छोटी-छोटी गइया छोटे ग्वाल पर अन्यया व आध्या की प्रस्तुति को भक्तों ने सराहा
- August 28, 2025
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-गणेश उत्सव पर बच्चे कान्हा बनकर किया नृत्य-गजाजन कभी मेरी भी कुटिया में आ जाना भजन को मिली तालियां-शाम होते-होते पंडाल भक्तों से भरा-सुबह के समय भव्य हुआ
-गणेश उत्सव पर बच्चे कान्हा बनकर किया नृत्य-गजाजन कभी मेरी भी कुटिया में आ जाना भजन को मिली तालियां-शाम होते-होते पंडाल भक्तों से भरा-सुबह के समय भव्य हुआ
-गणेश उत्सव पर बच्चे कान्हा बनकर किया नृत्य
-गजाजन कभी मेरी भी कुटिया में आ जाना भजन को मिली तालियां
-शाम होते-होते पंडाल भक्तों से भरा
-सुबह के समय भव्य हुआ रूद्राभिषेक से गंूजा क्षेत्र
-बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए दिया गया ईनाम
Jagrat Times, कानपुर। गजानन स्थापना के दूसरे दिन यानी गुरूवार को अहले सुबह से ही पंडाल में भक्तों की चहलकदमी हो गयी। भोर का शुभारंभ पंडित जी के मंत्रों से हुआ। दोपहर होते-होते पूरा क्षेत्र भव्य रूद्राभिषेक के मंत्रों और ओम नमः शिवाय से गंूजायमान रहा। पंडाल में व्यवस्था की कमान नवयुवक मंडल के मोहन मिश्रा और मोहित अवस्थी ने संभाली। जबकि पंडाल के प्रवेश द्वार पर विशाल टंडन अतिथि देवों भवः के लिए कमान संभाले थे। वहीं, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम को उर्जावान बनाने के लिए संरक्षण मंडल प्रो0 राकेश मिश्रा, राजेश द्विवेदी, चन्द्रशेखर मिश्रा, ललित बाजपेयी, रविशंकर शुक्ला सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे।

भगवान शंकर के रूद्राभिषेक से गूंजा पंडाल
स्थापना दिवस के दूसरे दिन भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन हुआ। इसमें भक्तों ने भाग लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पंडित जी के मंत्रों से पूरा इलाका पॉजिटिव उर्जा से भर गया। इस दौरान महिला भक्तों ने भगवान शिव को भजन सुनाकर पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया। आरती के बाद भोग लगा और सभी को वितरित किया गया।

भजन संध्या में कलाकारों ने समां बांधा
भजन संध्या में भाग लेने आयी वर्षा ने जैसे ही भजन गुनगुना शुरू किया। पूरे पंडाल का माहौल ही बदल गया। सभी भक्त थिरकने लगे। वर्षा ने लगातार गजानन के भजन गाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस दौरान कलाकारों ने तालियां बजवाकर भक्तों को उर्जावान कर दिया। बीच-बीच में जयकारों का भी उद्घोष होता रहा।

संरक्षक मंडल ने किया सम्मानित
कलाकार और बच्चों की सराहनीय प्रस्तुति पर संरक्षक मंडल के सदस्यों ने उन्हें सम्मानित किया। सम्मान पाकर बच्चों और कलाकार और भी उर्जा से लवरेज हो गये। कलाकार का साथ देने के लिए उनकी बजाने वाली टीम भी पूरे समय जमकर मेहनत करती रही। ढोलक की थाप ने गायन कलाकारों को और भी एक्टिव कर दिया।

प्रशांत मिश्रा ने सहयोगियों का किया अभिनंदन
समिति के उर्जावान प्रशांत मिश्रा ने पूरे कार्यक्रम के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा कि जो सदस्य या फिर स्थानीय लोग उनका ह्दय से सहयोग कर रहे थे उनका मंच से अभिवादन करते हुए धन्यवाद दिया। प्रशांत ने कहा कि स्थानीय लोगों के प्यार और सहयोग का ही परिणाम है कि आज गजानन केशवनगर में विराजमान है।
