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बच्चों को नियमित ब्रश करने की आदत डालना हर माता-पिता की जिम्मेदारी : डॉ. दीपिका

  • December 6, 2025
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–बच्चों के दांत संबंधित बीमारियों से बचाकर उन्हें स्वस्थ रखन को लेकर महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज, कानपुर में मनाया गया नेशनल चिल्ड्रन्स डेंटल डे -डॉ. अल्पना ने कहा,

बच्चों को नियमित ब्रश करने की आदत डालना हर माता-पिता की जिम्मेदारी : डॉ. दीपिका

बच्चों के दांत संबंधित बीमारियों से बचाकर उन्हें स्वस्थ रखन को लेकर महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज, कानपुर में मनाया गया नेशनल चिल्ड्रन्स डेंटल डे

-डॉ. अल्पना ने कहा, हर तीन से चार महीने में अपना टूथब्रश बदल देना चाहिए,कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए

Jagrat Times, Kanpur/ हमारे जीवन में शिक्षक बहुत महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं। उनके द्वारा दी जाने वाली सीख और शिक्षा से समाज को नई दिशा मिलती है। हर शिक्षक पढ़ाने के साथ ही सामाजिक दायित्व और सामाजिक सरोकार में भी विशेष रुचि रखता है। इसी क्रम में ही महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज, कानपुर में तीन दिसंबर को नेशनल चिल्ड्रन्स डेंटल डे का विशेष आयोजन किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपिका शुक्ला और प्रोफेसर अल्पना ने अहम भूमिका निभाई। इस मौके पर बच्चों को तोहफे भी दिए गए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान वहां उपस्थित प्रोफेसर और स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है। माता-पिता को अपने बच्चों को नियमित समय पर दांतों की देखभाल करने की आदत डालने में मदद करनी चाहिए।

दांतों की सड़न बचपन की सबसे आम पुरानी बीमारी बनी हुई है। इसके लिए सतत शिक्षा कार्यक्रम और रोकथाम संबंधी जागरूकता को माता-पिता को ज़्यादा से ज़्यादा अपने बच्चों को समझाना चाहिए। कुल मिलाकर वयस्कों और माता-पिता को बच्चों की दांत संबंधित रोगों को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। डॉ. दीपिका शुक्ला ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के दांतों की देखभाल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ दांतों और मसूड़ों के लिए उचित मौखिक स्वच्छता आवश्यक है। इसमें रोजाना ब्रश करना और फ्लॉसिंग करना शामिल है। इसके अलावा, आपको नियमित रूप से अपने दंत चिकित्सक से दंत परीक्षण और सफाई करवानी चाहिए। एक सफल डेंटिस्ट आपको एक सुंदर मुस्कान और दीर्घकालिक मौखिक स्वास्थ्य का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है। इसी क्रम में प्रोफेसर डॉ. अल्पना ने भी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से दिन में दो बार यानी सुबह और रात में अपने दांतों को धीरे-धीरे और गोलाकार गति में ब्रश करना चाहिए और अपने बच्चों को इसकी आदत डालनी चाहिए। हर तीन से चार महीने में अपना टूथब्रश बदल देना चाहिए। दांतों के बीच फंसे भोजन के कणों को हटाने के लिए रोजाना फ्लॉस करना बेहद जरूरी है। हर भोजन के बाद ताजे पानी से मुंह साफ करना चाहिए। फ्लोराइड वाले माउथवॉश का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हर छह महीने में डेंटिस्ट के पास जाएं और पेशेवर सफाई कराएं। डॉ. दीपिका शुक्ला ने बताया कि नियमित ब्रश और फ्लॉस करने के 30 मिनट बाद कुछ भी खाने-पीने से बचें: ताकि फ्लोराइड का असर हो सके। दातों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें, हर भोजन के बाद कुल्ला करें और रोजाना फ्लॉस करें। इसके अलावा, शर्करायुक्त और अम्लीय खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करने के साथ ही नियमित डेंटिस्ट से मिलना चाहिए। इसके अलाना कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए।

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