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सेन्ट थामस एक्जीविशन में दिखा छोटे वैज्ञानिकों का जलवा

  • November 8, 2025
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-आर्ट, साइंस व कम्पयूटर की दिखी झलक-9 व 11 के छात्र व छात्राओं ने लिया हिस्सा-पर्यावरण संरक्षण व नालंदा विश्वविद्यालय भी प्रांगण में दिखा-चीफ गेस्ट व स्कूल प्राचार्य

सेन्ट थामस एक्जीविशन में दिखा छोटे वैज्ञानिकों का जलवा

-आर्ट, साइंस व कम्पयूटर की दिखी झलक
-9 व 11 के छात्र व छात्राओं ने लिया हिस्सा

-पर्यावरण संरक्षण व नालंदा विश्वविद्यालय भी प्रांगण में दिखा
-चीफ गेस्ट व स्कूल प्राचार्य ने देखी बच्चों की प्रतिभा
-टीचर व कर्मियों ने संभाली व्यवस्था की कमान
-छाया रहा स्कूल में ऑपरेशन सिंदूर

-छोटे वैज्ञानिकों की प्रतिभा का गेस्ट ने माना लोहा
Jagrat Times, कानपुर। शनिवार को सेंट थामस स्कूल में एक्स्प्लोर-2025 का शुभारंभ हुआ। इसमें चीफ गेस्ट के रूप में सेंट जोसफ कालेज के मैनेजर लारेंस फर्नाडिंस मौजूद थे। स्कूल के 9 व 11 के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। एक्जीविशन में कला, विज्ञान व कमप्यूटर पर फोकस था। बच्चों ने अपनी प्रतिभा से एक से एक अविष्कार बनाकर अभिभावक और अतिथियों को आश्चर्यचकित कर दिया।
चीफ गेस्ट और प्राचार्य मैदान मे ंसजे सभी स्टाल में गये और बच्चों के द्वारा बनायी गयी चीजों पर चर्चा की। इसपर छोटे वैज्ञानिकों ने अपने अविष्कार की महत्वपूर्ण जानकारी देकर अतिथियों को संतुष्ट कर दिया। बच्चों की मेहनत देखकर अतिथियों ने सभी बच्चों की जमकर सराहना की।

छोटे बच्चों की कला-कृतियों से मेहमानों का वेलकम
स्कूल के प्रवेश द्वार से ही बच्चों ने शानदार आकृतियों बनाकर आने वाले अभिभावक और अतिथियों का वेलकम किया। आकृतियों के स्टाल पर मिक्की माउस हो या फिर पर्यावरण सभी से संबंधित कागज से चित्र बनाये गये थे। छोटे बच्चे बकायदा एक सुर में गाकर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे। बच्चों की प्रतिभा देखकर अभिभावक भी हैरान थे। स्वागत करने वाले बच्चे पूरा वेलकम अंग्रेजी भाषा मे ंकर रहे थे। जो आकर्षण का केन्द्र था।

मैदान में दिखी ऑपरेशन सिंदूर की झलक
स्कूल प्रांगण में सबसे पहले ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखी। यह भव्य पोस्टर अपने सैनिकों की बहादुरी की शानदार मिसाल थी। यहां पर उपस्थित स्कूल के शिक्षक आने वाले मेहमानों का ऑपरेशन सिंदूर और वीर सैनिकों की शानदार जीत की संक्षिप्त जानकारी दे रहे थे। आने वाले मेहमानों ने यहां ठहर कर देश के गर्वान्वित करने वाले पोस्टर के साथ फोटो ली।

मैदान में सजा वेलकम सॉग का मंच
स्कूल मैदान में अतिथि के लिए स्कूल बच्चों ने बकायदा वेलकम सॉग गाकर शानदार स्वागत किया। मंच पर बच्चों के साथ शिक्षक भी मौजूद थे। मधुर धुन में गाना और अतिथियों का भ्रमण एक अलग ही माहौल बना रहा था। मेहमान और गार्जियन भी बच्चों का हौसला अफजायी कर रहे थे।

स्टॉल-स्टॉल किया चीफ गेस्ट ने निरीक्षण
एक्जीविशन में बच्चों का हौसला आसमान पर था। टीम के साथ सभी बच्चे अतिथि के आने का जोरदारी से इंतजार कर रहे थे। अतिथि भी टीम के साथ बच्चों से मिलकर उनकी कला और प्रतिभा पर सवाल-जवाब कर रहे थे। गेस्ट के सवाल और बच्चों के जवाब से मेहमान भी पूरी तरह संतुष्ट दिखे। उत्साहित बच्चों ने अतिथि के साथ फोटो भी खिंचायी।

शिक्षकों ने संभाली एक्जीविशन की कमान
कला-कृतियों और प्रोजेक्ट से पूरा मैदान सजा था। हर स्टॉल पर बच्चे अपनी टीम के साथ सर्तक थे। लेकिन उनपर नियंत्रण रखने के लिए शिक्षक भी पूरी गंभीरता से सक्रिय थे। सभी बच्चें नियंत्रित रहे। उन्हें कोई परेशानी न हो। इसके लिए पूरी एक्जीविशन पर शिक्षकों की पैनी निगाह थी। हर स्टॉल पर जाना और सभी चीजों पर बरीक नजर रखना इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों ने ले रखी थी।

अतिथियों के साथ रहे स्कूल शिक्षक
चीफ गेस्ट के साथ स्कूली शिक्षक लगातार बने रहे। शिक्षकों का काम था। मेहमान को स्टॉल तक बारी-बारी ले जाना और प्रोजेक्ट पर जानकारी देना। हालांकि बच्चे अपने प्रोजेक्ट के सवाल-जवाब स्वंय ही दे रहे थे। बच्चों की प्रतिभा देखकर प्राचार्य व शिक्षक काफी प्रसन्न थे।

बच्चों के साथ मैदान पर भी कड़ी नजर
मेहमान और अभिभावकों से खचाखच भरा मैदान शिक्षकों के लिए चुनौती बना था। किसी भी बच्चे और अभिभावक को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके लिए सभी स्टॉल और मैदान दोनों स्थानों पर पैनी निगाह रखे थे। बच्चों को होने वाली दिक्कत पर शिक्षक आपस में मिलकर निदान कर रहे थे। इस कारण पूरे मैदान में शिक्षक और कर्मचारी तालमेल बनाते दिखे।

प्रोजेक्ट की खूबियां बताने के इंतजार में बच्चे
मुख्य अतिथि व स्कूल प्राचार्य टीम के साथ एक-एक बच्चों के स्टॉल में जाकर बरीकी से प्रोजेक्ट व उसकी प्रतिभा का निरीक्षण कर रहे थे। इतना ही नहीं बच्चों से सवाल-जवाब के कारण थोड़ा समय लग रहा था। ऐसी स्थिति में दूसरे स्टॉल के बच्चे बड़ी बेसब्री से अतिथि और प्राचार्य का अपने पास आने का इंतजार कर रहे थे। उत्साहित बच्चे बीच-बीच स्टॉल से बाहर आकर यह देख रहे थे की मेहमान अब किस स्टॉल में हैं।

नालंदा विश्वविद्यालय और आधुनिक समाज की दिखी झलक
बच्चों ने अपनी सोंच और वैज्ञानिक माइंड का शानदार जलवा प्रस्तुत किया। छात्राओं ने अपनी कला से प्रांगण में बिहार का नालंदा विश्वविद्यालय दिखाया। वहीं, बच्चों ने पावर ब्रेक का इस्तेमाल कितना कारगर है। इसकी झलक भी प्रस्तुत की। पर्वावरण को कैसे सुरक्षित करना है। इसका भी अवलोकन कराया।

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