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प्रचंड गर्मी और मॉनसून में भी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही योगी सरकार

  • July 1, 2025
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फरवरी व अक्टूबर को “अनुरक्षण माह” घोषित कर यूपी की विद्युत व्यवस्था को बनाया गया फूलप्रूफ प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और प्रबंधन के चलते पर्वों और विशेष अवसरों

प्रचंड गर्मी और मॉनसून में भी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही योगी सरकार

फरवरी व अक्टूबर को “अनुरक्षण माह” घोषित कर यूपी की विद्युत व्यवस्था को बनाया गया फूलप्रूफ

प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और प्रबंधन के चलते पर्वों और विशेष अवसरों पर भी बिजली कटौती जैसी स्थिति नहीं हुई उत्पन्न

अनुरक्षण माह से बिजली व्यवस्था को मिली मजबूती, न्यूनतम व्यवधान के साथ गर्मी-मॉनसून में जारी है बिजली आपूर्ति

Jagrat Times, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भीषण गर्मी और मॉनसून के मौसम में प्रदेशवासियों को अंधेरे से बचाने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। प्रदेश में पहली बार फरवरी और अक्टूबर को “अनुरक्षण माह” के रूप में घोषित कर व्यापक स्तर पर बिजली व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत फरवरी 2025 में प्रदेश भर में कुल 3.70 लाख से अधिक अनुरक्षण कार्य पूरे किए गए, जिससे गर्मी और मॉनसून के मौसम में न्यूनतम व्यवधान के साथ निर्बाध और गुणवत्तापरक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकी।

पर्वों और पीक सीजन में भी नहीं हुई कटौती
यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने न सिर्फ बढ़ती बिजली मांग को पूरा किया है, बल्कि आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को भी नए मानक दिए हैं। अनुरक्षण माह की यह पहल प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। डॉ. गोयल के अनुसार, इस सुदृढ़ तैयारी की बदौलत ग्रीष्मकाल 2024-25 में सभी क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। पर्वों और विशेष अवसरों पर भी बिजली कटौती जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, जो प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। अनुरक्षण कार्यों में विद्युत लाइनों/ट्रांसफॉर्मर का मेंटीनेंस, ट्रांसफॉर्मर की जांच, पोल बदलना जैसे कार्य सम्मिलित होते हैं।

हर डिस्कॉम में चला युद्धस्तरीय अनुरक्षण अभियान
प्रदेश के सभी डिस्कॉम – मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल, पूर्वांचल और केस्को – में फरवरी माह के दौरान विद्युत प्रणाली को मजबूती देने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कराए गए। इन कार्यों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

33/11 केवी स्विचयार्ड अनुरक्षण – 4,308 कार्य

पावर ट्रांसफॉर्मर से जुड़े कार्य – 5,935

11 केवी सर्किट ब्रेकर सुधार – 13,414

33 केवी लाइन अनुरक्षण – 5,049

11 केवी लाइन कार्य – 24,969

डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर संबंधित कार्य – 1,26,365

एलटी लाइन अनुरक्षण – 1,90,417

मध्यांचल में हुए सबसे ज्यादा कार्य
सबसे अधिक 1,99,032 अनुरक्षण कार्य मध्यांचल-लखनऊ में पूरे किए गए। इसके अलावा, पश्चिमांचल-मेरठ में – 62,978 कार्य, दक्षिणांचल-आगरा में 56,658 कार्य, पूर्वांचल-वाराणसी में 48,756 कार्य, केस्को-कानपुर में 3,033 कार्य कराए गए। इन कार्यों की बदौलत पूरे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

ट्रांसफॉर्मर क्षति दर में लगातार कमी, सिस्टम हुआ और मजबूत
प्रदेश में ट्रांसफॉर्मर डैमेज दर में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। 2024-25 में मार्च 2025 तक कुल 2,51,998 डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (100 केवीए या अधिक क्षमता वाले) लगाए गए, जिनमें से केवल 11.19% (28,190 ट्रांसफॉर्मर) ही क्षतिग्रस्त हुए। यह दर पिछले वर्षों की तुलना में कहीं बेहतर है। 2023-24 में 14.02% और 2022-23 में यह 16.54% रही थी। यह गिरावट दर्शाती है कि अनुरक्षण माह के तहत की गई पहलें वाकई व्यावहारिक और प्रभावशाली रही हैं।

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