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एशिया पैसिफिक योगा चैम्पियनशिप में वान्या का स्वर्णिम जलवा, तीन प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान

  • September 4, 2025
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Jagrat Times, मलेशिया/ भारत की नन्ही योग प्रतिभा वान्या शर्मा ने मलेशिया में आयोजित तीसरी एशिया पैसिफिक योगा खेल चैम्पियनशिप (2 से 5 सितम्बर 2025) में अपनी अद्वितीय

एशिया पैसिफिक योगा चैम्पियनशिप में वान्या का स्वर्णिम जलवा, तीन प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान

Jagrat Times, मलेशिया/ भारत की नन्ही योग प्रतिभा वान्या शर्मा ने मलेशिया में आयोजित तीसरी एशिया पैसिफिक योगा खेल चैम्पियनशिप (2 से 5 सितम्बर 2025) में अपनी अद्वितीय प्रतिभा और कठोर परिश्रम से ऐसा इतिहास रचा, जिसने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। वान्या ने पारंपरिक प्रतियोगिता, कलात्मक एकल प्रतियोगिता और कलात्मक युगल प्रतियोगिता—तीनों में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम बुलंद किया।

कलात्मक युगल प्रतियोगिता में वान्या शर्मा के साथ मीशा सैनी उनकी पार्टनर रहीं, और दोनों ने शानदार तालमेल व अद्भुत प्रस्तुति के बल पर स्वर्ण पदक भारत के नाम किया।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता विश्व योगा खेल महासंघ के तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें 12 देशों से आए 160 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतने बड़े मंच पर तीन-तीन स्वर्ण पदक अर्जित करना वान्या की अदम्य लगन और असाधारण निपुणता का प्रमाण है।

निर्णायकों ने वान्या के प्रदर्शन को “अनुपम संतुलन, उत्कृष्ट लयबद्धता और विलक्षण प्रस्तुति” की मिसाल बताते हुए उनकी सराहना की। मंच पर उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से देर तक गूंजता रहा।

भारत की नन्ही योगिनी

सिर्फ 7 वर्ष की आयु में वान्या शर्मा आज योग जगत में प्रेरणा का अद्भुत स्रोत बन चुकी हैं। अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी वान्या के नाम कई विश्व कीर्तिमान दर्ज हैं। उनकी मेहनत और लगन ने सिद्ध कर दिया है कि उम्र कोई बंधन नहीं होती—समर्पण और जुनून के बल पर असंभव भी संभव किया जा सकता है। वान्या का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में वे भारत को ओलंपिक स्तर पर भी स्वर्ण पदक दिलाएँ।

हस्की स्पोर्ट्स ब्रांड बाई माटा स्पोर्ट्स का सहयोग

वान्या की इस सफलता की यात्रा में हस्की स्पोर्ट्स ब्रांड बाई माटा स्पोर्ट्स ने उन्हें अपना सहयोग और संबल प्रदान किया। उनकी तैयारी तो व्यक्तिगत मेहनत और परिवार के मार्गदर्शन से हुई, परंतु इस ब्रांड का साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण रहा।

गर्व और उमंग की लहर

वान्या की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे देश में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई है। योग समुदाय, खेल जगत, शिक्षकों और साथियों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। उनकी यह विजय न केवल भारत की प्रतिष्ठा को ऊँचाइयों पर ले जाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी योग और भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ने की प्रेरणा देती है।

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