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अंबाला कैंट में “गुरु वंदन छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन

  • August 5, 2025
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Jagrat Times, Kanpur/ एस. डी. गर्ल्स हाई स्कूल, तोपखाना, अंबाला कैंट में “गुरु वंदन छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।यह आयोजन भारत विकास परिषद द्वारा शिक्षकों

अंबाला कैंट में “गुरु वंदन छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन

Jagrat Times, Kanpur/ एस. डी. गर्ल्स हाई स्कूल, तोपखाना, अंबाला कैंट में “गुरु वंदन छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
यह आयोजन भारत विकास परिषद द्वारा शिक्षकों और छात्रों के सम्मान हेतु प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इस वर्ष कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के ब्लू हाउस की अध्यापिकाओं द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों के बीच के पवित्र बंधन को सुदृढ़ करना, शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और मेधावी छात्रों को सम्मानित करना रहा। यह कार्यक्रम शिक्षकों और अभिभावकों के सम्मान के महत्व को रेखांकित करता है तथा छात्रों को उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।

समारोह में मुख्य अतिथि एवं मंचसीन अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम भारत माता एवं मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर वंदे मातरम् के गान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती रेखा को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए तथा दसवीं कक्षा की छात्रा कु. तरनप्रीत कौर को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती ज्योति नरूला बहल ने इस अवसर पर कहा कि -“गुरु और शिष्य का संबंध केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह जीवन-मूल्यों, अनुशासन और प्रेरणा का संवाहक होता है। भारत विकास परिषद की यह पहल न केवल शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करती है, बल्कि छात्रों में भी गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करती है। इस अवसर पर मैं परिषद के समस्त पदाधिकारियों के प्रति विद्यालय की ओर से हार्दिक आभार प्रकट करती हूँ तथा आयोजन में भाग लेने वाले सभी अध्यापकों एवं छात्राओं को शुभकामनाएँ देती हूँ।”

यह प्रकल्प गुरु और शिष्य के मध्य आध्यात्मिक शिक्षा का सृजन करता है और छात्रों के लिए यह मूल्य विकसित करता है कि गुरु के मार्गदर्शन के बिना प्रगति की संभावना नहीं है। साथ ही, शिक्षकों के तीन प्रमुख गुण—शिष्टाचार, क्षमाशीलता और कर्तव्यनिष्ठा—को आत्मसात कर छात्र एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्राओं ने आयोजन की सराहना की और इसे स्मरणीय अनुभव बताया।

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