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मैं और मेरा से बनाएं दूरी, होगा बेड़ा पार-शैलेन्द्रदास जी महाराज

  • May 23, 2025
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-मेरे दो ही रिश्तेदार भजन पर जमकर झूमे भक्तश्रीमद् भागवत कथा में अतिथियों का सम्मान-निर्धारित समय में आरती-प्रसाद वितरण-समाजसेवी दीपक ने जताया आभारJagrat Times, कानपुर। कथा के तीसरे

मैं और मेरा से बनाएं दूरी, होगा बेड़ा पार-शैलेन्द्रदास जी महाराज

-मेरे दो ही रिश्तेदार भजन पर जमकर झूमे भक्त
श्रीमद् भागवत कथा में अतिथियों का सम्मान
-निर्धारित समय में आरती-प्रसाद वितरण
-समाजसेवी दीपक ने जताया आभार

Jagrat Times, कानपुर। कथा के तीसरे दिन गुरूवार को कथावाचक पंडित शैलेन्द्रदास जी महाराज ने बताया कि भगवान के निकट आना आसान नहीं है। मोह-माया से दूरी तथा मैं और मेरा शब्दों को हमेशा के लिए जीवन से निकालना होगा। भगवत भजन के लिए जीवन में बदलाव जरूरी है। तपस्या और त्याग ही मनुष्य को भगवान के समीप ले जा सकता है। कथावाचक ने कहा कि कथा श्रवण मात्र से उद्धार संभव नहीं है। कथा के शब्दों को जीवन में उतारना होगा। कलयुग में कथा श्रवण होना या कराना ही सिर्फ भगवान की कृपा पर संभव है। पंडाल तक कथा श्रवण के लिए आने वाले भक्तों पर सिर्फ भगवान का आर्शीवाद है। तभी वे यहां तक आ रहे हैं। वरना कथा का एक शब्द भी आपको सुनना संभव नहीं होगा। महाराज ने कथा के दौरान भक्त प्रहलाद की भक्ति को विस्तृत से बताया। कथा सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गये।

मेरे दो ही रिश्तेदार भजन पर झूमे भक्त
कथा में डूबे भक्तों को जैसे ही महाराज ने भजन मेरे दो ही रिश्तेदार सुनाना शुरू किया। भक्त अपने आप को रोक न सके। देखते ही देखते पूरे पंडाल में भक्त अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर नृत्य करने लगे। भजन में चार-चांद लगाने के लिए मंच पर नाल और पैड टीम के कलाकार मौजूद थे।

कथा श्रवण में आने वाले भक्तों का सम्मान
बाबा सोमेश्वर धाम प्रांगड़ में कथा श्रवण को आएं विशेष अतिथियों का आयोजक अमित पाठक ने महाराज से सम्मान कराया। महाराज ने महिला भक्तों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। भक्तों ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि बिहारी जी के समक्ष उन्होंने यह सम्मान दिया गया। भक्तों ने कहा कि यह हमारे लिए न भूलने वाला पल है। जीवन भर यह क्षण हमेशा याद रहेगा।

सहयोगियों का दीपक ने जताया आभार
श्रीमद् भागवत कथा आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समाजसेवी दीपक त्रिपाठी ने कार्यक्रम में विशेष सहयोग करने वाले सहयोगियों का आभार जताया। त्रिपाठी ने कहा कि आज कथा सफलता पूर्वक सम्पन्न हो रही है। इसमें स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि मूझे आशा नहीं पूर्व विश्वास है कि सभी सहयोगी हमारे ताकत बनकर यह प्रोग्राम पूरी तरह सफल करायेंगे।

आरती व प्रसाद वितरण
पूर्व निर्धारित समय पर कथा का समापन कर आचार्य विवेक ने माइक में आरती गायक प्रारंभ किया। आरती के साथ भक्तों ने बारी-बारी बांकेबिहारी की आरती की। इसके उपरांत व्यवस्था को सामान्य रखने के लिए आयोजकों ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था मुख्य द्वार पर कर दी। भक्त कतार से निकले और प्रसाद लेकर घर को पलायन कर गये। महाराज ने आज भगवान कृष्ण जन्मोत्सव की जानकारी दी।

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