्म और लाल होना और तेज़ सिरदर्द

कोल्ड स्ट्रोक जानलेवा है, जिसमें तुरंत इलाज ज़रूरी है, क्योंकि इससे अंग खराब हो सकते हैं

Jagrat Times, कानपुर : अक्सर लोगों को बीमारियों के विषय में सही जानकारी नहीं होती है। दूसरे शब्दों में उन्हें यह पता नहीं होता है आखिरकार वो किस मर्ज से पीड़ित है। इसके कारण वो गलत इलाज करवाकर अपनी परेशानी और बढ़ा लेते हैं। इस विषय पर विस्तार से चर्चा कर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए महाराणा प्रताप डेंटल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर दीपिका शुक्ला ने बताया कि कोल्ड स्ट्रोक (हीट स्ट्रोक) और जुकाम (सामान्य सर्दी) दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं: जुकाम एक हल्का वायरल संक्रमण है, जिसके लक्षण नाक बहना, छींक आना, गले में खराश होते हैं, जबकि कोल्ड स्ट्रोक (हीट स्ट्रोक) शरीर के ज़्यादा गरम होने के कारण होता है, जिसमें तेज़ बुखार, बेहोशी और अंग फेल होने का खतरा होता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है और ठंड लगने से नहीं, बल्कि अत्यधिक गर्मी से होता है, जबकि जुकाम ठंड लगने से शुरू हो सकता है और हल्के लक्षणों के साथ ठीक हो जाता है, पर फ्लू ज्यादा गंभीर होता है।

एसोसिएट प्रोफेसर दीपिका शुक्ला ने बताया कि सामान्य सर्दी जिसे जुकाम कहते हैं। यह बीमारी कई तरह के वायरस (जैसे राइनोवायरस) के कारण होती है। इसमें धीरे-धीरे शुरू होते हैं -नाक बंद या बहना, छींकना, गले में खराश, हल्की खांसी, कभी-कभी हल्का सिरदर्द। आमतौर पर हल्की होती है और कुछ दिनों से एक हफ़्ते में ठीक हो जाती है। वहीं कोल्ड स्ट्रोक (हीट स्ट्रोक) की बात करें तो इस बीमारी में शरीर का तापमान बहुत ज़्यादा बढ़ जाना (अत्यधिक गर्मी)। इससे तेज़ बुखार, पसीना न आना, त्वचा का गर्म और लाल होना, तेज़ सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी, दौरे पड़ने का खतरा होता है। यह एक जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत इलाज ज़रूरी है, क्योंकि इससे अंग खराब हो सकते हैं। जुकाम और कोल्ट स्ट्रोक में मुख्य कारण यह है कि जुकाम में बुखार कम या नहीं होता, हीट स्ट्रोक में बुखार बहुत तेज़ होता है (104°F/40°C या उससे ज़्यादा)। जुकाम धीरे-धीरे बढ़ता है, हीट स्ट्रोक अचानक आता है (अत्यधिक गर्मी)। जुकाम में नाक-गले के लक्षण, हीट स्ट्रोक में बेहोशी, सिरदर्द, अंग काम न करना। जुकाम घरेलू उपायों से ठीक, हीट स्ट्रोक के लिए तुरंत डॉक्टर के पास जाना ज़रूरी। कुल मिलाकर जुकाम एक सामान्य वायरल इन्फेक्शन है, जबकि कोल्ड स्ट्रोक (हीट स्ट्रोक) शरीर के ज़्यादा गरम होने से होता है और जानलेवा हो सकता है, इसलिए इन दोनों में भ्रमित न हों और लक्षणों के आधार पर सही कदम उठाएं।

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