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दिल्ली की सात वर्षीय योगिनी वान्या शर्मा अंतरराष्ट्रीय मंच पर करेंगी अपने कौशल का प्रदर्शन

  • June 29, 2025
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-3rd UYSF एशिया पैसिफिक योग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025 में भारत से करेंगी प्रतिनिधित्व -तीन सितम्बर को मलेशिया में होने वाली प्रतियोगिता के लिए कर रहीं हैं जमकर योगाभ्यास

दिल्ली की सात वर्षीय योगिनी वान्या शर्मा अंतरराष्ट्रीय मंच पर करेंगी अपने कौशल का प्रदर्शन

-3rd UYSF एशिया पैसिफिक योग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025 में भारत से करेंगी प्रतिनिधित्व

-तीन सितम्बर को मलेशिया में होने वाली प्रतियोगिता के लिए कर रहीं हैं जमकर योगाभ्यास

Jagrat Times, नई दिल्ली : छोटी सी उम्र में लगातार अपने प्रदर्शन और हुनर से मील का पत्थर स्थापित कर रहीं वान्या शर्मा एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली शहर की सात वर्षीय योग साधिका वान्या शर्मा का चयन 3rd UYSF एशिया पैसिफिक योग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025 के लिए हुआ है।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता आगामी 3 सितम्बर 2025 को मलेशिया में आयोजित की जाएगी, जहां वान्या आर्टिस्टिक योग व ट्रेडिशनल (गर्ल्स) श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। दिल्ली के एस.डी. पब्लिक स्कूल, पीतमपुरा में पढ़ने वाली वान्या महज़ तीन वर्ष की उम्र से योग कर रही हैं। आज वह अपनी अद्भुत लचीलापन, कठिन योग मुद्राओं और मंच पर आत्मविश्वास के लिए प्रसिद्ध हैं।

14 विश्व रिकॉर्ड वान्या के नाम

वान्या अब तक 100 से अधिक पुरस्कार और 14 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार भारत का नाम रोशन किया है। वान्या ने 14 जून 2025 को आयोजित ऑनलाइन चयन प्रतियोगिता में अपनी शानदार प्रस्तुति से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वान्या 2 सितम्बर को मलेशिया रवाना होंगी और 5 सितम्बर को स्वदेश लौटेंगी। आयोजकों ने यात्रा, आवास और कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही साझा करने का आश्वासन दिया है।

भारत को अपनी इस नन्हीं योगिनी पर गर्व

UYSF इंटरनेशनल की कार्यकारी समिति सदस्य ज्योति पाल और फेडरेशन के अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार जी ने वान्या को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वान्या का यह चयन न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारत में योग खेलों की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक भी है।भारत को अपनी इस नन्ही योगिनी पर गर्व है, जो अपनी कला और निष्ठा से देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर रही है।

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