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“इंसान ठान ले तो कुछ भी कर सकता है” – श्रेय कौशिक की प्रेरणादायक यात्रा

  • June 30, 2025
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यह महज एक पंक्ति नहीं, बल्कि हकीकत बनकर सामने आई है राजस्थान के जोधपुर के युवा उद्यमी श्रेय कौशिक के जीवन में।कभी एक साधारण ज़िंदगी जीने वाले श्रेय

“इंसान ठान ले तो कुछ भी कर सकता है” – श्रेय कौशिक की प्रेरणादायक यात्रा

यह महज एक पंक्ति नहीं, बल्कि हकीकत बनकर सामने आई है राजस्थान के जोधपुर के युवा उद्यमी श्रेय कौशिक के जीवन में।
कभी एक साधारण ज़िंदगी जीने वाले श्रेय आज अपनी मेहनत, लगन और जुनून से लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।

सपनों की उड़ान की शुरुआत

Jagrat Times, Kanpur/ कॉमर्स ग्रेजुएट और MBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रेय का जीवन भी बाकी आम युवाओं की तरह ही था – एक अच्छी नौकरी, अच्छा घर और एक साधारण सी ज़िंदगी।
लेकिन समय ने उन्हें उनके असली पैशन से रूबरू करवाया। कॉलेज के दिनों से ही गाड़ियों और बाइक राइडिंग का जुनून रखने वाले श्रेय ने कभी नहीं सोचा था कि यही उनका भविष्य बनेगा।

करियर की विविध राहें

अपने करियर की शुरुआत एक फिश स्टार्टअप से करने के बाद, श्रेय ने सोलर एनर्जी के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने राजस्थान में कई बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे किए। इसके बाद अपनी खुद की सोलर कंपनी “अर्थ ऑन” की स्थापना की।

कोविड-19 के दौरान जब सारा काम ठप हो गया, तब श्रेय ने समाज सेवा की राह चुनी। सड़कों पर निकलकर ज़रूरतमंद लोगों और आवारा पशुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की।

यही वो दौर था जब उन्हें अपनी महंगी गाड़ियों के ज़रिए हर जगह लोगों का ध्यान मिलता रहा। उनकी हायाबुसा, हार्ले डेविडसन, निंजा 650R, बीएमडब्ल्यू, रेंज रोवर, फॉर्च्यूनर, एंडेवर, और जीप जैसी गाड़ियों ने लोगों में कौतूहल पैदा किया।

यहीं से जन्म हुआ – Dream Customs India का

श्रेय ने महसूस किया कि गाड़ियों के प्रति लोगों की दीवानगी बहुत ज्यादा है, लेकिन हर कोई महंगी गाड़ियां अफोर्ड नहीं कर सकता।
यहीं से शुरू हुआ “Dream Customs India” – राजस्थान का पहला और इकलौता कस्टमाइज़ेशन स्टूडियो, जहां दो पहिया, चार पहिया, विंटेज, स्पोर्ट्स, ओपन जीप, कमर्शियल व्हीकल्स और यहां तक कि स्टार्टअप वैन – सब कुछ एक ही छत के नीचे डिज़ाइन होता है।

सफलता की रफ्तार

तकनीकी बैकग्राउंड के बिना, महज़ अपनी क्रिएटिव सोच और मेहनत से श्रेय ने सिर्फ 3 साल में 25+ कस्टम गाड़ियां तैयार कीं।
उनकी खुद की डिजाइन की गई जीप “रफ्तार” के लिए उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी से सराहना भी मिली।

इसके अलावा उन्होंने लैंबॉर्गिनी, मस्टैंग, विंटेज जीप, फूड वैन, कमर्शियल क्रेन व्हीकल जैसे अनगिनत प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
कम बजट वाले स्टार्टअप्स के लिए खास फूड वैन प्रोजेक्ट ने उन्हें स्किल इंडिया और उद्यमी योजना के प्रति सहयोगी बना दिया।

अंतरराष्ट्रीय पहचान और रिकॉर्ड्स

श्रेय के काम को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया।
उन्हें अनेकों अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया है।
सिर्फ यही नहीं, तीन साल में 25+ गाड़ियां कस्टम बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।
30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके इंटरव्यू और स्टोरीज़ प्रकाशित हो चुकी हैं।

परिवार ही असली ताकत

श्रेय आज भी अपने जीवन की हर सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और पत्नी को देते हैं।
उनका मानना है कि परिवार का समर्थन ही उनकी असली ताकत है।

नई उपलब्धियां – वर्ल्ड की पहली Replica Bugatti Centodieci

हाल ही में श्रेय ने दुनिया की पहली Replica Bugatti Centodieci डिजाइन की है, जो उनके क्रिएटिव टैलेंट का एक नया उदाहरण है।

अभी सफर बाकी है…

आज श्रेय अर्थ लिंक , अर्थ ऑन कंपनी और ड्रीम कस्टम्स इंडिया के नए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
उनका यही कहना है:

“अगर ठान लो तो कुछ भी किया जा सकता है…”

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