Jagrat Times, ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में 48 एकड़ भूखंड पर सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना होगी। मोदी कैबिनेट के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का रास्ता साफ हो गया है, जो राज्य को आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। फॉक्सकॉन और एचसीएल के संयुक्त उपक्रम, वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट्स (दिल्ली प्रा. लि.) के माध्यम से लगने वाली इस यूनिट से लगभग 2000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 के तहत यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने 1 मार्च 2025 को भूखंड संख्या ई-1 के नियोजन को मंजूरी दी थी। इसके बाद, 6 मार्च 2025 को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया। कैबिनेट की मंजूरी के साथ यह परियोजना अब भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट के रूप में आकार लेगी, जो जेवर एयरपोर्ट के समीप स्थापित होगी
इस यूनिट में कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स, सिलिकॉन फोटोनिक्स, सेंसर फैब, डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर्स, और आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली व टेस्ट (OSAT) का उत्पादन होगा। यह यूनिट प्रतिमाह 3.6 करोड़ डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन करेगी, जो मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइस, और रक्षा उपकरणों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट स्थापित होने वाली यह सेमीकंडक्टर यूनिट यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति देगी। यीडा क्षेत्र में पहले से मेडिकल डिवाइस पार्क और टॉय पार्क जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, और अब सेमीकंडक्टर यूनिट के साथ यह क्षेत्र भारत के तकनीकी और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।