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Astrophysics से हर मर्ज को दूर कर रहे हैं कानपुर के कपल डॉक्टर मेनका और राहुल

  • October 18, 2025
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एस्ट्रोफिजिक्स के जरिए मरीज की पूरी हिस्ट्री को खंगाला जाता है काफी दिनों से ठीक नहीं हो रहीं बीमारियों के कारण पता किए जाते हैं मरजिया जाफर, नोएडा:

Astrophysics से हर मर्ज को दूर कर रहे हैं कानपुर के कपल डॉक्टर मेनका और राहुल

एस्ट्रोफिजिक्स के जरिए मरीज की पूरी हिस्ट्री को खंगाला जाता है

काफी दिनों से ठीक नहीं हो रहीं बीमारियों के कारण पता किए जाते हैं

मरजिया जाफर, नोएडा: Astrophysics universe के बारे में study करता है….जैसे तारे, ग्रह और गैलेक्सी। लेकिन astrophysics के कुछ Principles और Techniques मेडिकल में भी इस्तेमाल किए जाते हैं…. जैसे रेडिएशन थेरेपी, MRI और सीटी स्कैन जैसी इमेजिंग टेनोलॉजी… इसके अलावा कई बीमारियों के इलाज करने के लिए भी astrophysics का इस्तेमाल करते है। उत्तर प्रदेश में एस्ट्रो और मेडिकल के कॉम्बिनेशन से
एक कपल बीमारों का इलाज कर रहा है। कानपुर की सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका और उनके astrologer पति डॉक्टर राहुल astrophysics की मदद से लोगों का इलाज कर रहे हैं।

हर मरीज को स्वस्थ करना मुख्य उद्देश्य

डॉ. मेनका और डॉ. राहुल हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि हर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर ही उनके पास से जाए। astrophysics couple ka कहना है कि…. पॉल्यूशन के साथ ही lifestyles aur balanced diet न होने के कारण धीरे-धीर कोई न कोई बीमारी शरीर पलने लगती है। ऐसी जटिल बीमारियों से पार पाना इतना आसान नहीं है। डॉक्टर मेनका ने ऐसी बीमारियों पर किए गए सफल इलाज के अद्भुत अनुभव साझा करते हुए बताया कि एस्ट्रोफिजिक्स के जरिए मरीज की पूरी हिस्ट्री को खंगाला जाता है। यानी मरीज को संबंधित बीमारी कितने दिनों, महीनों या सालों से हैं। अब तक बीमारी ठीक नहीं होने का कारण क्या है। क्या उसके माता-पिता को भी इस तरह की बीमारी हुई थी।

लाइफस्टाइल की स्टडी की जाती है

जन्म लेने से पहले ही कहीं वो इस बीमारी से ग्रसित नहीं था। जब इस प्रकार की हर जानकारी पता चल जाती है। तो मरीज की lifestyle पर भी स्टडी कि जाती है। साथ ही उसका व्यवहार और उसकी सोच कैसी है। आसपास रहने वालों की सोच कैसी है। जिसका उस पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। इन सभी पहलुओं पर स्टडी के बाद मरीज का होम्योपैथिक treatment शुरू किया जाता है। इस बात का भी खास ध्यान रखा जाता है कि उसके शरीर की इम्यूनिटी पावर कैसी है। मरीज की इम्यूनिटी पावर कमजोर होती है तो उसे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है ताकि उसको दी जाने वाली दवा का असर हो सके।

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