किसानों को ऊर्जा संपन्न बना रही योगी सरकार
- June 25, 2025
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8 वर्षों में 3.75 लाख से अधिक नलकूपों को मिला बिजली कनेक्शन पूर्ण जमा योजना, लघु सिंचाई योजना और कृषि पोषक निर्माण से सिंचाई को मिली ऊर्जा 2022-25
8 वर्षों में 3.75 लाख से अधिक नलकूपों को मिला बिजली कनेक्शन पूर्ण जमा योजना, लघु सिंचाई योजना और कृषि पोषक निर्माण से सिंचाई को मिली ऊर्जा 2022-25
8 वर्षों में 3.75 लाख से अधिक नलकूपों को मिला बिजली कनेक्शन
पूर्ण जमा योजना, लघु सिंचाई योजना और कृषि पोषक निर्माण से सिंचाई को मिली ऊर्जा
2022-25 में 2.08 लाख नलकूपों का हुआ ऊर्जीकरण, सबसे अधिक 2024-25 में दिए गए कनेक्शन
सामान्य योजना के अंतर्गत भी 1.66 लाख से ज्यादा किसानों को मिला लाभ
Jagrat Times, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के अन्नदाता किसानों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण पर विशेष फोकस किया है। इसी क्रम में बीते आठ वर्षों में प्रदेश के लगभग 3.75 लाख किसानों को उनके निजी नलकूपों के लिए बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकार ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को उन्नत करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।
हर साल कनेक्शन की संख्या में निरंतर वृद्धि
वर्ष 2022 से 2025 के बीच केवल तीन वर्षों में ही पूर्ण जमा योजना और मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत 2.08 लाख से अधिक निजी नलकूपों को विद्युत संयोजन दिया गया है। इन वर्षों में हर साल कनेक्शन की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे साफ है कि किसानों की भागीदारी और योजना की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और पश्चिमांचल के चारों वितरण निगमों के माध्यम से प्रदेश के कोने-कोने तक यह सुविधा पहुंचाई गई है।
सामान्य योजना के आवेदकों को दिया विकल्प
सरकार ने वर्ष 2017 से 2020 तक सामान्य योजना के अंतर्गत भी 1.66 लाख से अधिक निजी नलकूपों को बिजली से जोड़ा है। इस योजना के माध्यम से शुरुआती वर्षों में बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिला। हालांकि 2020-21 के बाद इस योजना को स्थगित कर दिया गया, फिर भी पहले से जुड़े किसानों को पूरी सुविधा प्रदान की गई। वहीं, उन किसानों को भी विकल्प दिया गया है जिन्होंने आंशिक धनराशि जमा की थी। वे चाहें तो शेष राशि जमा कर संयोजन ले सकते हैं या जमा की गई धनराशि की वापसी का विकल्प चुन सकते हैं। इस योजना से जुड़े 6269 ऐसे आवेदकों, जिन्होंने आंशिक धनराशि जमा की थी में से 2863 किसान विकल्प चुन चुके हैं।
समर्पित कृषि पोषकों का किया जा रहा निर्माण
केवल कनेक्शन ही नहीं, सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि खेती के लिए गुणवत्तापरक और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो। इसी उद्देश्य से ग्रामीण मिश्रित बिजली लाइनों से कृषि कार्य को अलग करते हुए समर्पित कृषि पोषकों का निर्माण किया जा रहा है। इन कृषि पोषकों के माध्यम से किसानों को उनके खेतों तक विशेष लाइन से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बत्ती-पंखा कनेक्शनों और घरेलू आपूर्ति से कृषि कार्य प्रभावित न हो। अभी तक सरकार लगभग 3868 कृषि पोषकों का निर्माण कर चुकी है, जो कि लक्ष्य का बड़ा हिस्सा है। इनमें पूर्व की योजनाओं, एडीबी वित्त पोषित योजना और आरडीएसएस योजना के तहत हुए निर्माण शामिल हैं।
किसानों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास
उत्तर प्रदेश पावर कर्पोरेशन लि. (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन डॉ आशीष कुमार गोयल ने बताया कि अन्नदाता किसानों को समर्पित योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सिंचाई की सुविधा को सुलभ करने में एक निर्णायक भूमिका निभाई है। निजी नलकूपों को बिजली से जोड़कर सरकार और कॉर्पोरेशन ने खेतों में हरियाली और किसानों के जीवन में स्थायित्व व समृद्धि लाने का कार्य किया है। यह प्रयास प्रदेश के कृषि भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है।
पूर्ण जमा योजना और मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत वर्षवार दिए गए कनेक्शन
2022-23: 59,409 कनेक्शन
2023-24: 69,080 कनेक्शन
2024-25: 97,769 कनेक्शन
डिस्कॉमवार वितरण आंकड़े
पूर्वांचल डिस्कॉम: 61,659
मध्यांचल डिस्कॉम: 62,175
दक्षिणांचल डिस्कॉम: 50,720
पश्चिमांचल डिस्कॉम: 33,704
सामान्य योजना में साल दर साल संयोजन के आंकड़े
2017-18: 44,059
2018-19: 52,477
2019-20: 37,472
2020-21: 32,127