मानसिक तनाव से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा : डॉ. मधुलिका शुक्ला
- December 10, 2025
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सांस फूलने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर पूरी जांच करानी चाहिएअपने मन से कभी भी मेडिकल स्टोर से कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिएकिडनी रोग और मधुमेह
सांस फूलने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर पूरी जांच करानी चाहिए
अपने मन से कभी भी मेडिकल स्टोर से कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए
किडनी रोग और मधुमेह होने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ने का रहता है खतरा
न समय से भोजन करना, न समय से विश्राम या पूरी नींद लेने से भी दिक्कत
Jagrat Times, कानपुर : वर्तमान समय में हर इंसान अपनी योग्यता और जरूरत के हिसाब से जीवन में तरक्की करने के प्रयास में दिन और रात कठिन परिश्रम कर रहा है। इस वजह से वह अपने स्वास्थ्य पर पूर्णतया ध्यान नहीं दे पा रहा है। न समय से भोजन करना, न समय से विश्राम या पूरी नींद लेना। इतना ही भोजन में जरूरी पोषक तत्व पर भी ध्यान न देना। इस वजह से अधिकांश लोग मानसिक तनाव के कारण ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। सीनियर होम्योपैथिक

फिजिशियन डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि रक्तचाप वह बल है जो आपका रक्त आपकी धमनियों में प्रवेश करने के लिए उपयोग करता है। जब आपका हृदय पंप करता है, तो यह ऑक्सीजन युक्त रक्त को आपकी धमनियों में धकेलने के लिए बल का उपयोग करता है। वे इसे आपके शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों तक पहुंचाते हैं।जब इंसान तनाव में होता है तो परिस्थिति विकट हो जाती हैं। तनाव के उच्च स्तर से रक्तचाप में अस्थायी वृद्धि हो सकती है। इसके प्रमुख कारण अधिक खाना, तंबाकू का सेवन या शराब पीना है। किडनी रोग, मधुमेह और स्लीप एपनिया कुछ ऐसी स्थितियां हैं जो उच्च रक्तचाप का कारण बन सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आपकी सांस हमेशा फूलती रहती है या फिर आप किसी भी काम को करने में परेशान हो जाते हैं और सांस फूलने लगती है तो यह अधिक हाई बीपी के लक्षण हो सकते हैं। कमजोरी और थकान महसूस करना, गंभीर सिरदर्द भी ज्यादा ब्लड प्रेशर के लक्षण हो सकते हैं।
डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने बताया कि ऐसे किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर के पास जाकर ठीक से जांच करवानी चाहिए। उनकी सलाह पर ही संबंधित दवा का प्रयोग करना चाहिए। कोई भी दिक्कत होने पर अपने अनुसार मेडिकल स्टोर से दवा लेने से परहेज करना चाहिए। दवा के अलावा ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए सबसे पहले अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की भी जरूरत है। हमेशा संतुलित आहार ही लेना चाहिए, कभी भी किसी भी प्रकार का नशा मत कीजिए और शरीर के वजन को हमेशा संतुलित रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है। संतुलित आहार में साबुत अनाज, फल, सब्जी और जूस को नियमित पीना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है अपने जीवन में किसी बात को लेकर मानसिक तनाव को हावी नहीं होने देना चाहिए और पूरी नींद नियमित लेनी चाहिए।