लोग डॉक्टर को भगवान मानते हैं, इस विश्वास को कायम रखना मेरा कर्तव्य : डॉक्टर मधुलिका शुक्ला
April 12, 2025
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-होम्योपैथिक दिवस पर नूतन होम्योपैथिक क्लीनिक व प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन -शुगर, बीपी, कैल्शियम, थायराइड और वजन से संबंधित समस्या
-होम्योपैथिक दिवस पर नूतन होम्योपैथिक क्लीनिक व प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
-शुगर, बीपी, कैल्शियम, थायराइड और वजन से संबंधित समस्या से ग्रसित हर मरीज को गंभीरता से देखते हुए आवश्यक दवाएं और महत्वपूर्ण परामर्श दिए गए
jagrat Times, कानपुर : अपनी जीविका चलाने के लिए हर इंसान कोई न कोई काम तो जरूर कर रहा है पर कुछ काम ऐसे है जिनको करने से मानव सेवा करने का अद्भुत व स्वर्णिम मौका भी मिलता है। निस्वार्थ भाव से मानव सेवा करने का अनमोल प्रोफेशन है चिकित्सा। और इस काम को बखूबी निस्वार्थ भाव से लगातार कर रहीं हैं कानपुर की मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मधुलिका शुक्ला। चिकित्सा जगत में रोज नए आयाम लिख रहीं डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने 10 अप्रैल को कानपुर में होम्योपैथिक दिवस पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। नूतन होम्योपैथिक क्लीनिक और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक तुलसी नगर, निकट ओम चौराहा के पास शिव ज्ञान सरोवर हास्टल में आयोजित हुए इस शिविर में सैकड़ों लोगों ने इसका लाभ उठाया। डॉक्टर मधुलिका शुक्ला ने शुगर, बीपी, कैल्शियम, थायराइड और वजन से संबंधित समस्या से ग्रसित हर मरीज को गंभीरता से देखते हुए उन्हें आवश्यक दवाएं और महत्वपूर्ण परामर्श दिए।
इस मौके पर डॉक्टर मधुलिका ने होम्योपैथिक के जनक डॉक्टर हैनीमैन की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होम्योपैथी में दिन प्रतिदिन विश्वास इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि यह पूरी तरह से सुरक्षित और इससे किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि यह पूरी तरह से भ्रांति ही है कि होम्योपैथिक उपचार में बहुत समय लगता है यानी होम्योपैथिक दवा देर से असर करती है। यह पूरी तरह से गलत है। होम्योपैथिक दवाएं बिना किसी हार्ड केमिकल के नेचुरल बनाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह हमारे शरीर में इम्यूनिटी पावर यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है जिससे रोग आसानी से ठीक होने के साथ ही जड़ से खत्म हो जाते हैं और फिर दोबारा कभी नहीं उभरकर आते हैं। अपनी बात को खत्म करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोग हमें भगवान का दर्जा देते हैं तो उनके इस विश्वास को हर कीमत में नहीं टूटने देना मेरी तरह हर डॉक्टर का कर्तव्य है। इसीलिए मैं निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा कर अपने प्रोफेशन के साथ सौ फीसदी न्याय करने का हमेशा भरसक प्रयास करती हूं।