कान्हा का सेहरा सुहाना लगता हैं पर झूमें भक्त बाराती
- May 26, 2025
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-भक्तों के नृत्य के बीच कान्हा की चली बारात-श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान का जयमाल-वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र अवस्थी का सम्मान-भक्तों कतारबद्ध होकर पूजे भगवान के पाव Jagrat Times,
-भक्तों के नृत्य के बीच कान्हा की चली बारात-श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान का जयमाल-वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र अवस्थी का सम्मान-भक्तों कतारबद्ध होकर पूजे भगवान के पाव Jagrat Times,
-भक्तों के नृत्य के बीच कान्हा की चली बारात
-श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान का जयमाल
-वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र अवस्थी का सम्मान
-भक्तों कतारबद्ध होकर पूजे भगवान के पाव

Jagrat Times, कानपुर। कान्हा का सेहरा सुहाना लगता है जैसे यह भजन मंचासीन कलाकरों ने गाना प्रारंभ किया। भक्त बाराती पूरी तरह से मस्त होकर झूमने लगे। बारातियों को नियंत्रित करने के लिए आयोजक दीपक त्रिपाठी को खुद बारात की कमान संभाली पड़ी। भक्ति भावना में लीन बाराती भगवान की शादी में शामिल होने के लिए खूब बन संवरकर आएं थे।

गाजे-बाजे के साथ चली कान्हा की बारात
व्यास गद्दी पर आसीन कथावाचक शैलेन्द्रदास जी महाराज ने जैसे ही रूकमणी व कान्हा विवाह की कथा का विवरण सुनाना प्रारंभ किया। भक्त बारात के लिए उर्जावान हो गये। महाराज ने गद्दी से पूछा कौन-कौन भक्त बारात के लिए तैयार है। पूरा पंडाल जयकारे लगाने लगा।

विवाह के लिए रूकमणी संग पहंुचे कान्हा
विवाह कथा के दौरान ही भगवान रूकमणी के साथ बाबा सोमेश्वर धाम में आ गये। व्यास गद्दी के समीप भगवान को विराजमान कराया गया। सबसे पहले यजमान दीपक त्रिपाठी ने दोनों के पैर पूजकर विवाह का शुभारंभ किया। इसके बाद भक्त बारी-बारी भगवान के चरण पूजकर आशीर्वाद लेने लगे। इसी बीच मंचासीन कलाकारों ने विवाह गीत गाकर पूरा माहौल शादीमय कर दिया।

समाजसेवी दीपक ने संभाली बारात की कमान
विवाह की रीति-रिवाज के बीच भगवान ने मां रूकमणी को जयमाला डाला। जयमाल के दौरान उर्जावान भक्त धाम में जमकर नाचने लगे। बारातियों का उत्साहवर्धन के लिए मंचासीन भजन कलाकार अशोक ने भजनों के माध्यम से पूरा धाम भक्तिमय कर दिया। जो भक्त जहां था वहीं पर भक्ति में नाचने लगा।

समाजसेवी राजेन्द्र अवस्थी का सम्मान
भगवान के विवाह समारोह का हिस्सा बने वरिष्ठ समाजसेवी व रामेष्ट धाम के संस्थापक राजेन्द्र अवस्थी का कथा व्यास शैलेन्द्र दास जी महाराज ने अंगवस्त्र पहानकर सम्मान किया। समाजसेवी ने कथावाचक से आशीर्वाद लेकर कान्हा और रूकमणी के विवाह में शामिल हुआ और उनसे भी आशीर्वाद लिया।

विवाह समारोह के भव्य आरती
भगवान के विवाह समारोह के बाद सभी भक्तों ने भगवन की चरण वंदना करके भव्य आरती की। आचार्य विवेक ने मंत्रों उच्चारण के साथ आरती का गायक करके सभी भक्तों से आरती करायी। इसके उपरांत भक्तों को कतारबद्ध करते प्रसाद वितरण किया गया। गर्मी को देखते हुए आयोजक अमित पाठक ने आज विवाह समारोह के उपलक्ष्य में ठंडा शर्बत वितरण की अतिरिक्त व्यवस्था करायी थी।
