प्रदेश के हर मंडल में बनेगी ‘आदर्श गोशाला’
- July 20, 2025
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प्रत्येक मंडल से एक गोशाला और एक ब्लॉक को चयनित कर मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू प्रथम चरण में अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, चित्रकूट,
प्रत्येक मंडल से एक गोशाला और एक ब्लॉक को चयनित कर मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू प्रथम चरण में अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, चित्रकूट,
प्रत्येक मंडल से एक गोशाला और एक ब्लॉक को चयनित कर मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू
प्रथम चरण में अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, चित्रकूट, बरेली, आगरा, कानपुर, झांसी में बनेंगी 8 आत्मनिर्भर गोशालाएं
मुख्यमंत्री के ग्राम-ऊर्जा मॉडल से बदल जाएगी गांवों की सूरत
पहले की सरकारों ने की जिसकी उपेक्षा, योगी सरकार में उन्हीं से बन रहा तरक्की का रास्ता
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा लाभ, गोशालाओं से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी
बरेली की गोशाला बनेगी मॉडल, खंगवा श्याम सृष्टि मंगलम् गोशाला प्रदेश के लिए मिसाल बनेगी
योगी सरकार का गो-कल्याण पर फोकस, पशुपालन और गो-संरक्षण को बढ़ावा देने की बड़ी पहल
Jagrat Times, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर मंडल में ‘आदर्श गोशाला’ बनाने का फैसला किया है। इसके तहत प्रथम चरण में आठ मंडलों में एक गोशाला को आत्मनिर्भर और एक ब्लॉक को प्राकृतिक खेती हेतु चयनित कर मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह योजना गो-संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
8 मंडलों की 8 गोशालाओं का चयन कर जल्द ही कार्य योजना को साकार किया जाएगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के प्रथम चरण में 8 मंडलों की 8 गोशालाओं को ‘आदर्श गोशाला’ के रूप में चुना जा रहा है। इनमें अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, चित्रकूट, बरेली, आगरा, कानपुर और झांसी शामिल हैं। इन गोशालाओं को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
बरेली की ‘खंगवा श्याम सृष्टि मंगलम् गोशाला’ बनेगी पहली आदर्श आत्मनिर्भर गोशाला
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बरेली मंडल के मझगवां ब्लॉक स्थित “खंगवा श्याम सृष्टि मंगलम् गोशाला” को प्रदेश की पहली आदर्श गोशाला घोषित किया गया है। इसमें इंटर-लॉक्ड वेस्ट-फ्री शेड डिजाइन अपनाया जाएगा, जिससे चारे की बर्बादी में कमी आएगी। यहां से मंडल-स्तरीय आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल की शुरुआत हुई है।
गो-आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ग्राम-ऊर्जा मॉडल’ के तहत गोशालाओं को ग्रामीण विकास का केंद्र बनाया जाएगा। मझगवां ब्लॉक को पूरी तरह गो-आधारित प्राकृतिक कृषि क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे किसानों को रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
महिलाओं और युवाओं को जोड़कर सशक्तिकरण
योगी सरकार की योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को गोशालाओं से जोड़ा जाएगा। महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और गो-आधारित उत्पादों से आय अर्जित करने में मदद मिलेगी।
पूर्व सरकारों की उपेक्षा के बाद योगी सरकार में नई पहल
उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि पहले की सरकारों द्वारा गो-संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर अब इसे प्राथमिकता मिल रही है। गोशालाओं के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
इस योजना के तहत गोशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जाएगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि गो-संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।